यह कहानी मुरारी की है, जो एक भ्रष्ट पटवारी, राजू पटवारी के खिलाफ कलेक्टर के पास शिकायत करने जाता है। मुरारी ने पटवारी से 12,000 रुपये की बात की, लेकिन पटवारी 20,000 रुपये की मांग कर रहा था, जिसमें कलेक्टर को भी हिस्सा देने की बात कर रहा था। मुरारी ने बिना डर के कलेक्टर को सारी बात बताई, जिससे कलेक्टर ने पटवारी को बुलाने का आदेश दिया। मुरारी की हिम्मत और सच्चाई के कारण उसे उम्मीद थी कि उसकी मेहनत रंग लाएगी। तहसीलदार ने मुरारी की बातों का विरोध किया, पर कलेक्टर ने उसे बोलने दिया। अंत में, मुरारी को उम्मीद थी कि उसका संघर्ष सफल होगा। शराबी पटवारी Omprakash Kshatriya द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 5.8k 2.6k Downloads 13.5k Views Writen by Omprakash Kshatriya Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण पटवारी के बारे में आम धारणा है कि वह बिना पैसे कोई काम नहीं करता है. किसी की हिम्मत नहीं है कि कोई उस की शिकायत करे . अन्यथा उसे ऐसा हथियार मिला हुआ है जिस से वह शिकायतकर्ता को चित कर सकता है. तब राजू पटवारी की शिकायत करने वाले के साथ क्या गुज़रा या आप इस कहानी में पढ़ सकते है. More Likes This मुक्त - भाग 13 द्वारा Neeraj Sharma मांई के मांई द्वारा Anant Dhish Aman हंटर - 2 द्वारा Ram Make अंधविश्वास - अंधेरा नहीं, सोच बदलो - 1 द्वारा Kaushik dave टूटता हुआ मन - भाग 1 द्वारा prem chand hembram अदृश्य त्याग अर्द्धांगिनी - 3 द्वारा archana क्या सब ठीक है - 1 द्वारा Narayan Menariya अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी