वो रात जब सब बदल गया - 2 Ishaaa द्वारा फिक्शन कहानी में हिंदी पीडीएफ

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वो रात जब सब बदल गया - 2

काली गाडी का इंजन एक बहरे जानवर की तरह गरज रहा था, जो उस अँधेरी, घुमावदार बडी सडक को चीरते हुए आगे बढ रही थी. गति मापक की सुई खतरनाक तरीके से ऊपर चढ रही थी, पर रेयांश खन्ना को इस बात की कोई परवाह नहीं थी. स्टीयरिंग व्हील पर उसके हाथ की उँगलियाँ सफेद पड चुकी थीं और गुस्से के मारे उसकी जबडा इतनी सख्त थी कि उसकी गर्दन की नसें साफ फूल रही थीं. उसका पूरा ध्यान सामने खाली सडक पर था, और उसकी आँखों में एक ऐसी बेरहमी और नफरत थी जो किसी को भी खौफ से भर दे.
उसके ठीक बगल में, कार का केबिन बहुत घुटन भरा लग रहा था. मेहर बगल के दरवाजे से चिपकी हुई बैठी थी, ताकि वो रेयांश से जितनी दूर रह सके, रहे. उसका भारी, लाल रंग दुल्हन का लहंगा अब उसे लोहे के वजन जैसा लग रहा था. उसका दुपट्टा फट चुका था, साँसें उखड रही थीं, और लगातार बहते आँसुओं ने उसके दुल्हन का लहंगा को पूरी तरह खराब कर दिया था. वो डर से काँपते हुए खिडकी से बाहर देख रही थी, जहाँ रास्ते की रोशनी बहुत तेजी से पीछे छूट रही थीं.
जब उससे यह डर और बर्दाश्त नहीं हुआ, तो वो रेयांश की तरफ घूमी और अपने दोनों हाथ जोडकर गिडगिडाई, प्लीज. मैं तुमसे भीख माँगती हूँ, मुझे जाने दो! गाडी रोको! तुम्हें मुझसे क्या चाहिए? मैं तो यह भी नहीं जानती कि तुम कौन हो! मुझे उस चीज की सजा क्यों दे रहे हो जो मैंने की ही नहीं? प्लीज, गाडी रोको और मुझे उतार दो!
उसका गला रोने की वजह से बैठ चुका था और उसकी आँखें रेयांश के चेहरे पर थोडी- सी रहम ढूँढ रही थीं. पर रेयांश ने एक बार उसकी तरफ मुडकर भी नहीं देखा. उसका चेहरा पत्थर जैसा सख्त था, जिसमें सिर्फ और सिर्फ नफरत थी. उसके होंठों पर एक ठंडी, जानलेवा मुस्कान आई, पर उसकी आँखें बर्फ जैसी जमी रहीं.
जब वो आखिरकार बोला, तो उसकी आवाज बहुत धीमी और गहरी थी, जिसमें एक ऐसी ताकत थी जो कार के अंदर किसी मौत के फरमान की तरह गूँजी.
रेयांश ने बिल्कुल बर्फ जैसी ठंडी आवाज में कहा, अपने आँसू बचाकर रखो, मेहर. क्योंकि इस पल के बाद से, तुम्हारी मर्जी, तुम्हारी ख्वाहिशें और तुम्हारे फैसलों की कीमत बिल्कुल जीरो है. तुम्हें न सवाल पूछने का हक है, न भीख माँगने का, और अपनी जिंदगी पर तो तुम्हारा कोई हक बचा ही नहीं है. तुम्हारी आजादी उसी पल खत्म हो गई थी जब तुमने मेरी गाडी में कदम रखा था. आज से तुम्हारी बस एक ही हकीकत है—वही करना जो मैं चाहूँगा.
मेहर का दम घुटने लगा, उसके सीने में डर की एक नई लहर दौड गई. रेयांश की आवाज का वो ठंडापन देखकर उसे समझ आ गया था कि उसके बगल में बैठा शख्स कोई आम किडनैपर नहीं है—वो एक ऐसा दरिंदा था जिसे बदले की आग चला रही थी, और उससे बच निकलना एक नामुमकिन ख्वाब था.
मेहर ने यकीन न करते हुए अपना सिर हिलाया. उसे समझ नहीं आ रहा था कि एक अनजान शख्स उसे इतनी नफरत से क्यों देख रहा है. बेबसी में वो दोबारा चिल्लाई, पर मैंने तुम्हारा क्या बिगाडा है? इस सब में मेरी क्या गलती है? मैं तो तुम्हारा नाम तक नहीं जानती! तुम बिना किसी वजह के मेरी जिंदगी क्यों बर्बाद कर रहे हो?
यह सुनते ही रेयांश की पकड स्टीयरिंग व्हील पर और मजबूत हो गई. शादी के मंडप से निकलने के बाद पहली बार उसने अपना सिर हल्के से घुमाया. उसकी गहरी काली आँखें मेहर पर टिकीं, जिनमें एक ऐसी आग थी कि मेहर डरकर दरवाजे से और चिपक गई.
उसके होंठों पर एक मजाक उडाती हुई मुस्कान आई. जब वो बोला, तो उसकी आवाज बहुत शांत थी, पर उसमें झटका देने वाली ताकत थी.
रेयांश ने जहरीली आवाज में कहा, तुम? तुमने कुछ नहीं किया, मेहर. तुम बिल्कुल बेगुनाह हो. पर बात यह नहीं है कि तुमने क्या किया. बात यह है कि तुम्हारे उस घटिया और दरिंदे बाप ने क्या किया है.
वो एक पल के लिए रुका, और उसने एक्सेलरेटर पर अपना पैर और जोर से दबा दिया, जिससे इंजन गुस्से में गरज उठा.
रेयांश ने आगे कहा, तुम्हारे बाप ने मेरी पूरी दुनिया छीन ली थी. उसने मुझे अँधेरे में खून से सने हुए छोड दिया था, और अब मैं वही कर्ज चुका रहा हूँ. वो तुमसे अपनी जान से ज्यादा प्यार करता है ना? इसलिए तुम मेरे लिए एक ऐसा हथियार हो जो सहगल को घुटनों पर ले आएगा. तुम्हें उसके हर एक गुनाह की कीमत चुकानी होगी.
मेहर का दिल डर के गहरे अँधेरे में डूब गया. इससे पहले कि वो कुछ समझ पाती, गाडियों के हॉर्न की जोरदार आवाज ने रात के सन्नाटे को चीर दिया.
मेहर का रोना झटके से रुक गया क्योंकि एक तेज सफेद रोशनी कार के पीछे वाले शीशे पर आकर पडी. वो तेजी से अपनी सीट पर घूम गई और उसने पीछे देखा.
उसकी साँस अटक गई. काली गाडियों की एक लंबी लाइन उनके पीछे अँधेरे को चीरते हुए आ रही थी, उनकी हेडलाइट्स गुस्से से भरी आँखों की तरह लग रही थीं. उनके टायर्स की आवाज रेयांश के इंजन के शोर पर भी साफ सुनाई दे रही थी. वो गाडियाँ बहुत तेजी से उनके करीब आ रही थीं.
मेहर ने घबराकर रेयांश की तरफ देखा, देखो. पीछे देखो! कौन हैं वो लोग? इतनी सारी गाडियाँ हमारा पीछा क्यों कर रही हैं?
रेयांश ने अपनी पलकें तक नहीं झपकाईं. उसने पीछे देखने वाला आईने में देखा, उसका चेहरा बिल्कुल शांत था, जैसे उसे पहले से पता हो कि ऐसा होगा. उसने आराम से काली गाडी को एक तेज मोड पर घुमाया.
उसके सीने से एक हल्की हँसी की आवाज आई, जिसने मेहर को और डरा दिया.
रेयांश ने मजाक उडाने वाले लहजे में कहा, वो हमारा पीछा क्यों कर रहे हैं? क्या यह साफ नहीं है, मेहर? क्योंकि वो तुम्हें वापस चाहते हैं. तुम्हारा बाप अपनी सबसे कीमती चीज को मेरे बर्बाद करने से पहले वापस लेना चाहता है.
मेहर हैरानी से उसे देखती रही. हैडलाइट की रोशनी और बढ गई, और पीछे आने वाली गाडियों की आवाज ने उस सुनसान बडी सडक को एक जंग का मैदान बना दिया.
पीछे चल रही गाडियाँ अब उनके बिल्कुल करीब आ चुकी थीं. इतनी तेज रफ्तार ने मेहर का पेट हिला दिया था, पर अपने बाप की गाडियों को इतने पास देखकर उसमें एक अचानक हिम्मत आ गई. उसने गाडी का अगला हिस्सा को जोर से पकडा और रेयांश के पास आकर चिल्लाई, तो गाडी रोको! अगर तुम जानते हो कि वो हैं, तो गाडी को एक तरफ में लगाओ और मुझे जाने दो! प्लीज! अगर तुम नहीं रुके, तो वो गाडी ठोक देंगे, या तुम हम दोनों को मार दोगे! बस ब्रेक लगाओ और मुझे उतार दो!

पर रेयांश पर उसकी इस भीख का कोई असर नहीं हुआ. उसके हैंडसम चेहरे पर एक ठंडी मुस्कान आई, और उसने पैर को एक्सेलरेटर पर और जोर से दबा दिया. एसयूवी एक झटके के साथ गोली की तरह आगे निकल गई, जिससे मेहर झटके से अपनी सीट पर वापस जा गिरी.

रेयांश ने स्टीयरिंग व्हील को पूरी ताकत से पकड रखा था. उसने बिल्कुल ठंडी और गुस्से से भरी आवाज में कहा, गाडी रोको? तुम्हें लगता है मैंने सालों तक यह प्लान इसलिए बनाया था ताकि तुम्हारे बाप के आते ही मैं पीछे हट जाऊँ? मेरी तरफ देखो, मेहर. मैं तुम्हें इतनी आसानी से नहीं छोडने वाला. तुम ही वो चाल हो जो सहगल को मेरे सामने घुटनों पर लाएगी. अगर आप मौत भी इस हाईवे पर खडी हो जाए, तब भी यह हीं रुकेगी.
मेहर उसकी आँखों में वो बेरहमी देखकर फ्रीज हो गई. समझ आ गया था कि इस शक्स को अपनी जान की परवाह नहीं थी, और न ही मेहर की जान की.
हॉर्न्स की आवाज और तेज हो गई क्योंकि सहगल की फ्लीट की एक गाडी उनकी एसयूवी के बिल्कुल बराबर में आ गई थी. मेहर ने साइड वाली खिडकी से बाहर देखा और उसके होश उड गए. उसने देखा कि गाडी के शीशे नीचे हो चुके थे और हथियारबंद आदमियों ने अपनी काली बंदूक सीधे उनकी गाडी की तरफ तान राखी थी.
मेहर डर के मारे जोर से चिल्लाते हुए, हे भगवान! ये क्या हो रहा है? क्या वो हम पर गोली चलाने वाले हैं?
रेयांश ने साइड मिरर में खतरे को देखा. उसके चेहरे की शांति चली गई और उसकी जगह एक गुस्से ने ले ली. उसने बिना फोकस हटाये अपना एक हाथ आगे बढाया और मेहर को पैसेंजर सीट के नीचे फ्लोर की तरफ जोर से धक्का दे दिया.
रेयांश दहाडा, अपना sir नीचे करो! नीचे रहो और हिलो मत, अगर अपनी जान प्यारी है तो!
लेकिन मेहर अब होश खो चुकी थी.
बंदूकों को देखकर उसे लगा कि वो मरने वाला है. वो सीट से ऊपर उठी और रोते हुए रेयांश के कंधे पर अपने मुके मरने लगी, नहीं! गाडी रोको! मुझे अभी उतरना है! मुझे उनके पास जाने दो!
रेयांश ने गाडी को बाएं तरफ घुमाया ताकि दुश्मन की गाडी से दूर रह सके, पर मेहर की इस हरकत से उसका बैलेंस बिगड रहा था. उसके हाथ पहिये पर थे, पर उसने मेहर के हाथों को रोकने की कोशिश की.
रेयांश ने दांत पीसते हुए कहा, अपने हाथ पीछे करो! हिलना बंद करो, बेवकूफ लडकी!
मेहर ने चिल्लाते हुए कहा, नहीं! मैं तुम्हारे साथ कहीं नहीं जाऊंगी! मुझे एक राक्षस के साथ नहीं रहना! मुझे छोड दो!
एसयूवी हाईवे के डिवाइडर से बिल्कुल पास से निकली, टायरों की आवाज बहुत तेज थी. स्पीडोमीटर मौत के नंबर को छू रहा था, और दाईं ओर वाली गाडी उन्हें सडक से नीचे गिराने की कोशिश कर रही थी.
रेयांश के चेहरे पर पसीना था, और वो स्टीयरिंग व्हील को संभालने की पूरी कोशिश कर रहा था. उसने आखिरी बार चेतावनी दी, मेरी बात ध्यान से सुनो, मेहर! अगर मैंने एक सेकंड के लिए भी इस व्हील से कंट्रोल खोया. तो हम दोनों इसी सडक पर मर जाएंगे! अपने हाथ हटाओ मुझसे!
पर मेहर अब कुछ सुनने की हालत में नहीं थी. एक टूटे हुए जानवर की तरह उसने एक आखिरी जानलेवा फैसला किया. वो आगे बढी और उसने अपने दोनों कांपते हुए हाथ सीधे स्टीयरिंग व्हील पर डाल दिए, और उसे अपनी तरफ जोर से खींच दिया ताकि गाडी रुक जाए.
मेहर रोते हुए चिल्लायी, मैंने कहा, गाडी रोको!
रेयांश की आंखें खौफ से फट गईं, नहीं! छोडो इसे-
इस पहले की वो अपनी बात पूरी कर पता, कार के अंदर की दुनिया जैसे एक दोस्त के लिए रुक गई.
ढिश्क्यों!
एक जानलेवा गोली कार के साइड के शीशे को तोडती हुई अंदर घुसी, और शीशे के टुकडे किसी चमकते हुए धूल की तरह केबिन में बिखर गए. वक्त रुक गया. स्टीयरिंग व्हील के लिए चल रही लडै वहीं फ्रीज हो गई, और हमारे अँधेरे में एक आखिरी सांस की आवाज आई.
और एक गोली ने. एक झटके में सब कुछ हमेशा के लिए बदल दिया.