इस कहानी में, मिस क्लारिसा एक आराम-कुर्सी पर बैठी हैं, जबकि मियाँ आजाद कैद में हैं और हुस्नआरा को याद कर रहे हैं। उन्हें बुलाया जाता है और क्लारिसा उनसे पूछती हैं कि क्या उनका मिजाज ठीक है। आजाद अपनी स्थिति को स्वीकार करते हैं और क्लारिसा बताती हैं कि वजीर के आदेश पर उन्हें साइबेरिया भेजा जा रहा है, लेकिन वह उन्हें छोड़ने की इच्छा रखती हैं। फौज के अफसर आजाद को सरहद पर ले जाने का आदेश देते हैं। रास्ते में, एक सिपाही बताता है कि आजाद की जान बचाने का एक ही तरीका है कि उनके साथी सिपाही उन्हें छोड़ दें। आजाद इस पर आश्चर्य करते हैं, लेकिन सिपाही उनकी युवा अवस्था पर तरस खाते हैं। तीसरे दिन, आजाद साइबेरिया जाने के लिए तैयार होते हैं, और जब वह घोड़े पर सवार होते हैं, तो हजारों लोग उनके लिए अफसोस व्यक्त करते हैं, और कई महिलाएं आँसू पोंछ रही हैं। एक महिला अफसर से कहती है कि वह एक बहादुर आदमी को साइबेरिया भेजने का बड़ा गुनाह कर रहे हैं। कहानी में आजाद की कठिनाइयाँ, क्लारिसा की दुविधा, और आम जनता की सहानुभूति को दर्शाया गया है। आजाद-कथा - खंड 2 - 70 Munshi Premchand द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 3.2k Downloads 11.7k Views Writen by Munshi Premchand Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण शाम के वक्त हलकी-फुलकी और साफ-सुथरी छोलदारी में मिस क्लारिसा बनाव-चुनाव करके एक नाजुक आराम-कुर्सी पर बैठी थी। चाँदनी निखरी हुई थी, पेड़ और पत्ते दूध में नहाये हुए और हवा आहिस्ता-आहिस्ता चल रही थी! उधर मियाँ आजाद कैद में पड़े हुए हुस्नआरा को याद करके सिर धुनते थे कि एक आदमी ने आ कर कहा - चलिए, आपको मिस साहब बुलाती हैं। आजाद छोलदारी के करीब पहुँचे तो सोचने लगे, देखें यह किस तरह पेश आती है। मगर कहीं साइबेरिया भेज दिया तो बेमौत ही मर जाएँगे। अंदर जा कर सलाम किया और हाथ बाँध कर खड़े हो गए। क्लारिसा ने तीखी चितवन कर कहा - कहिए मिजाज ठंडा हुआ या नहीं? Novels आजाद-कथा - खंड 2 मियाँ शहसवार का दिल दुनिया से तो गिर गया था, मगर जोगिन की उठती जवानी देख कर धुन समाई कि इसको निकाह में लावें। उधर जोगिन ने ठान ली थी कि उम्र भर शादी न... More Likes This K Pop मेरा पति - 1 द्वारा shreya उम्मीदों की छाँव - अध्याय 1 द्वारा mahendr Kachariya कोहरे का पुराना पुल और अंदर की आवाज - भाग 2 द्वारा Vishakha Pareek SHADOW'S WORLD - CHAPTER 1 द्वारा Ansul Fouzdar कालचक्रः धुंध में छुपा सच - 1 द्वारा Avinash कहानी एक लड़की की - भाग 1 द्वारा Vishakha Pareek The Dark Safehouse - 1 द्वारा Sipra Mohanty अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी