इस कहानी में एक व्यक्ति अपने दाँत के दर्द की वजह से परेशान है। उसकी पत्नी पूछती है कि वह क्यों मुँह सुजाए बैठा है। वह बताता है कि उसे दाँत में दर्द हो रहा है, लेकिन पत्नी उसे याद दिलाती है कि उसके दाँत असली नहीं हैं, बल्कि मस्नूई हैं। वह व्यक्ति अपनी बात पर जोर देता है कि उसके बीस दाँतों में से नौ मस्नूई हैं जबकि बाकी असली हैं। पत्नी उसे विश्वास दिलाने की कोशिश करती है कि उसे उसके हर शब्द पर विश्वास नहीं है, क्योंकि हाल ही में उसने उसे बताया था कि वह सिनेमा नहीं गया था, जबकि उसकी कोट की जेब में सिनेमा का टिकट था। व्यक्ति सफाई देता है कि वह सिनेमा में एक दोस्त के साथ दो महीने पहले गया था और उसे फिल्मों में कोई दिलचस्पी नहीं है। पत्नी उसे याद दिलाती है कि उसके पास फुर्सत नहीं होती क्योंकि वह बच्चों को स्कूल भेजती है और फिर दिनभर व्यस्त रहती है। इस संवाद में हास्य और तर्क-वितर्क का मिश्रण है, जो दांपत्य जीवन की वास्तविकताओं को दर्शाता है। अक़ल-दाढ़ Saadat Hasan Manto द्वारा हिंदी लघुकथा 8.4k 4.7k Downloads 16.1k Views Writen by Saadat Hasan Manto Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण अक़ल-दाढ़ (सआदत हसन मंटो) “आप मुँह सुजाये क्यों बैठे हैं ” “भई दाँत में दर्द हो रहा है तुम तो ख़्वाह-मख़्वाह ” “ख़्वाह-मख़्वाह क्या आप के दाँत में कभी दर्द हो ही नहीं सकता” “वो कैसे ” “आप भूल क्यों जाते हैं कि आप के दाँत मस्नूई हैं जो असली थे वो तो कभी के रुख़स्त हो चुके हैं” “लेकिन बेगम भूलती तुम हो मेरे बीस दाँतों में सिर्फ़ नौ दाँत मस्नूई हैं बाक़ी असली और मेरे अपने हैं। अगर तुम्हें मेरी बात पर यक़ीन न हो तो मेरा मुँह खोल कर अच्छी तरह मुआइना कर लो।” Novels मंटो की बेख़ौफ़ कहानियां ये 1919-ई- की बात है भाई जान जब रौलट ऐक्ट के ख़िलाफ़ सारे पंजाब में एजीटेशन होरही थी। मैं अमृतसर की बात कररहा हूँ। सर माईकल ओडवायर ने डीफ़ैंस आफ़ इंडिया र... More Likes This एक डिवोर्स ऐसा भी - 1 द्वारा Alka Aggarwal पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी