कुछ ज्ञान की बातें - 7 S Sinha द्वारा कुछ भी में हिंदी पीडीएफ

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कुछ ज्ञान की बातें - 7

कुछ ज्ञान की बातें  7


सागर और महासागर की कुछ बातें 


सात समुद्र ( seven seas )

 

नोट - इस आलेख में कुछ ऐसी प्राकृतिक बातों पर प्रकाश डालने ला प्रयत्न किया गया है जिसे हम अक्सर देखते हैं और उसके बारे में और जानने की जिज्ञासा होती है  , इस लेख में पढ़ें  सागर और महासागर की कुछ बातें … 

 

“ सात समंदर पार से गुड़ियों के बाजार से …. “ यह गाना आपने सुना होगा या आम बोलचाल की भाषा में भी सात समंदर ( समुद्र = सागर  ) पार गया है  . पर यह सात समुद्र क्या है ? 


भारतीय पौराणिक कथाओं के अनुसार राजा प्रियव्रत मनु के  पुत्रों में एक थे  . उनके रथ के  पहियों के धरती पर धंसने के चलते जो लकीर हुए उस से धरती सात द्वीपों में बंट गयी  . ये सातो द्वीप चारों ओर से समुद्र से घिरे थे  . वे समुद्र थे - नमकीन या  खारा पानी , घी , शराब , दही , दूध , गन्ने के रस और  मीठा पानी  . इन द्वीपों के केंद्र में जम्बूद्वीप  ( जिसमें रूस , अरब के देश, भारत सहित एशिया के अनेक देश शामिल हैं )  था    . 


आखिर सेवन सीज  ( seven seas ) क्या है ? 


एक मान्यता के अनुसार पहले सेवन सीज एक औपचारिक या अलंकारिक शब्द है जो कदाचित पृथ्वी के सभी समुद्रों को मिला कर कहा जाता है विशेषकर नाविकों और जहाजियों के लिए जो व्यापार के लिए पूरब जाते थे  . उनके अनुसार ये समुद्र थे - फारस  की खाड़ी , खम्बात की खाड़ी , बे ऑफ़ बंगाल , स्ट्रेट ऑफ़ मालक्का , स्ट्रेट ऑफ़ सिंगापुर , थाईलैंड की खाड़ी , और साउथ चाइना  सी  . 


ग्रीक मान्यता के अनुसार सेवन सीज थे - एजियन सी , एड्रिएटिक सी , मेडिटरेनीयन सी , ब्लैक सी , रेड सी  कैस्पियन सी और फारस की खाड़ी ( Persian gulf )  . 


भूगोल शास्त्रियों के अनुसार वास्तव में सेवन सीज या सात समंदर कौन हैं इसकी कोई परिभाषा नहीं है न ही इसका कोई सटीक उत्तर है  .   दुनिया के भिन्न भिन्न जगहों  या देशों और भिन्न समय में सेवन सीज  की अलग अलग  परिभाषा रही है  . कुछ सूत्रों के अनुसार सेवन सीज हैं - एड्रिएटिक सी , मेडिटरेनीयन सी , ब्लैक सी , रेड सी  कैस्पियन सी , फारस  की खाड़ी और हिन्द महासागर  . 


स्वयं भूगोल शास्त्री भी इस विषय पर अलग अलग राय रखते हैं  . कुछ भूगोल शास्त्रियों और  ऐज ऑफ़ डिस्कवरी के अनुसार सेवन सीज इस प्रकार हैं - प्रशांत महासागर ,अटलांटिक महासागर ,  हिन्द महासागर ( Indian Ocean ) ,मेडिटरेनीयन सी , कैरेबियन सी और मेक्सिको की खाड़ी ( Gulf of Mexico )  . दूसरी तरफ कुछ के अनुसार सेवन सीज हैं - मेडिटरेनीयन सी , रेड सी , हिन्द महासागर , फारस की खाड़ी , चाइना सी , पूर्वी और पश्चिमी अफ्रीकन सी  . 


प्राचीन रोमन सभ्यता के अनुसार   सेप्टेम मारिया  ( septem maria  जिसका अर्थ होता है - सात समुद्र ) ) की परिभाषा है - वे लैगून जो वेनिस के निकट सागर से अलग हुए थे  . यह उस समय जो जल पिण्ड उन्हें ज्ञात थे , उसी के आधार पर था  .  

 
आजकल के संदर्भ में विश्व में भूगोल शास्त्र के अनुसार लगभग 50 समुद्रों को मान्यता प्राप्त है  . सागर या समुद्र महासागर का वह भाग है जो आंशिक या पूर्ण रूप से धरती से घिरा हुआ है  . इसके अनुसार कैस्पियन सी , डेड सी और अराल सी ( Aral  sea ) खारा  पानी के बड़े झील हैं और मेक्सिको की खाड़ी और हडसन बे समुद्र  हैं  . 


सबसे बड़ा समुद्र ‘ बेरिंग सी ‘ है 

सबसे ज्यादा नमकीन पानी ‘ रेड  सी ‘ का होता है 

सबसे ज्यादा गर्म पानी भी ‘ रेड सी ‘ का होता है 

सबसे ज्यादा ठंडा पानी पोल के निकट समुद्र का होता है - जैसे नॉर्थ पोल के निकट ग्रीनलैंड , साइबेरियन सी और साउथ पोल के निकट वेडेल और रॉस सी  . नॉर्थ पोल के पास बाल्टिक सी भी काफी ठंडा होता है  . 

समुद्र का पानी जितना ज्यादा खारा होगा उसके जमने का तापमान ( freezing temp . ) उतना ही कम होगा इसलिए रेड सी का फ्रीजिंग  पॉइंट - 2. 3 डिग्री C है  . 


जैसा कि हम सभी जानते हैं हमारी धरती का 70 % से कुछ ज्यादा भाग पानी है जो महासागर , सागर , नदियों और झीलों आदि के रूप में वर्तमान हैं  . 


हमारी पृथ्वी पर पांच महासागर हैं जो बड़े से छोटे क्रम  में इस प्रकार  हैं - 


1  . प्रशांत महासागर - प्रशांत महासागर में धरती पर फ्री वाटर का 50 % से ज्यादा पानी इस महासागर में है  . यह सबसे बड़ा और सबसे ज्यादा पुराना ( oldest ) महासागर है - अनुमानित 20 करोड़ वर्ष  . 

2 . अटलांटिक महासागर - अटलांटिक महासागर धरती का 20 % क्षेत्र में फैला है  . यह आर्कटिक और अंटार्कटिक महासागर को जोड़ता है  . 

3 . हिन्द महासागर 

4 . साउदर्न महासागर या अंटार्कटिक महासागर 

5 . आर्कटिक महासागर 


क्रमशः