तुम्हारी शादी है - 1 Luna Rinn द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

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तुम्हारी शादी है - 1

Rajasthan

जहां सबसे ज्यादा रेत पाई जाती हैं , वो गर्म इलाके में रेत के टीलों पर कुछ जीप तेजी से दौड़ रही थी उनमें से एक आदमी दूरबीन लेकर दूर-दूर तक देखते हुए ,

"I don't know boss" कहां है? शाम को इतना इंपोर्टेंट काम करना है। और बॉस का कुछ पता नहीं चल रहा है। बोलते हुए अपनी दूरबीन को और ज्यादा जूम कर दूर दूर तक फैला रेत को देखने लगता है ।
वहां पर भी उसे कुछ नजर नहीं आ रहा था। तभी एक लड़का चिल्लाते हुए , अद्विक कहां हो तुम? जानते हो ना आज की शाम कितनी जरूरी है।

तुम्हारे लिए उसकी आवाज इतनी तेज थी । शांत इलाके में गूंज उठी थी, वही एक शख्स जो लगातार घोड़े के ऊपर बैठे दौड़ रहा था। वह घोड़ा एकदम ब्लैक कलर का खुबसूरत था , गहरी काली, आंखें लंबे लंबे बाल उसके खूबसूरती ही इतनी ज्यादा थी की कोई भी उसे काबू कर अपना बनाना चाहें पर वो एक जंगली घोड़ा था जिसे काबू करना हर किसी के बस की बात नहीं थी उस घोढे के ऊपर एक शख्स बैठे एक हाथ से नाल पकड़े हुए सवारी को एंजॉय कर रहा था। वह सख्श गाड़ी से बहुत दूर था , वह एक बार नाल को कसके खींचता है। जिसके साथ ही घोड़ा एकदम से ऊपर की तरफ छलांग लगा सीधा रेत में घुसकर बाहर निकलता है । वो पूरा मिट्टी से भर चुका था।

ऊपर चमचमाता हुआ सूरज की तेज किरने सीधा उस शख्स के ऊपर पढ़ रही थी, जिससे उस सख्श का चेहरा धुंधला लग रहा था, फिर भी उस चिचिलाती धूप में वह बहुत अट्रैक्टिव लग रहा था , उसने सिर्फ एक वाइट कलर की पेंट पहनी थी, गले में रुद्राक्ष , और माथे पर लंबा तिलक , आंखें बिलकुल सर्प "। चेहरा एकदम कोल्ड वार की तरह ठंडा, वही वह शख्स घोड़े को कस के खींचता है,जिसके साथ घोड़ा दो-तीन कदम इधर-उधर करते हुए अपनी जगह पर ठहर जाता है । उस शख्स के चेहरे पर एक सुकून था , वह उस चिल्लाती हुई धूप को अपनी तीखी आंखों से देखने लगता है । वो वैसे ही बैठे हुए सूरज की आंखो nei आंखे डाले उन किरणों को देख रहा था।

कुछ देर बाद उसके पास करीब चार-पांच गाड़ी आकर रुकती हैं । गाढ़ी से एक लड़का बाहर आता है। उसने ब्राउन कलर की फॉर्मल पैंट पर चमचमाते हुए जूते और वाइट शर्ट के ऊपर जैकेट डाला हुए था, हाथ में ब्रांडेड वॉच , सेट वॉल और एक कान में इयररिंग का पीस जिसमें वह कयामत लग रहा था, us चमकती धूप में बाल हलके मेस थे , माथे पर हल्का पसीना था पर चेहरे का तीज बिलकुल कम नही हुआ था।

वो जल्दी से उसे अद्विक के पास आकर अद्विक तुम क्या कर रहे हो? तुम जानते हो ना हमें शाम को निकालना है। शादी है । आज तुम्हारी और तुम यह हो"

अद्विक घोड़े से उतरते हुए बोला , हमें बहुत अच्छे से पता है कि आज हमारी शादी है। आपको हमे बताने की जरूरत नहीं ।है ।युवराज"

वो सख्श जिसका नाम यूवराज था, वो क्यूट सा फेस बनाते हुए, कॉल मी युवी युवराज तो बहुत ही ज्यादा ओल्ड फैशन है।

अद्विक घोड़े को एक नजर देख फिर युवराज के कंधे पर हाथ रखते हुए बोला "। ठिकाने लगाओ इन्हें बहुत ही ज्यादा शोर कर रहे थे , पर शायद भूल गए हमें शोर से ज्यादा शांति पसंद है । उसके सिर्फ कुछ अल्फाज के बाद एक गहरी खामोशी उस जगह पर फैल जाती हैं ।

युवराज उस घोड़े की तरफ देखता है ।उसकी नजर घोड़े पर बंधी हुई रस्सी पड़ जाती जो बहुत ही मोटी थी वो नीचे की तरफ देखा उसे सिर्फ दो खून से सने हुए हाथ दिखाई देते हैं। युवराज की आंखें बड़ी हो जाती हैं।

वो हैरानी से अद्वीक की तरफ देखते हुए बोला , यह सब क्या है ? आपने यह सब क्यों किया?

अद्विक स्मिर्क के साथ बोला, हमने कहा कुछ कर है.! अगर हम कुछ करने पर आते हैं ! तो हाथों में हड्डियां तक नजर नहीं आती , यहां तो फिर भी आपको चमड़ा दिखाई दे रहा है । वह बिना किसी एक्सप्रेशन के जाकर सीधा जीप के अंदर बैठ जाता है ।

वह सारी गाड़ियां वहां से रफ्तार से निकल जाती हैं।

युवराज उन गाड़ियों को जाता हुआ देख गहरी सांस भरते हुए बोला, पता नहीं महाकाल आपने क्या सोचकर इन्हें पैदा किया है। यह धरती में आपका दूसरा स्वरूप लगते हैं। गहरी सास भर वहां पर रुके कुछ गार्ड की तरफ इशारा कर देता है।।

राजस्थान का किला ,

उसे बहुत ही खूबसूरती से सजाया गया था, अक्सर वहां पर टूरिस्ट घूमने के लिए आया करते थे ,पर आज वहां सन्नाटा पसरा हुआ था आसपास बहुत ही ज्यादा टाइट सिक्योरिटी थी, जहां सिर्फ काले कपड़े पहने हुए गार्डों के साथ कुछ लोग ही दिखाई दे रहे थे, तभी वहां पर दरवाजे पर एक लंबी चमचमाती हुई गाड़ी आकर रूकती है । उसमें से एक शख्स बड़ा एरोगेंट तरीके से बाहर आता है। उसने इस वक्त लाइट व्हाइट और हल्की रेड कांबिनेशन की शॉर्ट कुर्ता पहना हुआ था , जिसके बटन साइड में थे और नीचे सफेद कलर की धोती ,हाथ में एक लंबी सी तलवार गले में शाही हार, हाथ में ब्रांडेड वॉच पहने वह शख्स अंदर की तरफ बढ़ रहा था।

वही एक लड़की उसके बगल से होकर गुजरने लगते हैं। शख्स का ध्यान सिर्फ उसके रास्ते पर था ,वो तेजी से आगे बढ़ रहा था, वह लड़की जो दूसरे साइड गुजर रही थी, उसका हाथ गलती से उस शख्स से टकरा जाता है। जिसके साथ उसके हाथ में पहना हुआ ब्रेसलेट उसे शख्स की घड़ी से अटक जाता है ।वह लड़की दो कदम के बाद ही रूक पीछे की तरफ देखती हैं ।उसका हाथ us सख्श के कुर्ते में अटका हुआ था , वह शख्स है बिना इमोशन के आगे बढ़ रहा था, वो मुस्किल से सिर्फ़ 6,7 कदम आगे बढ़ कर रुक गया था ,

वो लड़की चिल्लाते हुए, अंकल सुनिए मेरा ब्रेसलेट अटक गया है। रुकिए तो सही, वह भागते हुए उस शख्स के एकदम से सामने आ जाती ते हैं ।

वह सख्श जिसने अपना कदम उठाया ही था , अपने सामने एक छोटी सी लड़की को देख उसकी आंखें छोटी हो जाती है । उसे us लड़की का चेहरा नजर नहीं आ रहा था , उस लड़की ने चेहरे पर मास्क लगाए हुआ था, बालों का बनाया था, जिसमें कुछ लटे। माथे पर बिक्री थी, माथे पर ठंडा पसीना, गहरी आंखें जिससे वह अपने ब्रेसलेट को निकालने की कोशिश कर रही थी।

वह शख्स एकदम अपने हाथ को ऊपर की तरफ उठा देता है । जिसके साथ उस लड़की की आंखें सीधा उस शख्स की आंखों से जाकर मिलती है। वह लड़की अंदर से
मुस्कुराते, सॉरी अंकल वह मेरा ध्यान नहीं था। मेरे दोस्त है ना वह आगे चले गए , और पता नहीं किस कमबख्त इंसान ने इस पूरे के पूरे किले को प्राइवेट करवा दिया है। एक तो मेरे पैसे लग चुके हैं । ऊपर से मैं घूम भी नहीं पाई वह अजीब सी शक्ल बनाते हुए बस उस ब्रेसलेट को निकाल रही थी,

वो शख्स गहरी आवाज में बोला, वह शख्स हम ही हैं।

वह लड़की जबरदस्ती मुस्कान लिए बोली, सर आप है। तो क्या आप हमारी थोड़ी हेल्प कर देंगे , आपका जो भी काम है आप कर लीजिए बस मेरा थोड़ा सा ऊपर किला देखने के लिए जाऊंगी, आपको कोई भी डिस्टरबेंस नहीं होगी,

अद्विक उस गहरी नजरों से बस देख रहा था, उसकी नजर उस लड़की की फड़फड़ती हुई चमकदार गहरी काली आंखों पर रुकी हुई थी , जो मासूमियत लिए बस बोले जा रही थी,

अद्विक गार्ड की तरफ इशारा करता है । वह गार्ड सर हिला देता हैं ।

उस लड़की को अद्विक से दूर करते हुए, आपको जो भी करना है। आप पीछे वाले रास्ते से जाकर कर सकते हैं। पर रात होने से पहले पहले निकल जाएगा।

वह लड़की खुश हो जाती है । अद्विक के सामने उसे कसके गले लगा उसके गाल पर मास्क के उपर से ही किस करते हुए , Thank you, thank you so much uncle, you are very very good

बोल भाग जाती हैं ।

अद्विक की आंखें एकदम गहरी हो चुकी थी, वह अपनी मुट्ठी मजबूती से बंद करें उस लड़की को जाता हुआ बस देखता ही रह जाता है । वही गार्ड आद्विक

से निकल रही ठंडी आभा को महसूस कर पा रहे थे, जिस महसूस कर उन्हें भी एक ठंडक महसूस होने लगती।

उन्हे बहुत अच्छे से पता था अद्विक को किसी भी लड़की का नजदीक आना बिल्कुल बर्दाश्त नहीं अद्विक भागती हुई लड़की को गहरी नजरों से देखते हुए ,आगे की तरफ कदम बढ़ा देता ह है । और जाकर सीधा मंडप में बैठा था। वहां पर घर के सिर्फ कुछ ही लोग मौजूद थे,

पंडित जी आद्विक को आता हुआ देख मंत्र पढ़ना शुरू कर देता ,उन्होंने अग्निकुंड जला दिया था ,आद्विक जाकर किसी युवराज की तरह वहां पर बैठ जाता है। वह अपनी गहरी आंखों से बस उस अग्नि कुंड को देख रहा था। उसकी लपटे जो इधर-उधर फड़फड़ा रही थी, उन्हें वह बस घूर रहा था ,

वहीं दूसरी तरफ,

वह लड़की जो कुछ देर पहले आद्विक से
टकराए थे वह अपने दोस्तों के साथ किले के ऊपर वाले हिस्से पर फोटोग्राफ ले रही थी,उसने अपने चेहरे से मास्क निकाल कर जेब में डाला हुआ था, उस लड़की ने इस वक्त एक नॉर्मल से लहंगा और चोली पहनी हुई थी जो बिल्कुल राजस्थानी तरीके की कारीगरी की गई थी, गले में राजस्थानी ज्वैलरी इयररिंग और छोटी से एक ब्लैक कलर की नाक में किल जिसमें वह लड़की कयामत लग रहे थे,

तभी एक लड़का उसके कंधे पर हाथ रखते हुए बोला, अधीरा बस भी करो इतना नजदीक क्यों जा रही हो गिर जाओगे ,

अधीरा मुस्कुराते हैं , अधीरा राजपूत किसी के अंदर इतनी हिम्मत नहीं जोन अधीरा राजपूत को गिरा सके, मेरी किस्मत मुझे डूबा नहीं सकती, वो मुस्कुराते हुए एक-एक फोटो को अपने कमरे में कैप्चर करते हुए थोड़ा सा आगे की तरफ बढ़ जाती हैं।

थोड़ी ही देर बाद पंडित जी हाथ से इशारा करते हुए, बधू को बुला लाइए ,

अद्विक तिरछी नजरों से एक शख्स को देखता है ।

उस शख्स के माथे पर ठंडा पसीना आने लगता है , वो घबराते हुए अद्विक के नज़दीक आ कान में कुछ कहता जिसके साथ अद्विक मुठिया मजबूत हो जाते हैं , गुस्से से मंडप से उठता है ,और सीधा बाहर की तरफ कदम बढ़ने लगता है । उसके चेहरे पर गुस्सा साफ देखा जा सकता था , वह आगे की तरफ बढ़ ही रहा था एक जोरदार चीख उस शांत माहौल में डर फेला देती है।

अद्विक ऊपर की तरफ देखता है ।जहां अधीर का पैर स्लिप हो चुका था और वह नीचे की तरफ गिर रही थी,

अद्विक जस्ट उसके नीचे ही खड़ा था , अधीर सीधा उसके बाहों में जाकर गिरती है । उसका चेहरा एकदम सफेद पड़ चुका था, आंखें एकदम बंद थी,

अद्विक उसे अपनी बाहों में अच्छे से कैद करते हुए, महाकाल ने साक्षात हमें हमारे अर्धांगिनी दि है हम इनसे ही शादी करेंगे , बोलते हुए हुए, सीधा मंडप में आकर बैठ जाता है । अधीर जो डर के मारे बेहोश हो चुकी थी, उसे तो एहसास ही नहीं था उसके साथ क्या हो रहा है।

धीरे-धीरे विधि आगे की तरफ बढ़ती है। वही अधीर जो बेहोशी की हालत में थी आद्विक उसके सर पर वहां रखी हुई रेड कलर की चुन्नी उड़ा उस के सर कंधे से सहारा देते हुए सीधा बैठा देता है । अधीर की सांस धीरे चल रही थी, वही अधीर के दोस्त जो हैरान थे , वह जल्दी से नीचे आकर मंडप की तरफ भागने लगते, पर गार्ड उन्हे रोक लेते हैं ।

विधि आदि आगे बढ़ती हैं ,और इसी तरीके से शादी पूरी हो जाती हैं । पंडित जी एक थाली उठाकर अद्विक की तरफ बढ़ा देते हैं ।

अद्विक मंगलसूत्र जो बहुत ही एंटीक था उसे उठाकर सीधा के गले में पहना देता, और सिंदूर लेकर उसकी बीच की मांग में भर देता है । उसके चेहरे पर कोई इमोशंस नहीं थे ।

वहीं वहां जो कुछ लोग मौजूद थे उनके हैरानी का कोई ठिकाना नहीं था पंडित जी इस रेशम के बाद हल्का सा मुस्कुराते बोले, शादी संपन्न हुई आज के से आप दोनों पति पत्नी , साथ जन्मों के साथी है । बोलते हुए वह मुस्कुरा देते हैं।

अद्विक अपनी जगह से खड़ा होता है ।और उन लोगों की तरफ एक नजर देखने के बाद अधीर को वापस अपने गोद में उठा बाहर की तरफ कदम बढ़ा देता है ।

वही एक लड़की चिल्लाते हुए, ओ हेलो मिस्टर आप है कौन ? आप हमारे दोस्त को इस तरीके से नहीं ले जा सकते ,

अद्विक के कदम रुक जाते हैं। वो पीछे की तरफ देखता है । उसका डरावना औरा डार्क पर्सनेलिटी इतनी डरावनी थी कोई एक बार देख ले तो सास ही रुक जाए,

अद्विक घूर कर पिछे गहरी नजरो से उस को देखता है।

वो लड़की अद्विक की जानलेवा नजरो को खुद पर महसूस कर पा रही थी, उसका गला सूखने लगता है । वह अपनी नजर चुराते हुए बगल में खड़े हुए लड़के के पीछे छुप जाती हैं ।

अद्विक वापिस गाढ़ी की तरफ कदम बढ़ा देता है। युवराज जो अभी अभी वहा पोछा था अद्विक को जाता हुआ देख बोला, आप कहा जा रहे है। अभी,

उसे इस सब की कोई खबर नहीं ।

अद्वीक जो गाड़ी में बैठ रहा था वह युवराज को वहां देख बोला, यह पर कुछ नए मेहमान आए है ।उन्हें लेकर गेस्ट हाउस जाओ और उनकी खातिरदारी कमी नहीं होनी चाहिए,

वो गाड़ी में बैठता है । गाड़ी सीधा वहां से निकल जाती हैं।

युवराज कन्फ्यूजन फेस के साथ इधर उधर देखने लगता है ।

वहीं दूसरी तरफ अद्विक की गाड़ी एक बड़े से पैलेस के सामने रुकती है। जहां एक बहुत ही बड़ा सा गेट था अंदर धीमी स्पीड से आगे की तरफ बढ़ती है। 

जहा एक बड़ा सा फाउंटेन था, जिसमें कुछ मिट्टी की मूर्तियां बनी हुई थी उसके आगे एक और आखिरी गेट जहां पर कुछ गॉड्स हाथों में गन लिए हुए खड़े थे z

अद्वीक उन सभी को एक नजर देख अदीरा को अपनी बाहों में उठाते हुए पेलेश के पीछे की तरफ कदम बढ़ा देता है ।

गार्ड उसके पीछे चलने लगते हैं। अद्वीक कुछ कदम के बाद रुक पीछे की तरफ देखता है। जहां दो गॉड्स उसके पीछे आ रहे थे, अद्वीक उन्हें कुछ इशारा करता है ।जिसके साथ वह गॉड्स वहां से हट जाते हैं।

अद्वीक उसे सीधा वहां बने हुए एक छोटे से लकड़ी के घर के अंदर लेकर आता है । जो पूरी लकड़ी का बना हुआ था उसने करीब चार कमरे एक छोटी सी किचन बीचों बीच लकड़ी की टेबल के साथ चार कुर्सियां रखी हुई थी ।अग्नि एक कमरे के अंदर जाता है । और अधीरा को लकड़ी के बने बेड पर लिटा कर उठने लगता है।

उसका शाही हर अधीरा के गले में पहने हुए मंगलसूत्र पर अटक जाता है। जिससे अद्वीक उसके ऊपर झुक जाता है उसका एक हाथ अधीरा के चेहरे के बिल्कुल नजदीक था, उसकी गहरी पीकॉक ब्लू आईज अधीरा के चेहरे पर जाकर रुक जाती हैं।

अधीरा का एकदम सफेद पड़ चूका चेहरा , सुर्ख हो चुकी नाक , लंबी लंबी पलकें, एकदम गुलाब की पंखुड़ियां की तरह होंठ, होंठ के एक काला तिल जो देखने में ऐसा लग रहा था, जैसे से नजर का टीका भी कुदरत ने लगा कर
भेजा हो।

अद्वीक अपना हार को अलग कर उसके चेहरे पर अपना हाथ , महाकाल ने आपको हमारे लिए चुना है। आप हमारे अर्धांगिनी है । और हम आपको वो सारे हक अदा करेंगे जो एक पत्नी के होते हैं । और आपसे भी यही उम्मीद करते हैं । धर्मपत्नी जी ,

बोलते हुए वह खड़ा हो जाता है, तभी उसके कानों में अधीरा के कसमसाने की आवाज पढ़ती है। वो पीछे पलट कर देखता है। जहां अधीरा उन कपड़ों में थोड़ी अनकंफरटेबल लग रही थी। अद्विक बिना किसी इमोशन के उसके पास आता है । और अपना हाथ उसके पीट ट के नीचे ले जाकर उसकी डोरी खोल देता है।

अधिरा जिसे धीरे-धीरे होस आ रहा था , उसकी आंखें अभी हल्की सी ढूंढ ली थी वह अपनी आंखें बन्द कर पुरी पूरी तरीके से खोलती है।

उसकी उसकी गहरी काली आंखें पीकॉक ब्लू आईज से जाकर मिलते हैं। आआह्ह्हह्ह्

अद्वीक को अपने इतने नज़दीक देख उसकी जोर दार चीख निकल जाती है।

वह उठकर पर बैठती है ।उसका ब्लाउज जो सिर्फ डोरियों पर अटका हुआ था , और अद्विक के डोरी खोलने से उसका ब्लाउज खिसक कर नीचे गिर जाता है अधीरा की आंखें और बड़ी हो जाते हैं । उसके होंठ दर से फड़फड़ाना लगते हैं ।

अद्वीक तुरंत उसके होठों पर अपना हाथ रख उसे घूरने लगता है । उसका औरा एक बार फिर से डरावना हो गया था।