अध्याय 2 : टकराव की दस्तक
शाम अपनी पूरी रौनक पर थी। आलीशान होटल का भव्य हॉल सुनहरी रोशनी से जगमगा रहा था। चारों ओर कैमरों की फ्लैश, मेहमानों की हँसी और मधुर संगीत गूँज रहा था। हर किसी की नज़र आज की सबसे चर्चित जोड़ी—अभय और प्रिया—पर थी।
लेकिन तभी...भीड़ को चीरते हुए मशहूर अभिनेत्री अनुष्का अरोड़ा तेज़ कदमों से अभय के पास पहुँची। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, उसने सबके सामने अभय का हाथ पकड़ लिया।"अभय... मेरे साथ चलो।
"बिना किसी की परवाह किए वह उसे लगभग घसीटते हुए हॉल से बाहर ले गई।पूरा हॉल एक पल के लिए सन्न रह गया।कैमरों की फ्लैश उस पल को कैद कर रही थीं, लेकिन उस दृश्य में छिपे तनाव को कोई कैमरा नहीं छिपा सकता था।हॉल से थोड़ी दूर पहुँचते ही अभय ने झटके से अपना हाथ छुड़ा लिया।
उसकी आँखों में गुस्सा साफ दिखाई दे रहा था।"ये क्या बदतमीज़ी है, अनुष्का? तुम मुझे यहाँ क्यों लेकर आई हो... वो भी सबके सामने?
"अनुष्का ने होंठों पर हल्की मुस्कान लाई, जैसे उसे इस बात का कोई पछतावा ही न हो।"ओह माय डार्लिंग... तुम्हें बचाने के लिए।"अभय की भौंहें सिकुड़ गईं।"किससे?""उस लड़की से...""व्हाट? कैसी बकवास कर रही हो तुम?
"अनुष्का ने तिरछी मुस्कान के साथ कहा—"सुनो अभय... आखिर उस लड़की में ऐसा क्या है? तुम्हारे स्टैंडर्ड के सामने उसकी कोई औकात ही नहीं है।
तुम मुझसे सगाई कर लो। आखिर मैं एक मशहूर अभिनेत्री हूँ। नाम है... पहचान है... क्लास है। और वैसे भी आजकल कौन अरेंज मैरिज करता है?"उसकी बात पूरी भी नहीं हुई थी कि अभय का धैर्य टूट गया।
"स्टॉप इट, अनुष्का!"उसकी आवाज़ पहले से कहीं ज्यादा सख्त थी।"जिस लड़की के बारे में तुम इतनी आसानी से बोल रही हो... उसके बारे में तुम कुछ भी नहीं जानती।"अनुष्का ने व्यंग्य से हँसते हुए पूछा—"तो बता दो... आखिर है कौन वो?"अभय की आँखों में गर्व साफ झलक रहा था।
"वो हैं... मिस प्रिया सिंह राजपूत।राजपूताना ग्रुप्स ऑफ इंडस्ट्रीज़ की मालकिन।दस बड़ी फैक्ट्रियों की ओनर।लेकिन इतनी दौलत और ऊँचा पद होने के बावजूद उन्होंने अपनी Chief Executive Officer की कुर्सी छोड़ दी... सिर्फ इसलिए क्योंकि उनका सपना था देश की सेवा करना।
आज वो एक Indian Police Service Officer हैं।तुम सोच भी नहीं सकती कि वो अपने काम के लिए कितनी समर्पित हैं।और जहाँ तक सगाई की बात है...मैं ये फैसला अपनी मर्जी से कर रहा हूँ।"अनुष्का का चेहरा गुस्से से तमतमा उठा।"इतनी इज़्ज़त दे रहे हो उसे... जैसे वो कोई देवी हो।
"अभय ने उसकी आँखों में देखते हुए बेहद शांत लेकिन बेहद कड़े स्वर में कहा—"Listen, Miss Anushka Arora...वो मेरे लिए सिर्फ एक लड़की नहीं...एक सम्मानित इंसान हैं।और आज जो तुमने मेरे साथ किया...सबके सामने मेरा हाथ पकड़कर मुझे यहाँ खींच लाई...ऐसी गलती दोबारा मत करना।वो बाकी लड़कियों जैसी बिल्कुल नहीं हैं।ना बेवजह जलती हैं...ना चीखती-चिल्लाती हैं...लेकिन जब वो जवाब देती हैं...तो सामने वाला उम्र भर याद रखता है।इसलिए...वरना पछताना पड़ेगा।
"इतना कहकर अभय बिना पीछे देखे वहाँ से चला गया।अनुष्का कुछ पल वहीं खड़ी रह गई।उसकी आँखों में अपमान की आग साफ दिखाई दे रही थी।उसने मुट्ठियाँ भींच लीं।धीरे से उसके होंठ हिले—"उस प्रिया के लिए...तुमने मुझे ठुकरा दिया, अभय?अब देखना...मैं क्या करती हूँ।
ना तुम्हें चैन से जीने दूँगी...और ना ही उस मिस राजपूताना को।"उसकी मुस्कान अब एक खतरनाक साज़िश में बदल चुकी थी।सगाई की शामकुछ देर बाद अभय वापस हॉल में पहुँचा।जैसे ही वह अंदर आया, परिवार और मेहमानों की नज़रें उसी पर टिक गईं।उसके पिता उसके पास आए।"क्या हुआ बेटा?सब ठीक है ना?कोई सीरियस बात थी क्या?"अभय ने चेहरे पर सामान्य मुस्कान लाते हुए जवाब दिया—"नहीं पापा...बस एक क्लाइंट से जरूरी बात करनी थी।
"उसने बात वहीं खत्म कर दी।लेकिन...जिसे उसने "क्लाइंट" कहा...वो दरअसल एक ऐसी परेशानी थी, जो आने वाले दिनों में उसकी ज़िंदगी बदल सकती थी।कुछ ही देर बाद वो पल भी आ गया...जिसका इंतज़ार दोनों परिवारों को था।मंच पर अभय और प्रिया एक-दूसरे के सामने खड़े थे।
चारों तरफ तालियों की गूँज थी।कैमरे लगातार तस्वीरें ले रहे थे।दोनों ने मुस्कुराते हुए एक-दूसरे को अंगूठी पहनाई।पूरा हॉल खुशियों से भर उठा।लेकिन...अभय की नज़र अचानक प्रिया के चेहरे पर ठहर गई।वो मुस्कुरा तो रही थी...पर उसकी मुस्कान आँखों तक नहीं पहुँच रही थी।उसकी आँखों में हल्की-सी नमी थी।चेहरा शांत था...लेकिन उस शांति के पीछे कोई गहरा तूफ़ान छिपा हुआ था।
अभय के मन में कई सवाल उठने लगे।"क्या उसे अनुष्का वाली बात पता चल गई?""या फिर कोई और वजह है...?""आखिर उसकी आँखों में ये दर्द क्यों है?"लेकिन प्रिया ने कुछ नहीं कहा।उसने हमेशा की तरह अपने सारे जज़्बात अपने चेहरे के पीछे छिपा लिए।
अध्याय का अंत
सगाई की सारी रस्में पूरी होने के बाद...बिना किसी से कुछ कहे...प्रिया अचानक वहाँ से चली गई।अभय उसे जाते हुए बस देखता रह गया।उधर...हॉल के एक कोने में खड़ी अनुष्का सब कुछ देख रही थी।उसके चेहरे पर एक रहस्यमयी मुस्कान थी।उसने धीमे से कहा—"ये सगाई...ज़्यादा दिन नहीं टिकेगी...मिस राजपूताना।"उसकी आँखों में आने वाले तूफ़ान की साफ झलक दिखाई दे रही थी।
अगले अध्याय में...क्या प्रिया को अनुष्का और अभय की बातचीत का सच पता चल गया है?अनुष्का अपनी पहली चाल क्या चलेगी?क्या अभय और प्रिया के बीच गलतफ़हमियाँ जन्म लेंगी?और सबसे बड़ा सवाल... क्या प्रिया सिर्फ़ एक Indian Police Service Officer है... या उसके अतीत में ऐसे राज़ छिपे हैं, जो सबकी ज़िंदगी बदल देंगे?
Hello'buddies ☺️ Kaise ho ap sab kanha ki dua se sab think ho ye agla chepter pasand aye to please follow Kar le or review Dena na bhule tab tak ke liye thanks take care and be healthy and safe
Jay shree Krishna 🙏
Piyu7soul ✍️ lot's of love