राज या हक़ीकत - 1 Priyanka Saini द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

Featured Books
श्रेणी
शेयर करे

राज या हक़ीकत - 1

यह कहानी है मासूम – सी मान्या की.. जो अभी केवल 23 साल की है । जो फिलहाल में एक स्कूल टीचर है। 

जितनी मासूम.. उतनी ही प्यारी है, लेकिन एक दिन उसकी पूरी दुनिया पलट सी जाती है। जब उसकी जिंदगी में एक अनवांटेड तूफान... "Avinash Thakur" ... हां अविनाश ठाकुर की एंट्री होती है।जो आकर उससे कर लेता है, जबरदस्ती शादी... सिर्फ और सिर्फ अपने उस 2 साल के बेटे के लिए... जिसे मां की जरूरत थी।

अविनाश ठाकुर वह इंसान जो किसी के लिए फिलिंग्स नहीं रखता.. । हां अगर उसमें फिलिंग्स है तो सिर्फ और सिर्फ अपने बेटे के लिए। उसकी जिंदगी में अगर प्यार है तो सिर्फ उसका बेटा। 

जिसके अपने खुद के कुछ राज है, वो शख्स जो पूरी दुनिया को अपने कदमों में झुकने की ताकत रखता है। कौन है? उसका ये मासूम बेटा जिसके लिए वो करता है, मान्या से शादी? 
   
क्या मान्या कभी अपना पायेगी इस शादी को? क्या मान्या अपना पायेगी अविनाश के बेटे को? क्या मान्या दे पाएगी उस दो साल के मासूम बच्चे को मां का प्यार? 
                क्या कभी जागेगा अविनाश के अंदर मान्या के लिए भी प्यार... ? आखिर कौन है अविनाश का बेटा? जानने के लिए पढ़िए मेरी नोबेल "राज या हकीकत"।

जब इतना पड़ ही लिया है तो.. Plz chapter ko Raiting, comments nd follow dena mat bhuleyega... Baki story next chapter se abhi bas thoda promo enjoy kijiye..



एम्यूजमेंट पार्क... 
             ढलते दिन ओर शाम की धूप के साथ वहां गूंजती वो आवाजें किसी के खुशी से चिल्लाने की तो किसी के हसने की , बोलने की ... जो माहौल को ओर भी खुशनुमा बना रही थी ... इन आवाजों के बीच ही एक आवाज जो बहुत ही प्यारी थी उस आवाज में झलक रही खुशी को हर कोई साफ साफ महशूस के सकता था ..
    
   " चाचू... चाचू... आप मुदे नहीं पकल छकते ... " एक छोटा सा बच्चा आगे की तरफ भागते हुए हस रहा था ... "पहले पकल के दिखाओ फिर मानूंगा ... आप सुपलमैन हो ... " वह अपनी क्यूट सी voice में भागते हुए ही बोलता है ... 
        "अरे... ध्यान... " उस बच्चे के पीछे आ रहा लड़का अभी इतना बोल ही पाया था कि उससे पहले ही वो छोटा सा बच्चा आगे की तरफ गिर जाता है । वो रोने लगता है उसके हाथ गिरने की वजह से लाल हो जाते है ... 
    
         "आप ठीक तो हो न बच्चा... आपको कहीं लगी तो नहीं न .." एक लड़की भागते हुए उसके पास आती है ... जल्दी से उसे उठाकर अपने गले से लगा लेती है और उसके सिर को सहलाने लगती है थोड़ी देर में खुद से अलग के उसे चेक करने लगती है कहीं उस बच्चे को ज्यादा चोट तो नहीं आ गई ... 
       वो बच्चा एक पल में ही शांत हो गया ... बस अपनी टिमटिमाती आंसुओं से भरी आंखों से उसे ही देखने लगता है ... जब लड़की ये एहसास करती है तो सिर उठाकर देखती है उन प्यारी प्यारी आंखों में देखते हुए मुस्कराकर बोलती है ... " क्या हुआ " ??? न जाने क्यों उसे उस बच्चे की आंखों में इतना अपनापन नजर आ रहा था ... वो अभी उस प्यारे से बच्चे को देख ही रही थी कि पीछे से किसी की घबराई हुई आवाज आती है....  
         " आप ठीक तो हो न बच्चा ... " " कहीं लगी तो नहीं आपको "...उस आवाज को सुनकर वह लड़की अपना चेहरा उठाकर देखती है तो एक आदमी उस बच्चे के पास भागते हुए आ रहा था । उसके एक हाथ में फोन था । "ब्लैक पेंट", "ब्लैक शर्ट" "जेल से सेट बाल चेहरे पर हल्की सी घबराहट" जो उसे ओर भी हैंडसम बना रही थी । 
       
              एक पल को वो बस उस आपने सामने बैठे उस आदमी को देखते ही रह जाती ..." क्या सच में कोई हो सकता है....
 इतना हैंडसम... " वह खुद से ही कहती है ... उस आदमी का अभी सारा ध्यान उस बच्चे पर ही था । मगर वो छोटा सा बच्चा तो आपने सामने घुटनों के बल बैठी उस लड़की को ही देख रहा था । उसका एक पल के लिए भी ध्यान उस आदमी पर नहीं गया था ।   
              " आप ठीक तो हो न बच्चा आपको कहीं लगी तो नहीं है आपको पता है पापा बहुत डर गए थे .. " वो आदमी जल्दी से उस बच्चे को अपनी गोद में लेते हुए सीने से लगा बोलता है ...  
                     मगर वह बच्चा जल्दी से उससे अलग होकर उस लड़की की तरफ घूमते हुए अपनी प्यारी सी आवाज में बोलता है ... "क्या आप मेरी मम्मा हो ??? मैने देखा है जो भी मम्मा आपने बेबी छे प्याल कलती है वो आपने बेबी को गले छे लगाती है आपने भी मुझे अपने गले से लगाया आप मेली मम्मा हो न .... आपने बच्चे के मुंह से मम्मा जिक्र सुन वह आदमी जल्दी से अपना चेहरा उठाकर उस लड़की तरफ देखता है ... जैसे ही वह अपने चेहरा उस तरफ मोड़ता है उसके ठीक सामने एक लड़की अपनी घुटनों के बल बैठी हुई उस बच्चे को देख रही थी ... 
     
          न जाने क्यों उस आदमी की नजर उस लड़की से हट ही नहीं रही थी वरना आज तक उसने किसी भी औरत की तरफ देख भी नहीं था 
  "Miku बच्चा मैने कहा था न ध्यान से ..... " अंश जो अभी भागते हुए आया था वो एकदम सी चुप हो जाता है ... । 
         "बोलो न ... आप मेली मम्मा हो ... " Miku फिर से उस लड़की को देख बोलता है ... तो वह एकदम से ही बेचैन हो जाती है ... जैसे ही कुछ बोलने को होती है उसकी नजर आपने सामने बैठे उस शख्स से अनजाने में ही जा मिलती है ... जो उसे ही देख रहा था वो कोई और नहीं बल्कि.. 

सो प्रोमो कैसा लगा i know writting mei kuch mistake hongi jo mei chapter upload karungi tabhi theek kar dungi.. 

Milte hai next chapter mei tab tak liye bye.. lekin follow dena mat bhuleyega