Objection, Ms. Singhania! - 4 Aarushi Singh Rajput द्वारा क्राइम कहानी में हिंदी पीडीएफ

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Objection, Ms. Singhania! - 4

राजवीर सिंघानिया अभी अपनी स्पीच दे ही रहे थे।

हॉल तालियों से गूँज रहा था।

उधर, भीड़ से थोड़ा दूर खड़े कुछ लोग हाथों में वाइन का ग्लास लिए आपस में धीमी आवाज़ में बातें कर रहे थे।

उनमें एक महिला और दो अधेड़ उम्र के वकील थे।

पहले आदमी ने होंठ भींचते हुए कहा,

"हमें तो कभी स्टार बनने ही नहीं दिया।"

दूसरे ने कड़वी हँसी हँसते हुए हामी भरी।

"Exactly. इस Rajveer Singhania के रहते हमारी तो role ही cut हो गई।"

इतने में बीच में खड़ी महिला ने दोनों को चुप कराते हुए कहा,

"Shhh... What else did you expect?"

"Rajveer Singhania किसी को अपने बराबर आने ही नहीं देते।"

तीनों फिर चुपचाप स्टेज की तरफ देखने लगे।

उधर राजवीर अपनी स्पीच जारी रखे हुए थे।

"The law is above everyone else... and justice follows the law."

"यही मेरा फ़र्ज़ भी है... और यही मेरा मक़सद।"

उन्होंने मुस्कुराकर सामने बैठे पत्रकारों की तरफ देखा।

"Any questions?"

इतना सुनते ही लगभग सभी रिपोर्टरों ने अपने हाथ खड़े कर दिए।

राजवीर ने सामने खड़ी एक महिला रिपोर्टर की तरफ इशारा किया।

"Yes."

रिपोर्टर खड़ी हुई।

"Sir, आपकी बातें सुनकर ऐसा लगता है कि आपने खुद को देश का सबसे बड़ा lawyer मान लिया है।"

हॉल में हल्की-सी खामोशी छा गई।

राजवीर ने कुछ पल तक उसे देखा।

फिर बेहद शांत स्वर में बोले,

"Why?"

"आपको नहीं लगता?"

रिपोर्टर कुछ बोल ही नहीं पाई।

पूरा हॉल हल्की हँसी से गूँज उठा।

तभी दूसरे रिपोर्टर ने खड़े होकर पूछा,

"Sir, क्या आपको लगता है कि आपके बाद कोई ऐसा है... जो आपकी विरासत सँभाल सके?"

राजवीर मुस्कुराए।

उन्होंने माइक्रोफोन थोड़ा अपनी तरफ खींचा।

"विरासत?"

"विरासत तब होती है जब कोई सिंहासन हो... कोई राज्य हो।"

"लेकिन..."

उन्होंने एक पल रुककर पूरे हॉल पर नज़र दौड़ाई।

"अगर मेरे बाद कोई इस Law Firm का नाम और ऊँचा ले जा सकता है..."

"तो वह है..."

उन्होंने एक-एक करके अपने सभी सीनियर लॉयर्स की तरफ देखा।

हॉल में मौजूद हर कर्मचारी साँस रोके उनका अगला शब्द सुनने का इंतज़ार कर रहा था।

कुछ लोगों की नज़र आराध्या पर भी चली गई।

राजवीर की नज़र भी एक पल के लिए अपनी बेटी पर ठहरी।

उन्होंने गहरी साँस ली।

और फिर कहा—

"Vihaan Malhotra."

एक पल के लिए पूरा हॉल शांत हो गया।

कई लोगों के चेहरे उतर गए।

आराध्या ने भी अपने पिता की तरफ देखा।

उसकी आँखों में एक पल के लिए दर्द उतर आया...

लेकिन अगले ही पल उसने खुद को संभाल लिया।

वह हल्का-सा मुस्कुराई...

और सामने खड़े विहान की तरफ देखकर धीरे से ताली बजा दी।

विहान खुद भी कुछ पल के लिए हैरान रह गया।

फिर वह स्टेज पर गया।

राजवीर ने उसके कंधे पर हाथ रखा।

कैमरों की फ्लैश लगातार चमकने लगी।

---

कुछ देर बाद...

होटल की टैरेस।

नीचे पार्टी का शोर था...

लेकिन ऊपर अजीब-सी खामोशी।

आराध्या रेलिंग के पास खड़ी शहर की रोशनी देख रही थी।

उसकी आँखों से निकले आँसू वह बार-बार छिपाने की कोशिश कर रही थी।

तभी पीछे से किसी की आवाज़ आई।

"I know, beta..."

आराध्या ने जल्दी से अपनी आँखें पोंछीं और पीछे मुड़ी।

राजवीर उसके सामने खड़े थे।

उन्होंने धीमे स्वर में कहा,

"यह सब मीडिया के लिए था।"

"तुम अभी young हो..."

"और Vihaan..."

वह अपनी बात पूरी भी नहीं कर पाए थे कि आराध्या ने उन्हें बीच में ही रोक दिया।

"It's okay, Dad."

"Vihaan मुझसे एक साल senior है।"

"हम दोनों एक ही Law College से पढ़े हैं।"

"मैं जानती हूँ... वह कितना brilliant है।"

राजवीर ने गहरी साँस ली।

"Of course..."

"लेकिन यह दुनिया आसान नहीं है, Aaradhya."

"यहाँ सिर्फ़ तेज़ दिमाग़ वाले लोग टिकते हैं।"

"Emotions के लिए यहाँ कोई जगह नहीं है।"

आराध्या कुछ पल तक चुप रही।

फिर हल्की-सी मुस्कान के साथ बोली,

"It's okay, Dad."

"अगर आपको लगता है कि Vihaan आपकी जगह लेने के काबिल है..."

"तो मुझे उससे कोई शिकायत नहीं।"

"I respect your decision."

इतना कहकर उसने नज़रें झुका लीं।

लेकिन उसकी आँखों में छिपा दर्द...

इस बार भी उसके पिता नहीं देख पाए।

Hey Friends! ❤️

कैसे हैं आप सब?

वैसे तो मैंने इस कहानी के कई chapters पहले से लिख रखे हैं, लेकिन उन्हें public करने में थोड़ा time लगता है। इसलिए अगर कभी chapters के बीच थोड़ा gap हो जाए, तो उम्मीद है आप समझेंगे। 😊

वैसे आपको "OBJECTION, MS. SINGHANIA!" कैसी लग रही है? अगर कहानी पसंद आ रही है, तो please मुझे comment करके ज़रूर बताइए। आपकी ratings और reviews मेरे लिए बहुत मायने रखते हैं, क्योंकि उन्हीं से मुझे पता चलता है कि मुझे कहाँ सुधार करना चाहिए और आगे आपको क्या पढ़ना पसंद आएगा।

आज मैंने एक साथ दो chapters upload किए हैं। साथ ही मैं इस कहानी को दूसरे platform पर भी publish कर रही हूँ, ताकि आप जहाँ comfortable हों, वहीं इसे पढ़ सकें।

और हाँ... मैं एक नई कहानी पर भी काम कर रही हूँ, जिसका नाम है "Raaz"। यह थोड़ी mystery/horror based story है। मैंने पहले कभी इस genre में ज़्यादा नहीं लिखा, इसलिए यह मेरे लिए भी एक नया experience है। अगर कहीं कोई कमी रह जाए, तो उम्मीद है आप मुझे माफ़ करेंगे... और अगर पसंद आए, तो अपना प्यार ज़रूर देंगे। ❤️

बस इतना ही...

Take care, my dear readers! 💖

Milte hain next chapter mein...

Bye Bye! 👋✨

 Aarushi Singh Rajput ✍️