बदसूरत लड़की - 1 Anjali kori द्वारा महिला विशेष में हिंदी पीडीएफ

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बदसूरत लड़की - 1

यह कहानी एक ऐसी लड़की की है, जिसे दुनिया बदसूरत कहकर पुकारती थी। लोग क्या उसकी अपनी मां-बाप भाई बहन को उसे  साथ लेकर चलने में शर्म आती थी, वह तो उसे अपनी फैमिली का हिस्सा भी नहीं मानते थे बस समाज के डर से उसे सड़क पर नहीं फेंक सके। और जैसे कोई जानवर पलता हो वैसे ही वह अपने घर अपने लोगों के बीच पाल रही थी। जहां खाना कम और अपमान ज्यादा मिलता कहने को वह अपने भाई बहनों में सबसे बड़ी थी पर उसे कभी वह इज्जत ना मिली जो उसे मिलनी चाहिए मीरा एक लड़की जो अपने घर वालों से बहुत प्यार करती उसे हमेशा लगता अगर वह सबका ख्याल रखेगी तो एक दिन वह सब उसे बहुत प्यार करेंगे पर वह पागल लड़की कहां आज कल की दुनिया से बाकीफ थी जो यह समझ सकती कि लोग जिन्हें वह अपना परिवार मानती है उन लोगों के लिए बस वह एक बोझ थी। उन्हें तो बस उनका सावला रंग नजर आता , जिससे वो नफरत करते थे।                            

एक शहर के एक नामी अस्पताल के लेबर रूम में एक औरत जिस जिसके डिलीवरी होने वाली थी प्रसव  पीड़ा दर्द से चिल्ला रही थी और उसका पति लेबर रूम के बाहर हाथ जोड़कर भगवान से अपने पत्नी और बच्चे की सलामती की प्रार्थना कर रहा था भगवान मेरी बीवी को बचा लेना मैं बहुत प्यार करता हूं मेरी जान की को बचा लेना। अंदर डॉक्टर उसे औरत को हौसला दे रही थी ताकि उसकी डिलीवरी नॉर्मल हो सके। और फिर कुछ देर की दर्द के बाद लेबर रूम से एक बच्चे के किलकारी की आवाज आती है जिसे सुनकर बाहर खड़ा हो आदमी खुशी से भगवान को धन्यवाद करता है वह औरत जिसने अभी उसे बच्ची को जन्म दिया था दर्द से आंखें बंद करके लेटी थी। कुछ देर बाद वह अपनी आंखें खोलकर सामने खड़ी नर्स से बोलता है मेरा बच्चा तब वह नर्स मुस्कुरा के रहती है जी वह अभी लेकर आता हूं और तब तक नर्स और बच्चे को नहला-धुला कर उसे औरत के पास लेकर आती है और मुस्कुरा कर बोलता है कंग्रॅजुलेशन मैं आपके घर पर एक बेटी आई है यह सुनकर वह औरत बहुत खुश हो जाती और कहती है मैं इसके पापा मुझसे शर्त जीत गए इसके पापाचाहते थे कि हमारे घर पर एक प्यारा सी चांद सी बेटी हो। उसे औरत की बात सुनकर गोद में बच्ची को ली हुई उसे नर्स का चेहरा थोड़ा फीका पड़ गया पर उसने अपने चेहरे पर मुस्कुराहट लेट हो उसे बच्ची को उसके गोद में दिया। और जैसे ही उसे औरत ने बच्ची का चेहरा दिखा तुम मानो जैसे उसने कोई बहुत अनोखी चीज देख ली हो वह नर्स को देखकर जोर से चीखी, यह क्या हरकत है यह किसकी बच्ची है मैडम यह आपकी ही बच्ची है वह औरत की बात सुनकर आगबबूला हो चुकी थी देखिए सिस्टर मेरे साथ मजाक मत कीजिए। मुझे अच्छे से पता है यह मेरी बेटी नहीं है आप पहले मुझे देखिए और बच्ची का रंग देखी क्या आपको लगता है कि यह मेरी बेटी हो सकती है उसे औरत की ऐसी बातें सुनकर एक पल के लिए बोनस उसे औरत के चेहरे को देखने लगी जैसे यह सोच रही हो कि यह किस तरह की औरत है जो अपनी ही बच्चे को पहचान नहीं रही अपना नहीं मान रही सिर्फ उसके सांवले रंग को देखकर। उसे औरत की तेज आवाज सुनकर बाहर खड़ा उसका पति भी आ गया और जब उसने भी उसे बच्ची का चेहरा देखा तो वह भी  नर्स पर लगभग चीखने ही लगा नहीं यह हमारी बच्ची नहीं है यह किसी और की बच्ची है आप हम दोनों को देखिए क्या कहीं से भी यह बच्ची  हमारी लगती है जब हम दोनों इतने गोरे हैं तो हमारे बच्चे काली कैसे हो सकती है और फिर वह नस उन दोनों पढ़े लिखे लोगों का चेहरा ही देखने लगी जो इतनी शिक्षित होकर भी ऐसी बातें कर रहे थे