नौशाद ने अपनी कलाई की ड्रिप खींचकर अलग फेंकी और अपने टैक्टिकल बूट्स के तस्मे कसने लगा। अब उसके सामने दस दिन की उल्टी गिनती थी, एजेंसी उसके पीछे थी, और हमदान का खात्मा करने के लिए वह बिल्कुल अकेला था।
ब्रीफकेस की राख से उठते धुएं के बीच, बराबर वाले आईसीयू केबिन से हार्ट मॉनिटर की तेज़ और लड़खड़ाती बीप गूंज उठी।
नौशाद ने तुरंत उस तरफ दौड़ लगाई।
स्ट्रेचर-बेड पर अज़गर दर्द से तड़प रहा था। चार गोलियों से उसका फौलादी जिस्म छलनी हो चुका था और सफेद चादर खून से लाल थी। उसका चेहरा पीला पड़ चुका था और सांसें उखड़ रही थीं। नौशाद ने आगे बढ़कर अज़गर का खून से सना और कांपता हुआ हाथ अपनी हथेलियों में थाम लिया। अपने सबसे भरोसेमंद साथी को इस हाल में देखकर नौशाद की आँखों में गहरा दर्द उतर आया।
अज़गर ने धीरे-धीरे अपनी पलकें उठाईं। उसकी आँखों में बेबसी, दर्द और वफादारी का समंदर तैर रहा था। उसने सूखे होठों से ऑक्सीजन मास्क थोड़ा नीचे खिसकाया और टूटी हुई आवाज़ में बोला:
अज़गर:
"सर... दावर भाई... वो बच गए ना? और हमारी बाकी टीम... वो सब ठीक हैं ना सर?"
नौशाद का गला भर आया। उससे अपने जांबाज साथी से नज़रें नहीं मिलाई जा रही थीं। उसने झुककर अज़गर का माथा थपथपाया।
नौशाद इब्राहिम खान:
"तुम बोलने पर बिल्कुल ज़ोर मत लगाओ अज़गर! डॉक्टर तुम्हारा इलाज कर रहे हैं, तुम्हें कुछ नहीं होने दूंगा मेरे भाई। तुम बहुत जल्द ठीक हो जाओगे।"
अज़गर की आँखों के कोनों से आंसू ढुलक आए। वह बेहद दर्द में भी सिर्फ अपने मिशन और अपने कमांडर की फिक्र करता हुआ एक सच्चा और बेकसूर सिपाही दिख रहा था।
अज़गर:
"सर... फैक्ट्री में... जब अचानक से हम पर गोलियां चलने लगीं... मैंने आपको कवर करने के लिए आगे बढ़ने की पूरी कोशिश की थी... लेकिन उन्होंने मुझे संभलने तक का मौका नहीं दिया... मुझे माफ कर दीजिएगा सर... मैं आपके आगे ढाल नहीं बन सका..."
नौशाद का कलेजा फट गया। उसे अपने इस जख्मी साथी की वफादारी पर गर्व और अपनी ही एजेंसी के किसी अज्ञात गद्दार पर बेपनाह गुस्सा आ रहा था।
नौशाद इब्राहिम खान:
"तुमने अपनी जान दांव पर लगाकर आखिरी सांस तक जंग लड़ी है अज़गर। तुम्हारे जिस्म पर लगी ये चार गोलियां मेरे सीने पर लगी हैं। तुम्हारे इस एक-एक जख्म का और अपने शहीद भाइयों के खून का हिसाब मैं उस हमदान और उसके पीछे छुपे गद्दारों से सूद समेत वसूलूँगा!"
अज़गर ने कांपती उंगलियों से नौशाद की कलाई को कसकर पकड़ लिया।
अज़गर:
"सर... आप इस हॉस्पिटल से फौरन निकल जाइए... एजेंसी की नज़र में आप पर बहुत बड़ा इल्ज़ाम है... अगर आप पकड़े गए तो हमारी टीम की शहादत बेकार चली जाएगी... मेरी फिक्र मत कीजिए सर, आप जाइए और अपनी बेगुनाही साबित कीजिए..."
तभी अज़गर की धड़कनें अचानक बेकाबू होने लगीं और मॉनिटर का ग्राफ तेज़ी से गिरने लगा। आईसीयू का इमरजेंसी अलार्म बज उठा और डॉक्टर-नर्सों की टीम अंदर दौड़ी आई।
नौशाद ने भारी दिल से अज़गर का हाथ छोड़ा। उसने अपने इस सबसे वफादार और जांबाज दिखने वाले साथी को आखिरी बार देखा—इस बात से पूरी तरह अनजान कि मासूमियत और दर्द के इस चेहरे के पीछे कौन सा भयानक राज़ दफन है।
नौशाद ने अपनी जैकेट का कॉलर उठाया, अपनी आँखों की नमी को गुस्से की आग में बदला और हॉस्पिटल के सीक्रेट एग्जिट की तरफ कदम बढ़ा दिए।
काहिरा के पुराने और बदनाम इलाके अल-दाराब अल-अहमर की तंग, अंधेरी गलियों में रात का सन्नाटा पसरा हुआ था।
नौशाद ने अपना पूरा हुलिया बदल लिया था। उसने एक भारी लेदर जैकेट, आंखों पर गहरा चश्मा, उंगलियों में सोने की भारी अंगूठियां और गले में एक चेन पहन रखी थी। उसका अंदाज किसी शातिर अंडरवर्ल्ड आर्म्स डीलर जैसा लग रहा था। वह अपनी असली पहचान—एजेंट नौशाद इब्राहिम खान—को पूरी तरह छुपाकर एक इंटरनेशनल स्मगलर के रूप में मैदान में उतरा था।
वह सीधा मिस्र के सबसे बड़े ब्लैक-मार्केट ब्रोकर अल-अकराफ़ (द बिच्छू) के गुप्त ठिकाने पर पहुंचा, जो एक पुरानी मीट-पैकिंग शॉप के अंडरग्राउंड बेसमेंट में चलता था।
दरवाजे पर खड़े दो हथियारबंद गार्ड्स ने नौशाद को रोका, लेकिन नौशाद ने बिना किसी झिझक के नोटों की एक मोटी गड्डी उनके सीने पर मारी और दबंगई से अंदर दाखिल हो गया।
बेसमेंट में धुएं और शराब की गंध के बीच अल-अकराफ़ अपनी बड़ी लकड़ी की मेज पर बैठा सोने के बिस्कुट तौल रहा था। नौशाद बिना इजाजत के उसके सामने रखी भारी कुर्सी खींचकर बैठ गया और सिगार सुलगाते हुए मिस्री अरबी में भारी, रौबदार लहजे में बोला:
नौशाद (डीलर के रूप में):
"مساء الفل يا عقرب... جيت لك في مصلحة تقيلة، ومش فاضي لتضييع الوقت."
(Masaa el-foll ya Aqrab... Geet lak fee maslaha te'eela, w-mesh faadi le-tadyee' el-waqt.)
हिंदी अनुवाद: "शुभ संध्या अकराफ़... तुम्हारे पास एक बहुत बड़े काम के सिलसिले में आया हूँ, और मेरे पास वक्त बर्बाद करने का बिल्कुल टाइम नहीं है।"
अल-अकराफ़ ने अपनी भवें सिकोड़ीं और अपने सोने के तराजू को रोककर नौशाद को ऊपर से नीचे तक घूरा।
अल-अकराफ़:
"أنت مين يا باشا؟ ومين دخلك هنا أصلاً؟ السوق ده له ناسه وأصوله."
(Enta meen ya basha? W-meen dakhalak hena aslan? El-soo' da loh naso w-osoolo.)
हिंदी अनुवाद: "तुम कौन हो साहब? और तुम्हें अंदर आने किसने दिया? इस बाज़ार के अपने उसूल और अपने लोग होते हैं।"
नौशाद ने मेज पर एक भारी ब्रीफकेस पटका और उसका लॉक खोल दिया। ब्रीफकेस विदेशी करंसी (डॉलर और यूरो) की गड्डियों से भरा हुआ था।
नौशाद ने सिगार का धुआं अल-अकराफ़ के चेहरे पर छोड़ते हुए मिस्री अरबी में कहा:
नौशाद:
"أنا مشتري وعندي سلاح تقيل محتاج يتشحن لبرة، وسمعت إن المعلم حمدان مير هو الراجل الوحيد اللي يقدر يحرّك البضاعة دي الليلة."
(Ana moshtery w-andy selaah te'eel mehtaag yet-shehen le-barra, w-seme't en el-me'allem Hamdan Meer howa el-ragel el-waheed elli ye'dar yeharrak el-beda'a di el-leila.)
हिंदी अनुवाद: "मैं एक बड़ा खरीदार हूँ और मेरे पास भारी हथियारों का जखीरा है जो मुल्क से बाहर भेजना है। मैंने सुना है कि हमदान मीर ही वो इकलौता खिलाड़ी है जो आज रात यह माल हिला सकता है।"
अल-अकराफ़ की आँखें नोटों की गड्डियों को देखकर चमक उठीं, लेकिन हमदान का नाम सुनते ही उसके चेहरे पर एक संकोच और डर की लकीर भी खिंच गई।
अल-अकराफ़:
"حمدان مير؟! أنت جاي متأخر يا باشا... حمدان عنده مشكلة كبيرة الليلة ومولع الدنيا، ومبيستقبلش صفقات جديدة."
(Hamdan Meer?! Enta gay meta'akhkhar ya basha... Hamdan ando moshkela kabeera el-leila w-mowalla' el-donya, w-mabiyesta'belsh safaqat gedeeda.)
हिंदी अनुवाद: "हमदान मीर?! तुम बहुत देर से आए हो साहब... हमदान आज रात बहुत बड़ी मुसीबत में है, उसका पूरा मामला गरमा गया है और वह कोई नई डील नहीं ले रहा।"
नौशाद ने मुस्कुराते हुए नोटों की दो और गड्डियां अल-अकराफ़ की तरफ खिसकाईं और अपनी आवाज़ को धीमा करते हुए कहा:
नौशाद:
"المصالح الكبيرة بتتعمل وقت المشاكل... قولي طريقه فين وأنا هعرف اتصرف معاه، والعمولة دي كلها بتاعتك يا عقرب."
(El-masaleh el-kabeera btet'emel waqt el-mashakel... Olli tareeqo feen w-ana ha'raf etsarraf ma'aah, wel-omoola di kolloha beta'tak ya Aqrab.)
हिंदी अनुवाद: "बड़े सौदे मुसीबतों के वक्त ही होते हैं... मुझे बताओ उसका रास्ता कहाँ है, उससे कैसे निपटना है यह मैं देख लूँगा, और यह सारा कमीशन तुम्हारा हुआ अकराफ़।"
अल-अकराफ़ ने पैसों पर हाथ फेरा, चारों तरफ देखा और मेज पर आगे झुकते हुए फुसफुसाया:
अल-अकराफ़:
"حمدان طالع على إسكندرية دلوقتي... مأجر يخت في الرصيف نمرة 7، وهيتحرك الفجر على قبرص. لو عايز تلحقه، مش قدامك غير ساعتين."
(Hamdan tala' ala Eskendereyya delwa'ti... Me'aggar yakht fee el-raseef nemra 7, w-hayetharrak el-fagr ala Qobros. Law aayez tel-ha'o, mesh oddamak gheer saa'teen.)
हिंदी अनुवाद: "हमदान इस वक्त अलेक्जेंड्रिया की तरफ निकल रहा है... उसने डॉक नंबर 7 पर एक यॉट किराए पर ली है और तड़के साइप्रस के लिए निकलेगा। अगर उसे पकड़ना है, तो तुम्हारे पास सिर्फ दो घंटे हैं।"
नौशाद के चेहरे पर एक रहस्यमयी मुस्कान आ गई। उसने नोट वहीं छोड़े, अपना चश्मा ठीक किया और बिना कोई शक पैदा किए आराम से बेसमेंट से बाहर निकल गया।