कहानी "आजाद-कथा" में मिस क्लारिसा आजाद को साइबेरिया भेजने के बाद अपने वतन की ओर रवाना होती है। रास्ते में एक नदी के किनारे पड़ाव डालती है, जहाँ उसे वहाँ की खूबसूरत आब-हवा भाती है। एक दिन उसे पता चलता है कि उसके खेमे के सामने एक बड़ा खेमे में एक रईसजादी बैठी है, जो बेहद सुंदर है। क्लारिसा की लौंडी जब उस रईसजादी के पास जाती है, तो वह भी उसकी खूबसूरती से प्रभावित होती है। वह रईसजादी, जिसे मीडा कहा जाता है, क्लारिसा से पहले से ही द्वेष रखती है क्योंकि उसने आजाद को साइबेरिया भेजा है। मीडा अपने दिल में क्लारिसा की हत्या की योजना बनाती है, लेकिन पहले वह नरमी से बात करने का निर्णय लेती है। क्लारिसा और मीडा की बातचीत में, क्लारिसा अपनी दुखभरी कहानी सुनाती है, जिसमें वह एक व्यक्ति की मौत के दुःख का जिक्र करती है, जो उसकी जिंदगी को और भी दुखद बना दिया है। कहानी का यह भाग रहस्य और गहरी भावनाओं से भरा है, जिसमें बदला, दुश्मनी और व्यक्तिगत दुःख शामिल हैं। आजाद-कथा - खंड 2 - 76 Munshi Premchand द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 2.7k Downloads 8.5k Views Writen by Munshi Premchand Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण आजाद को साइबेरिया भेज कर मिस क्लारिसा अपने वतन को रवाना हुई और रास्ते में एक नदी के किनारे पड़ाव किया। वहाँ की आब-हवा उसको ऐसी पसंद आई कि कई दिन तक उसी पड़ाव पर शिकार खेलती रही। एक दिन मिस-कलरिसा ने सुबह को देखा कि उसके खेमे के सामने एक दूसरा बहुत बड़ा खेमा खड़ा हुआ है। हैरत हुई कि या खुदा, यह किसका सामान है। आधी रात तक सन्नाटा था, एकाएक खेमे कहाँ से आ गए! एक औरत को भेजा कि जा कर पता लगाए कि ये कौन लोग है। वह औरत जो खेमे में गई तो क्या देखती है कि एक जवाहिरनिगार तख्त पर एक हूरों को शरमाने वाली शाहजादी बैठी हुई है। देखते ही दंग हो गई। जा कर मिस क्लारिसा से बोली - हुजूर, कुछ न पूछिए, जो कुछ देखा, अगर ख्वाब नहीं तो जादू जरूर है। ऐसी औरत देखी कि परी भी उसकी बलाएँ ले। Novels आजाद-कथा - खंड 2 मियाँ शहसवार का दिल दुनिया से तो गिर गया था, मगर जोगिन की उठती जवानी देख कर धुन समाई कि इसको निकाह में लावें। उधर जोगिन ने ठान ली थी कि उम्र भर शादी न... More Likes This माई डियर प्रोफेसर - भाग 21 द्वारा Vartika reena The Billionaire Werewolf's Obsession - 1 द्वारा Sipra Mohanty मेरा बच्चा... लौटा दो... द्वारा Wajid Husain प्रेम शाश्वतं, मृत्यु शाश्वतः - प्रलोग द्वारा Vartika reena Hero - 1 द्वारा Ram Make I am curse not Villainess - 1 द्वारा Sukh Preet The Deathless and His Shadow - 1 द्वारा Dewy Rose अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी