माई डियर प्रोफेसर

(33)
  • 156
  • 0
  • 13.4k

बहुत लंबे और थकान भरे दिन के बाद अगर जिंदगी में कहीं सुकून है तो वो है सिर्फ़ ये मसाला चाय! मैं अपने घर की बालकनी में एक खाट पर बैठी थी। पास में एक हुक्का रखा हुआ था जिसे मैं घूरे जा रही थी। मैंने हुक्का उठाया और एक डिब्बे में बंद करके रख दिया। आज ये मसाला चाय भी मुझे सुकून नहीं दे रही थी । कप से निकलती भाप मेरी भावनाओ कि तरह थी । जो जरा ताप पाकर मेरी आंखो से बाहर आ रही थी । मन के किसी कोने मे छुपी वो याद..आज उसके अचानक सामने आ जाने से सर उठाने लगी थी । मैने सामने देखा तो शाम के आसमान मे

1

माई डियर प्रोफेसर - भाग 1

-----------------बहुत लंबे और थकान भरे दिन के बाद अगर जिंदगी में कहीं सुकून है तो वो है सिर्फ़ ये चाय! मैं अपने घर की बालकनी में एक खाट पर बैठी थी। पास में एक हुक्का रखा हुआ था जिसे मैं घूरे जा रही थी। मैंने हुक्का उठाया और एक डिब्बे में बंद करके रख दिया। आज ये मसाला चाय भी मुझे सुकून नहीं दे रही थी । कप से निकलती भाप मेरी भावनाओ कि तरह थी । जो जरा ताप पाकर मेरी आंखो से बाहर आ रही थी ।मन के किसी कोने मे छुपी वो याद..आज उसके अचानक सामने ...और पढ़े

2

माई डियर प्रोफेसर - भाग 2

गाना बज रहा था और मै पुरानी यादो मे खोती जा रही थी ।वो सोमवार का दिन था और हफ्ते कि शुरुआत मे ही थक गई थी । आखिर किसको फसंद है मन डे ! मैने क्लास मे आकर अपनी सीट पर पैर जमाए और झटके के साथ बैठ गई।आज कॉलेज आने का बिल्कुल भी मन नहीं था, पर ये मम्मी मुझे भेज ही देती है ! अगर एक दिन कॉलेज नहीं गई तो क्या हो जाएगा ?इतना सोचते-सोचते मैंने अपनी नोटबुक और बुक निकाली। इतिहास...जो मुझे पसंद था, पर मैं इस विषय में थोडी कमज़ोर थी। मुझे ये ...और पढ़े

3

माई डियर प्रोफेसर - भाग 3

-----------------उस दिन जो सवालों का सिलसिला शुरु हुआ तो वो कॉलेज के खत्म होने तक चला । अमर हर मे मुझ से सवाल करता और मै हर सवाल का सही सही जवाब दे देती । कभी कभी तो वो हैरान रह जाता था कि कैसे मै क्लास मे ध्यान ना देने के बावजूद भी सब सवालों के सही जवाब दे देती थी । अब तो मै क्लास मे पढाए जाने वाले टॉपिक को पहले से पढ कर जाती । सही से नोट्स भी बनाती जो मै कभी नही करती थी ।मेरी दोस्त नेना...मेरी हर हरकत पर ध्यान देती थी ...और पढ़े

4

माई डियर प्रोफेसर - भाग 4

-----------------------प्यार मे पड चित्त किसी की सुध नही रखता । खुद कि भी नही..! किताबो मे पढा था और भी था मैने ऐसे लड़कपन मे पडे प्यार के एहसास को! जब लिखती थी तो सोचती कि क्या मै भी कभी प्यार करूंगी। जवाब आज मिला ! हां मैने भी प्यार किया है ।मैने अपने और नैना के लिए मसाला चाय बनाई और जाकर बाल्कनी मे बैठ गई। नैना वही थी । वो स्केच बना रही थी । मैने ध्यान से देखा तो पाया कि वो मेरी तस्वीर बना रही थी । मेरे चेहरे पर मुस्कुराहट खिल उठी । मेरे ...और पढ़े

5

माई डियर प्रोफेसर - भाग 5

--------------मै हैरान थी और आंखे बडी करके अपने नीचे गिरा इंसान को देखे जा रही थी । मेरी धडकने हो गई थी । मै तेज तेज सांसे लेने लगी थी और लगातार पलके झपका रही थी ।" मिस चारु ! क्या आप उठेगी या ऐसे ही पडे रहने का इरादा है ! ", आदमी ने कहा ।मै हडबडा गई। और झटके से उठकर खडी हो गई। मेरे खडे होते ही वो भी खडा हो गया । उसने अपने कपडे झंडे और फिर.मुझे घूर कर देखा ।मै नजरे इधर उधर करते हुए बोली , " सॉरी अमर सर ! "" ...और पढ़े

6

माई डियर प्रोफेसर - भाग 6

---------------पुरे डिपार्टमेंट मे अनाउंस करने के बाद मै वापस अपनी क्लास मे आ गई । मै नैना के पास बैठ गई। मैने उसे देखा तो पाया की वो कुछ बडे ध्यान से पढ़ रही है । मैने उसका बुक पर नजर डाली तो वो एनशियंट आर्किटेक्चर ऑफ इंडिया के बारे मे पढ़ रहा थी । मै मुस्कुरा दी । मै थोडा उसकी तरफ खिसकी और बोली , " तुम कुछ ज्यादा ही सीरियस ले रही हो कॉम्पिटिशन को ! "नैना बिना मेरी तरफ देखे जवाब दिया , " हम्म..लेकिन इक्जाम भी आ रहे है तो दोनो मे ही लाभ ...और पढ़े

7

माई डियर प्रोफेसर - भाग 7

-------------------नैना कॉरिडोर मे चली जा रही थी जब कली से एक हाथ आया और उसने नैना को अपनी तरफ लिया । नैना झटके से एक सीने से टकरा गई। उसने हडबडाकर देखा तो उसकी आंखे गुस्से से धहकने लगी । वो खुद को छुडाने की कोशिश करने लगी ।" छोडो मुझे अमोघ राजवंशी ! ", नैना अमोघ की बाहो मे झटपटाते हुए बोली ।" आपको छोडना मेरे बस मे नही नैना ! " , अमोघ नैना कि कमर कसकर पकडते हुए बोला ।नैना घृणा से उसे देख रही थी । वो झल्ला कर बोली , " क्यो पीछे पडे ...और पढ़े

8

माई डियर प्रोफेसर - भाग 8

----------------सुबह का समय था और सभी बच्चे वाई एच यूनिवर्सिटी मे जा रहे थे । अच्छा खासा बच्चो की युनि मे सुनाई दी जा सकती थी । तभी एक बाइक आकर युनि के दरवाजे के सामने आकर रूकी । कुछ बच्चो का ध्यान बाईक सवार की तरफ चला गया । बाईक कोई नोर्मल बाईक नही थी वो रेसिंग बाईक थी । उसका रंग काले रंग का था और उसपर पीले रंग से कुछ धारियां बनी थी । जिससे लगता था की बाईक के किनारे पर सोना गडा हो ।बाईक के साथ लडकिया बाईक सवार को भी देखे जा रही ...और पढ़े

9

माई डियर प्रोफेसर - भाग 9

----------------चारू की बात सुन अमोघ चौक गया । उसने बारी बारी से चारो को देखा और अपनी एक भव दी । चारू ने ये देखा तो मुस्कुरा दी ।" ये अपनी एक भव उठाना बंद करो ! मै तुम्हे सब बता रही हूं । ", चारू ने कहा ।" तो बोलो ना ! ", अमोघ चीढ कर बोला ।" हम लोगो को तुम्हे एहसास दिलाना था की तुम प्यार के नाम पर नैना के साथ जबरदस्ती कर रहे हो । इसलिए मैने ये प्लान किया की हम तुम्हे आइना दिखाएंगे । लेकिन इसके लिए हमे नव्या की हेल्प लगती ...और पढ़े

10

माई डियर प्रोफेसर - भाग 10

------------------शाम होने को आई थी । आज का दिन काफी भारी बिता था । वो हॉस्टल से बाहर निकली जंगल की तरफ बड गई। उसका बंद दिवार के बीच रहने का मन नही था । आज अमोघ को उसकी नासमझी या गलती का एहसास कराया था चारू ने ! अमोघ ने उस से माफी भी मांगी थी । लेकिन वो! वो तो बस सर हिलाकर वहां से चली गई।वो अभी जंगल के अंदर कदम रखती की पीछे से उसे किसी ने पुकारा । वो आवाज भारी थी , गंभीर थी लेकिन उसके लिए चिंता और प्रेम से भरी थी ...और पढ़े

11

माई डियर प्रोफेसर - भाग 11

--------------------रात का समय था। नैना अभी भी सो रही थी। उसके सिराहने बैठा अमोघ सन्न था। उसके हाथ मे कागज हवा के कारण फडफडा रहा था। उसकी आंखे खाली थी और चेहरे पर कोई भाव नही था।तभी दरवाजा खुला और चारू , शशांक और नव्या ने कमरे मे प्रवेश किया। चारू की आंखे लाल और सुजी हुई थी। वो लंबे लंबे डग भरते हुए बिस्तर के पास पहुंची और नैना के पैरो के पास बैठ गई। उसने बिस्तर पर सोती हुई नैना के देखा। एक बार फिर उसकी रुलाई फुट पडी।" तू इतनी प्रॉब्लम मे थी और बताई भी ...और पढ़े

12

माई डियर प्रोफेसर - भाग 12

------------------उस दिन से अब तक एक हफ्ता बीत चुका था । अमोघ नैना का बेहद ध्यान रखता था । नैना उससे रूखा ही बर्ताव करती थी । उसे याद था अमोघ की बदतमीजी ! पर...अब वो अमोघ के एफर्ट्स की अनदेखी भी नही कर सकती थी । वो दिखाती नही थी पर अपनी बिमारी के बारे मे जान परेशान जरूर हो गई थी । इसलिए नही की उसे कुछ हो सकता है बल्कि इस लिए की अगर उसे कुछ हो गया तो उसका छोटा भाई अकेला रह जाएगा । अपने मां बाप को जानती थी वो ! उनके लिए ...और पढ़े

13

माई डियर प्रोफेसर - भाग 13

-------------------लाईब्रेरि से निकल कर चारू सीधा अपने डोर्म चली गई। पिछले एक हफ्ते से वो अकेली ही रह रही क्योंकि अमोघ नैना के साथ ही रहना चाहता था । चारू समझती थी उसका डर! उसकी प्रवाह! और उसे विश्वास हो गया था कि अमोघ नैना से सच मे प्रेम करता है!चारू ने कमरे मे आते ही अपना बैग एक ओर फेंका और खुद बेड पर कूद गई। उसने अपना चेहरा तकिए मे छुपा लिया और पूरे बिस्तर पर गोल गोल घुमने लगी ।" आआआआआ!!!!!!!!!!", चारू अपना चेहरा तकिए मे छुपाते हुए हल्के से चिल्लाई। उसे बार बार प्रोफेसर अमर ...और पढ़े

14

माई डियर प्रोफेसर - भाग 14

---------------------क्लास मे आकर अमर ने टेस्ट रिजल्ट देने शुरू कर दिए। वो एक एक कर सबके नाम लेकर मार्क्स लगा।नैना लगातार दरवाजे की तरफ देख रही थी। उसके पसीने छूटने लगे थे।ये चारू की बच्ची ! आई ही नही ! सर ने कहा था जो रिजल्ट वाले दिन नही आएगा...उसे अमर सर पर्सनली हैंडल करेंगे ।तभी अमर ने चारू का नाम लिया । नैना के रोंगटे खडे हो गए। वो भगवान से दुआ मनाने लगी की बस ये खुसंट प्रोफेसर उस से चारू के बारे मे कुछ पुछे ना !पर भगवान उसके साथ नही थे ।जब चारू कही नही ...और पढ़े

अन्य रसप्रद विकल्प