कहानी "मुस्कान का खेल" में रोहित एक गंभीर मानसिक स्थिति का सामना कर रहा है। वह किसी से बात करने की कोशिश करता है, लेकिन उसकी बात सुनने वाला कोई नहीं है। घबराकर वह फोन फेंक देता है और अपनी भावनाओं को नियंत्रित नहीं कर पाता। संजय, जो उसका दोस्त है, उसकी मदद के लिए आता है। रोहित अपनी परेशानियों को साझा करता है और अपनी जिंदगी समाप्त करने की बात करता है। संजय उसे सांत्वना देता है और उसके आंसू पोंछता है। यह कहानी दोस्ती, समर्थन और मानसिक स्वास्थ्य की गंभीरता पर प्रकाश डालती है। मुस्कान का खेल Omprakash Kshatriya द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 3.5k 3.1k Downloads 13k Views Writen by Omprakash Kshatriya Category प्रेम कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण रोहित को पता नहीं था कि वह जो खेल खेल रहा है. वह उस के लिए जी का जंजाल बन जाएंगा. वह तो बस खेलता रहा. मगर यह उस का भ्रम था. उस के साथ कोई दूसरा यह खेल खेल रहा था यह पढ़ने के लिए कहानी पढ़े. More Likes This उभरा इश्क - 1 द्वारा Sonali Rawat पहला प्यार : अनकहा एहसास - भाग 1 द्वारा Himanshu Shukla तेरी मेरी कहानी - 1 द्वारा smita इस घर में प्यार मना है - 4 द्वारा Sonam Brijwasi अनोखी प्रेम कहानी - 1 द्वारा kuldeep Singh दो पतियों की लाडली पत्नी - 1 द्वारा Sonam Brijwasi घर से वापिसी - 1 द्वारा swati अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी