इस कहानी में स्वतंत्र भारत के पहले उप-प्रधान मंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेल द्वारा जमींदारी प्रथा के अंत और किसानों को भूमि का मालिकाना अधिकार देने के निर्णय का वर्णन है। पहले, जमींदार किसानों से मनमाना कर वसूलते थे, जिससे किसानों की स्थिति दयनीय हो जाती थी। किसानों को जमीन का अधिकार मिलने के बावजूद, उनकी भूमि छोटे-छोटे टुकड़ों में बिखरी हुई थी, जिससे उन्हें खेती करने और सिंचाई के लिए समस्याओं का सामना करना पड़ता था। इस समस्या का समाधान चकबंदी के माध्यम से किया गया, जिसमें किसानों की भूमि को एकत्रित किया गया और उन्हें एक ही स्थान पर जमीन दी गई। इससे किसानों को एकत्रित भूमि पर फसल उगाने में मदद मिली। वीरपुर गाँव में चकबंदी की प्रक्रिया शुरू हुई, जिसके लिए पटवारी और कानूनगो तीन साल तक गाँव में रहे। राम प्रसाद, जो थोड़े पढ़े-लिखे थे, लेकिन भूमि की पैमाइश में माहिर थे, को कानूनगो ने अपने साथ लिया। इस प्रकार, चकबंदी के माध्यम से किसानों की स्थिति में सुधार हुआ। चकबंदी Ved Prakash Tyagi द्वारा हिंदी लघुकथा 32.1k 2.2k Downloads 9.2k Views Writen by Ved Prakash Tyagi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण अंग्रेजों के शासन काल में कृषि भूमि जमींदारों के पास थी, किसान उसमे खेती करते थे और जमींदार किसानों से मनमाना कर वसूलते थे। जिस कारण किसानों की स्थिति सदैव ही दयनीय रहती थी। More Likes This पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी