खलनायिका के रूप में पुनर्जन्म Fictional world द्वारा फिक्शन कहानी में हिंदी पीडीएफ

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खलनायिका के रूप में पुनर्जन्म

(कहानी शुरू करने से पहले मैं बता दूं ये मेरी ओरिजिनल स्टोरी है ओर सारे कॉपीराइट मेरे पास है तो कॉपी ना करे)
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आयरनवुड पेनिटेंटशियरी (जेल) का कंक्रीट का फर्श कैदियों के जूतों से नहीं, बल्कि ईथन के नाम के खौफ से कांपता था।

ईथन सेल नंबर 42 में सिर्फ बंद नहीं था; ऐसा लगता था जैसे पूरी जेल को उसके इर्द-गिर्द ही बनाया गया था। इस ब्लॉक में खतरनाक ड्रग माफिया, बड़े-बड़े कांट्रैक्ट किलर्स और ऐसे हत्यारे बंद थे जो अपने शिकार के चेहरे तक भूल चुके थे, लेकिन ईथन वहां का बिना लिखा कानून था। जब वह सुबह की गिनती के समय कॉरिडोर से गुजरता था, तो लोहे के दरवाजों के टकराने और कैदियों के चिल्लाने का शोर अपने आप थम जाता था। यह कोई डर की वजह से अचानक छाई खामोशी नहीं थी, बल्कि ईथन के रुतबे के सामने पूरी जेल का एक मौन सलाम था।
जब ईथन मेस हॉल में अपनी टेबल के पास से गुजरता, तो जेल के गार्ड्स भी अपनी लाठियां नीचे कर लेते थे। वे जानते थे कि अगर कभी जेल में दंगा भड़का, तो ईथन की उठी हुई एक उंगली उस दंगे को उतनी तेजी से शांत कर सकती है जितना एक दर्जन आंसू गैस के गोले भी नहीं कर सकते। वह बस अपनी सजा के आखिरी दिन गिन रहा था—ठीक चार दिन बचे थे। उसकी कानूनी सेटिंग इतनी तगड़ी थी कि उसके खिलाफ लगे आरोप धीरे-धीरे हटते गए, गवाह अचानक मुकर गए और सारे सबूत हवा में गायब हो गये।

वह जेल में कोई कस्टमाइज्ड कपड़े या हाथ से बना चाकू (शिव) लेकर नहीं घूमता था। वह सामान्य ग्रे रंग का कैदी वाला जंपसूट ही पहनता था, लेकिन उस पर वह कपड़ा भी किसी महंगे सूट की तरह फिट बैठता था। उसका अंदाज एकदम बेफिक्र और कूल था। वह हाथ में एक नॉवेल (किताब) लिए यार्ड की जालीदार दीवार के सहारे खड़ा रहता, मानो वह किसी जेल में नहीं बल्कि किसी फाइव-स्टार लाउंज में अपनी फ्लाइट का इंतजार कर रहा हो।
"उसे देखो," मार्कस ने फुसफुसाते हुए कहा, जो तीन साल पहले बैंक डकैती में पकड़ा गया था और जिसके हाथ आज भी डर से कांपते थे। "सिर्फ चार दिन बचे हैं। जेल का वार्डन शायद एक-एक मिनट गिन रहा होगा कि यह कब बाहर जाए और उसे उसकी जेल वापस मिले।"
दोपहर के वक्त कैदियों को लाने वाली बस से तीन नए मुजरिम जेल पहुंचे। उनमें से दो तो बिल्कुल वैसे ही चल रहे थे जैसे नए कैदी चलते हैं—कंधे झुके हुए, नजरें जमीन पर, और खुद को छुपाने की कोशिश।
लेकिन तीसरा कैदी, जिसका नाम विक्टर था, एक भारी-भरकम और तगड़ा आदमी था। उसकी गर्दन पर एक अजीब सा टैटू बना हुआ था और वह बड़े घमंड के साथ चल रहा था। विक्टर बाहर की दुनिया में अपने एक बेरहम जुर्म के लिए बदनाम था—उसने गुस्से में अपनी ही गर्लफ्रेंड का गला घोंटकर मर्डर कर दिया था और पुलिस के सामने इसका जश्न भी मनाया था। वह अपनी उसी क्रूरता की अकड़ में जी रहा था। वह सबको दिखाना चाहता था कि वह कितना खतरनाक है।
शाम को जब सभी कैदियों को यार्ड में छोड़ा गया, तो विक्टर चारों तरफ नजरें दौड़ाने लगा। वह जेल के सबसे बड़े नाम को ढूंढ रहा था ताकि उसे नीचा दिखाकर खुद वहां का डॉन बन सके। उसकी नजर ईथन पर पड़ी, जो कंक्रीट के एक बेंच पर अकेला बैठा डूबते सूरज की रोशनी में शांति से किताब पढ़ रहा था। उसके आस-पास दस फीट तक कोई भी कैदी भटकने की हिम्मत नहीं कर रहा था।
"यह लाइब्रेरी की किताब चाटने वाला सुंदर लड़का कौन है?" विक्टर ने जानबूझकर इतनी तेज आवाज में ताना मारा कि आस-पास के कैदी अपनी जगह पर जम गए।
मार्कस, जो वहीं से गुजर रहा था, उसने बिना विक्टर की तरफ देखे दबी आवाज में कहा, "चुपचाप आगे बढ़ जा, नए मुर्गें। वो ईथन है।" 

विक्टर जोर से हंसा, उसकी आवाज बहुत चुभने वाली थी। "ईथन? नाम से तो ऐसा लगता है जैसे कोई स्कूल का बच्चा हो जिससे पॉकेट मनी छीननी पड़े।"
वह अपने भारी जूतों की आवाज करता हुआ सीधे ईथन की तरफ बढ़ा। पूरे यार्ड में सन्नाटा छा गया। बास्केटबॉल की ड्रिबलिंग रुक गई। वजन उठाने वाले कैदियों ने अपनी सांसें रोक लीं और लोहे की प्लेट्स हवा में ही थमी रह गईं। यहां तक कि वॉच टावर पर खड़े गार्ड्स ने भी अपनी राइफलें संभाल लीं, लेकिन कोई बीच-बचाव करने नहीं उतरा। वे भी देखना चाहते थे कि आगे क्या होगा।
विक्टर सीधे ईथन के सामने जाकर खड़ा हो गया, जिससे ईथन की किताब पर उसकी परछाईं आ गई। "ओए! पढ़ाकू बाबू! तुमसे बात कर रहा हूं।"
ईथन ने तुरंत ऊपर नहीं देखा। उसने अपना पैराग्राफ पूरा किया, पन्ने के कोने को सलीके से मोड़ा ताकि याद रहे कि कहां तक पढ़ा है, और फिर धीरे से किताब बंद की। इसके बाद ही उसने अपनी नजरें ऊपर उठाईं। उसकी आंखों में कोई गुस्सा नहीं था; वे बेहद शांत थीं—एक ठंडे और गहरे समंदर जैसी शांत।
"तुम मेरी रोशनी रोक रहे हो," ईथन ने कहा। उसकी आवाज में कोई दिखावटी भारीपन या चिल्लाहट नहीं थी, वह बेहद सहज और कूल थी।
विक्टर ने एक खोखली हंसी हंसते हुए अपना चेहरा ईथन के चेहरे के बिल्कुल करीब लाया। "मुझे तुम्हारी रोशनी की परवाह नहीं है। मैंने सुना है तुम यहां के दादा हो। पर जहां से मैं आता हूं ना, वहां तुम्हारे जैसे लड़के मेरे मोजे धोते हैं। मैंने अपने इन हाथों से एक जान ली है, छोटे। तूने ऐसा क्या किया जो यहां आया? टैक्स चोरी?"
विक्टर के मुंह से उसके जुर्म की बात सुनते ही—कि उसने उस लड़की को मार डाला जिसने उस पर भरोसा किया था—ईथन की आंखों का रंग बदल गया। वह शांति पल भर में गहरी नफरत और हिकारत में बदल गई। ईथन को उन मर्दों से सख्त नफरत थी जो कमजोरों पर जुल्म करने को अपनी ताकत समझते थे।
ईथन अपनी जगह से खड़ा हुआ। उसने कोई जल्दबाजी नहीं दिखाई। उसने न तो फाइटिंग स्टेंस लिया और न ही अपनी मुट्ठियां बांधीं। वह बस अपनी पूरी लंबाई के साथ खड़ा हो गया और विक्टर को देखने लगा।
"तुमने उस औरत को सिर्फ इसलिए मार दिया क्योंकि वह तुमसे प्यार करती थी और तुम अपने अंदर के डरपोक इंसान को संभाल नहीं पाए," ईथन ने बहुत धीरे से कहा, लेकिन उसकी आवाज सन्नाटे को चीरती हुई गूंजी। "यह तुम्हें कोई कातिल या डॉन नहीं बनाता, विक्टर। यह सिर्फ यह दिखाता है कि तुम इस धरती पर एक बोझ हो।"
विक्टर का चेहरा गुस्से से लाल हो गया। "तेरी यह मजाल—"
इससे पहले कि विक्टर का कंधा पंच मारने के लिए थोड़ा सा भी हिलता, ईथन का दाहिना हाथ हवा में घूमा। वह कोई मुक्के वाली लड़ाई नहीं थी। वह बिजली की रफ्तार से पड़ा एक खुला, जोरदार थप्पड़ था।
चटाक!
उस थप्पड़ की आवाज जेल की कंक्रीट की दीवारों से टकराकर किसी बंदूक की गोली की तरह गूंज उठी।
उस थप्पड़ का इम्पैक्ट इतना जबरदस्त था कि विक्टर सिर्फ घूमा ही नहीं, बल्कि उसका भारी शरीर जमीन से थोड़ा ऊपर उठकर सीधे धूल भरे कंक्रीट पर जा गिरा। विक्टर की आंखों के सामने अंधेरा छा गया। उसका जबड़ा बुरी तरह हिल गया था और मुंह के अंदर से तुरंत खून बहने लगा।
अपने बचे-खुचे होश संभालते हुए, विक्टर ने जमीन पर हाथ-पैर मारकर उठने की कोशिश की। उसने घबराकर चारों तरफ देखा कि कोई उसकी मदद करे या उसे कोई हथियार मिल जाए। लेकिन जैसे ही उसने नजर उठाई, उसे आयरनवुड जेल की असली हकीकत समझ आ गई।
यार्ड में पचास से ज्यादा खूंखार कैदी खड़े थे। कोई भी उसकी मदद के लिए आगे नहीं बढ़ा। किसी ने ईथन का विरोध नहीं किया। वे सब बस खड़े होकर विक्टर को तरस और मजाक भरी नजरों से देख रहे थे। दीवार पर तैनात गार्ड्स भी बुत बनकर खड़े थे, उनके हाथ उनकी बंदूकों पर आराम से टिके थे, मानो यार्ड में कुछ हुआ ही न हो।
ईथन के माथे पर पसीने की एक बूंद तक नहीं थी। उसने अपनी हथेली को देखा, उसे अपने जंपसूट से ऐसे पोंछा जैसे उसने किसी गंदी चीज को छू लिया हो, और फिर जमीन से अपनी किताब उठा ली।
वह आगे बढ़ा। अब तक बुरी तरह डर चुका विक्टर जमीन पर कोहनियों के बल घिसटते हुए केकड़े की तरह पीछे हटा ताकि वह ईथन के रास्ते से दूर हो सके।
ईथन ने नीचे उसकी तरफ देखा तक नहीं और उसी जगह से आगे निकल गया जहां विक्टर गिरा हुआ था। सेल ब्लॉक के गेट के पास पहुंचकर वह रुका, उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा, बस शांत आवाज में कहा:
"चार दिन," ईथन ने पूरे यार्ड से कहा। "तब तक यहां शोर कम होना चाहिए।"
वह चुपचाप अंदर चला गया, और पीछे यार्ड में एक ऐसा सन्नाटा छोड़ गया जो खौफ से भरा था। विक्टर जमीन पर पड़ा अपना सूजा हुआ चेहरा पकड़े हांफ रहा था, और उसे समझ आ गया था कि इस पिंजरे का असली शेर कौन है।