SUPER GIRL RADIENT STAR द्वारा फिक्शन कहानी में हिंदी पीडीएफ

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SUPER GIRL


सुबह की पहली सुनहरी किरणें Asterion ग्रह की राजधानी Navashikhar City पर बिखर रही थीं।

पूरा शहर किसी भविष्य की दुनिया जैसा दिखाई देता था।

आसमान में बिना किसी पटरी के दौड़ती Magnetic Trains बिजली की रफ्तार से एक छोर से दूसरे छोर तक जा रही थीं। पारदर्शी Transport Platforms हवा में तैरते हुए लोगों को इमारतों के बीच पहुँचा रहे थे। काँच और धातु से बने गगनचुंबी टावर सूरज की रोशनी में ऐसे चमक रहे थे, मानो पूरा शहर स्वयं ऊर्जा से बना हो।

लेकिन आज लोगों की नज़रें इन अद्भुत इमारतों पर नहीं थीं।

आज पूरे ग्रह का सबसे बड़ा उत्सव था।

Origin Festival।

यह केवल एक त्योहार नहीं था।

यह हर परिवार के सम्मान...

हर बच्चे के भविष्य...

और पूरे राष्ट्र की आशाओं का दिन था।

हर वर्ष तेरह वर्ष की आयु पूरी कर चुके बच्चे इस दिन पहली बार अपनी Origin Power का प्रदर्शन करते थे।

लेकिन यह प्रतियोगिता केवल शक्ति दिखाने की नहीं थी।

यह बुद्धि...

नियंत्रण...

अनुशासन...

और समाज के लिए उस शक्ति के उपयोग की परीक्षा भी थी।

यही कारण था कि इस दिन पूरे ग्रह की निगाहें राजधानी पर टिक जाती थीं।

---

शहर के मध्य स्थित Celestial Arena आज हजारों लोगों से भरा हुआ था।

गोलाकार सफेद संगमरमर का विशाल मैदान।

चारों ओर चमकता पारदर्शी सुरक्षा कवच।

ऊपर हवा में तैरते हजारों Holographic Cameras, जो पूरे ग्रह में इस समारोह का सीधा प्रसारण कर रहे थे।

Arena के मध्य में बना विशाल मंच किसी राजमहल से कम नहीं लग रहा था।

और उसके पीछे...

एक प्राचीन क्रिस्टल स्तंभ शांत खड़ा था।

Origin Resonance Obelisk।

उसकी ऊँचाई लगभग तीस फीट थी।

उसकी सतह पर हजारों रहस्यमयी प्रतीक उकेरे गए थे, जो समय-समय पर हल्की सुनहरी रोशनी से चमक उठते थे।

कहा जाता था...

मानव सभ्यता के जन्म से भी पहले यह Obelisk अस्तित्व में था।

किसने बनाया...

कैसे बनाया...

और इसकी वास्तविक शक्ति क्या थी...

इन प्रश्नों का उत्तर आज तक किसी के पास नहीं था।

लेकिन एक बात पूरी दुनिया जानती थी।

यह कभी गलती नहीं करता।

जिसने भी उसे स्पर्श किया...

उसका Origin उसी क्षण प्रकट हो जाता था।

---

अचानक पूरे Arena में शंखनाद जैसी गूँज उठी।

"महाराज पधार रहे हैं!"

एक क्षण में पूरा Arena अपनी सीटों से खड़ा हो गया।

हजारों लोगों ने एक साथ सिर झुका दिए।

सुनहरे राजसी वस्त्रों में King Aryaveer मंच पर आए।

उनके साथ थे देश के Prime Minister Dev Malhotra, रक्षा परिषद के सदस्य, सेना के सर्वोच्च अधिकारी, वैज्ञानिक परिषद के प्रमुख और Great Hall Academy के प्रधानाचार्य।

मंच पर उनके लिए विशेष सिंहासन पहले से तैयार थे।

लेकिन सभी की निगाहें अभी भी मंच के दाईं ओर रखी पाँच भव्य कुर्सियों पर थीं।

वे पाँच आसन किसी राजा से कम सम्मानित नहीं थे।

क्योंकि वे थे...

The Five Great Families के लिए।

पाँच ऐसे परिवार...

जिन्होंने सदियों से इस ग्रह की रक्षा, विज्ञान, प्रशासन और सैन्य शक्ति की नींव रखी थी।

उनके निर्णय पूरे राष्ट्र का भविष्य बदल सकते थे।

---

एक-एक करके पाँचों परिवारों के प्रमुख अपने स्थान पर बैठने लगे।

भीड़ में फुसफुसाहट शुरू हो गई।

"देखो..."

"House Veyron आ गया।"

लोगों की निगाहें तुरंत उसी दिशा में मुड़ गईं।

सबसे आगे चल रहे थे...

General Arvind Veyron।

राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सर्वोच्च कमांडर।

हजारों सैनिकों के सेनापति।

उनके एक आदेश पर पूरा सैन्य तंत्र सक्रिय हो सकता था।

उनका चेहरा कठोर था।

आँखों में भावनाओं की जगह केवल अनुशासन दिखाई देता था।

उनके पीछे चल रही थीं...

Meera Veyron।

उनके व्यक्तित्व में एक अलग ही गरिमा थी।

चेहरे पर हल्की मुस्कान...

आँखों में अपनापन...

और व्यवहार में ऐसी शांति, जो आसपास के लोगों को भी सुकून दे दे।

लेकिन आज...

उनकी पूरी दुनिया उनके साथ चल रही चौदह वर्ष की एक लड़की तक सीमित थी।

---

लंबे काले बाल...

दूध-सा गोरा चेहरा...

पतला-सा शरीर...

और आँखों पर लगा साधारण गोल फ्रेम का चश्मा।

चश्मे के पीछे उसकी आँखें हल्की भूरी दिखाई देती थीं।

वह सिर झुकाए शांत कदमों से चल रही थी।

उसके चेहरे पर न घबराहट थी...

न उत्साह...

और न ही किसी प्रकार का अभिमान।

बस एक गहरी खामोशी।

उसका नाम था...

Aaria Veyron।

---

जैसे ही वह अपने परिवार के साथ बैठी...

चारों ओर धीमी आवाज़ें उठने लगीं।

"यही है ना General Veyron की बेटी?"

"हाँ..."

"चौदह साल की हो गई।"

"फिर भी इसका Origin जागा नहीं।"

"इतने बड़े परिवार की बेटी होकर भी Originless..."

"सच में शर्म की बात है।"

फुसफुसाहटें धीरे-धीरे बढ़ने लगीं।

हर शब्द...

सीधे Aaria के कानों तक पहुँच रहा था।

लेकिन उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

शायद इसलिए...

क्योंकि वह यह सब पहली बार नहीं सुन रही थी।

पिछले कई वर्षों से...

हर समारोह...

हर सभा...

हर मुलाकात में यही शब्द उसका पीछा करते थे।

Originless।

एक ऐसा शब्द...

जो धीरे-धीरे उसके नाम से भी बड़ा बन चुका था।

---

Meera ने बिना कुछ कहे उसका हाथ पकड़ लिया।

उनकी हथेली हमेशा की तरह गर्म थी।

"Aaria..."

उन्होंने धीमे स्वर में कहा।

"लोग क्या कहते हैं, इससे फर्क मत पड़ने देना।"

Aaria ने हल्की मुस्कान दी।

"मैंने कब उन्हें अपने ऊपर हावी होने दिया है, Mom?"

Meera मुस्कुरा दीं।

"फिर भी..."

"आज का दिन अलग है।"

Aaria ने उनकी आँखों में देखा।

"हाँ..."

"शायद।"

लेकिन उसके मन के अंदर एक ही प्रश्न बार-बार उठ रहा था।

क्या सचमुच आज भी कुछ नहीं होगा?

---

उसने अनजाने में अपने पिता की ओर देखा।

General Arvind किसी मंत्री के साथ गंभीर चर्चा में व्यस्त थे।

उन्होंने एक बार भी अपनी बेटी की ओर नहीं देखा।

एक पल के लिए भी नहीं।

Aaria की मुस्कान हल्की पड़ गई।

दर्द नया नहीं था।

लेकिन हर बार...

थोड़ा और गहरा हो जाता था।

उसे याद भी नहीं था...

आखिरी बार उसके पिता ने उसकी ओर गर्व से कब देखा था।

शायद...

जब उसका Origin जागने की उम्मीद अभी खत्म नहीं हुई थी।

---

तभी पीछे से एक मधुर लेकिन बनावटी आवाज़ सुनाई दी।

"बहन..."

Aaria ने मुड़कर देखा।

लाल रंग की महँगी पोशाक...

आत्मविश्वास से भरी मुस्कान...

और आँखों में छिपा हुआ अहंकार।

Ishika Veyron।

उसकी चचेरी बहन।

पंद्रह वर्ष की।

एक वर्ष पहले ही उसका Storm Origin जाग चुका था।

पूरे House Veyron की सबसे प्रतिभाशाली युवाओं में उसका नाम लिया जाता था।

कम-से-कम...

सब ऐसा ही मानते थे।

Ishika मुस्कुराते हुए Aaria के सामने आकर खड़ी हो गई।

"कैसी हो?"

"अच्छी हूँ।"

Aaria ने सहजता से उत्तर दिया।

Ishika की नज़र धीरे-धीरे उसके चश्मे पर गई।

फिर वह मुस्कुराई।

"सुना है..."

"अभी भी कोई Origin नहीं जागा?"

उसकी आवाज़ में चिंता कम...

और व्यंग्य अधिक था।

Aaria शांत रही।

"नहीं।"

"ओह..."

Ishika ने नाटकीय अंदाज़ में लंबी साँस ली।

"मुझे सच में तुम्हारे लिए दुख होता है।"

पास बैठे कुछ युवाओं की हल्की हँसी सुनाई दी।

Ishika ने आगे कहा,

"अगर मैं तुम्हारी जगह होती..."

"तो शायद ऐसे समारोहों में आना ही छोड़ देती।"

कुछ लोगों के चेहरे पर मुस्कान आ गई।

लेकिन Aaria ने केवल उसकी आँखों में देखा।

न गुस्सा...

न अपमान...

सिर्फ शांति।

यही बात Ishika को सबसे अधिक परेशान करती थी।

क्योंकि वह चाहती थी कि Aaria टूट जाए।

लेकिन वह हर बार पहले से भी अधिक शांत दिखाई देती थी।

और यही उसकी सबसे बड़ी ताकत थी...

या शायद...

सबसे बड़ा रहस्य।

Ishika की बात समाप्त होते ही वातावरण कुछ क्षणों के लिए असहज हो गया।

तभी Meera अपनी सीट से उठीं।

उनकी आवाज़ धीमी थी, लेकिन उसमें ऐसी दृढ़ता थी कि आसपास बैठे सभी लोग शांत हो गए।

"Ishika... बस।"

Ishika ने तुरंत मासूम-सी मुस्कान ओढ़ ली।

"मैं तो सिर्फ़ Aaria का हौसला बढ़ा रही थी, Aunt."

Meera ने उसकी आँखों में देखते हुए कहा,

"जिस हौसले में किसी को छोटा दिखाना पड़े, वह हौसला नहीं... अहंकार होता है।"

कुछ पल के लिए Ishika के चेहरे की मुस्कान गायब हो गई।

लेकिन अगले ही पल उसने स्वयं को संभाल लिया।

"आप जैसा ठीक समझें।"

इतना कहकर वह मुड़ी और भीड़ में खो गई।

---

Aaria ने धीरे से Meera का हाथ पकड़ लिया।

"Mom..."

"आप हर बार मेरे लिए क्यों खड़ी हो जाती हैं?"

Meera ने उसकी ओर देखा और मुस्कुराईं।

"क्योंकि दुनिया चाहे कुछ भी कहे..."

"मेरे लिए तुम कभी कम नहीं हो।"

Aaria की आँखें हल्की-सी नम हो गईं।

वह कुछ नहीं बोली।

सिर्फ़ चुपचाप अपनी माँ का हाथ थामे रही।

---

उसी समय पूरे Arena में उद्घोषक की गूँजती हुई आवाज़ सुनाई दी।

"Ladies and Gentlemen..."

"Origin Demonstration अब प्रारंभ होता है।"

क्षणभर में पूरा Arena तालियों की गड़गड़ाहट से भर उठा।

विशाल Holographic Screens पर पहला प्रतिभागी दिखाई दिया।

एक तेरह वर्षीय लड़का आत्मविश्वास से मंच पर पहुँचा।

उसने जैसे ही अपना हाथ आगे बढ़ाया...

उसकी हथेलियों से चमकदार धातु निकलकर हवा में तैरने लगी।

कुछ ही सेकंड में उसने तलवार, ढाल और एक जटिल यांत्रिक पक्षी बना दिया।

पूरा Arena तालियों से गूँज उठा।

"Forge Origin!"

घोषक की आवाज़ पूरे मैदान में फैल गई।

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उसके बाद एक लड़की मंच पर आई।

उसने मुस्कुराकर अपनी हथेली मिट्टी की ओर बढ़ाई।

कुछ ही क्षणों में सूखी ज़मीन से हरे पौधे निकलने लगे।

कुछ सेकंड बाद वहाँ रंग-बिरंगे फूलों का सुंदर बगीचा खड़ा था।

हवा सुगंध से भर गई।

"Bloom Origin!"

दर्शक मंत्रमुग्ध होकर उसे देखने लगे।

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फिर एक-एक करके कई प्रतिभागी मंच पर आए।

किसी ने Storm Origin से बिजली उत्पन्न कर पूरे Energy Grid को सक्रिय कर दिया।

किसी ने Crystal Origin से हवा में चमकते ऊर्जा क्रिस्टल बना दिए।

Echo Origin वाली एक लड़की ने बिना किसी उपकरण के अपनी आवाज़ पूरे Arena के हर कोने तक पहुँचा दी।

Gravity Origin वाले लड़के ने विशाल पत्थरों को हवा में तैराकर संतुलित कर दिया।

हर प्रदर्शन पिछले से अधिक अद्भुत था।

हर नई शक्ति के साथ तालियों की आवाज़ और तेज़ होती जा रही थी।

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लेकिन Aaria की आँखों में किसी प्रकार की ईर्ष्या नहीं थी।

वह हर प्रदर्शन को बड़े ध्यान से देख रही थी।

उसकी आँखों में केवल एक जिज्ञासा थी।

अगर कभी मेरा भी Origin जागा...

तो वह कैसा होगा?

क्या वह भी लोगों की मदद कर पाएगी?

क्या वह भी विज्ञान को आगे बढ़ा पाएगी?

या...

क्या उसके पास कोई साधारण-सी शक्ति होगी?

उसे उत्तर नहीं पता था।

लेकिन वह आज भी उम्मीद छोड़ना नहीं चाहती थी।

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दूर बैठी Ishika लगातार Aaria को देख रही थी।

उसकी आँखों में मुस्कान धीरे-धीरे गायब हो रही थी।

उसने मन ही मन सोचा—

"जब तक Aaria Originless है... तब तक मैं सुरक्षित हूँ।"

"लेकिन अगर किसी दिन उसका Origin जाग गया..."

उसने अनजाने में अपनी मुट्ठियाँ भींच लीं।

Aaria केवल सुंदर नहीं थी।

वह पूरे House Veyron में सबसे तेज़ दिमाग़ वाली लड़की थी।

रणनीति...

इतिहास...

विज्ञान...

और सैन्य सिद्धांत...

हर विषय में वह अपनी उम्र से कहीं आगे थी।

अगर उसे कभी कोई शक्तिशाली Origin मिल गया...

तो House Veyron का अगला उत्तराधिकारी कौन होगा...

इस प्रश्न का उत्तर बदल सकता था।

और Ishika...

यह होने नहीं देना चाहती थी।

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उसकी नज़र धीरे-धीरे Arena के पीछे खड़े विशाल Origin Resonance Obelisk पर गई।

सदियों पुराना वह रहस्यमयी स्तंभ आज भी उसी शांति से खड़ा था।

Ishika की आँखों में अचानक एक खतरनाक चमक उभरी।

वह चुपचाप अपनी सीट से उठी।

किसी ने उस पर ध्यान नहीं दिया।

सभी लोग मंच पर चल रहे प्रदर्शन में व्यस्त थे।

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धीरे-धीरे वह भीड़ के पीछे बने उस हिस्से तक पहुँची...

जहाँ Obelisk अकेला खड़ा था।

उसने चारों ओर नज़र दौड़ाई।

कोई नहीं था।

उसने अपनी जेब से एक छोटा-सा नीला Crystal निकाला।

यह साधारण Crystal नहीं था।

यह कुछ क्षणों के लिए ऊर्जा प्रवाह को अस्थिर कर सकता था।

Ishika के चेहरे पर एक ठंडी मुस्कान आई।

"मुझे माफ़ करना, बहन..."

"लेकिन House Veyron की उत्तराधिकारी मैं बनूँगी।"

उसने Crystal को Obelisk के आधार में बनी एक बेहद पतली दरार में धीरे से दबा दिया।

क्षणभर के लिए पूरे Obelisk पर नीली रेखाएँ चमकीं।

फिर सब पहले जैसा शांत हो गया।

Ishika ने राहत की साँस ली।

"अब..."

"आज पूरी दुनिया देखेगी कि Aaria हमेशा के लिए Originless है।"

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कुछ देर बाद वह सामान्य भाव बनाकर अपनी सीट पर लौट आई।

किसी को उस पर ज़रा भी शक नहीं हुआ।

लेकिन उसे नहीं पता था...

उसने केवल Obelisk को नहीं छुआ था।

उसने सदियों से सोए एक ऐसे रहस्य को जगा दिया था...

जिसे इतिहास ने हमेशा के लिए दफ़न मान लिया था।

और जब ऐसे रहस्य जागते हैं...

तो केवल एक परिवार नहीं...

पूरी दुनिया बदल जाती है।