हवस - भाग 1 सीमा कपूर द्वारा थ्रिलर में हिंदी पीडीएफ

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हवस - भाग 1

बेजान इंसान जिसमे जान तो है, पर असल मे बेजान ही है..

बस दर्द अब होता नहीं.

इंतज़ार का कोई मतलब नहीं.

खामोशियाँ पसंद है,पर वो मिलती नहीं.

तन्हाई पसंद नहीं, पर चारो तरफ फैली हुई.

बस --_----------------------------/----------

जूली मन मोजी, बेफिक्र इस जालिम दुनिया से

पिता के पैसे पर अयाशी, क्लब और नशा 

 क्यो  

क्योंकि जूली के माता पिता लडते और झगडते रहते जब से जूली ने होश संभाल तब से बस घर मे लडाई का माहोल माँ बाप कि आपस मे नहीं बनती,तो माँ, किटी पार्टी और शॉपिंग  मे व्यस्त रहती!

बाप दौलत कमाने मे व्यस्त!

जूली पल रही थी बस दौलत से,प्यार ना, माँ बाप का साथ,जूली जब भी माँ बाप से दिल की बात करने की कोशिश करती या अपने प्यार का इजहार करती उन दोनों के प्रति पर वही झगडा चालू हो जाता,

जूली के माँ बाप एक ही बात कहते जरूरते हो रही है ना पूरी.

अपने ही माँ बाप से परेशान 

जूली कमरे मे जाकर शराब का सहारा लेती

ये है जूली कि दास्तान 

💢💢💢💢💢💢💢💢

एक दिन जूली क्लब से बाहर निकलती है नशे मे 

 एक गाडी उसके पास आकर रुकती है, जूली नशे मे होती है, पर उसे इतना तो होश होता ही है, क्या सही है और क्या गलत,

गाडी मे तीन लडके होते है जूली को उठाकर गाडी मे डालते है, एक फार्म हाउस ले जाते है,

जूली:- ये कहाँ ले आए, मुझे मेरे घर जाना है, कौन हो तुम              लोग!

'कोई जवाब नहीं देता और एक एक कर उसका बलात्कार करते है, जूली के नशे मे होने का तीनो फायदा उठाते है, इतना ही नही बल्कि उसे और भी शराब पिलाते है,

जूली नशे मे होने के कारण अपने आप को बचा नहीं पाती

कुछ देर बाद वह तीनो लडके जूली को उसी क्लब के बाहर फैक आते है,

आधी रात बीत जाने पर जब जूली घर नहीं आती तो माँ बाप उसे ढूंढने निकल पडते है, वह जानते थे के जूली क्लब मे ही मिलेगी, जब वह क्लब पर पहुँचते है, तो जूली, उन्हें क्लब के पीछे पाते है वह जूली कि हालत देख समझ जाते है कि कुछ बुरा हुआ है,

जूली कि माँ:-  जूली ये क्या हो गया बेटा!

नशे मे

जूली :- मेरा रेप हुआ है, तीन लडके आए पता नहीं कहाँ                ले गए थे, जब मन भर गया तो यहाँ लाकर फैक                  दिया!

जूली के पिता :-  ये है लापरवाही, तुम्हें अपनी किटी                                     पार्टियों से फुर्सत मिलती तो अपनी बेटी                              पर ध्यान देती!

जूली की माँ :- यह तुम्हारी भी बेटी है,सारी जिम्मेदारी मेरी                         नहीं,अगर मैं किसी पार्टी में जाती हूं उसके                          जिम्मेदार भी तुम हो,तुमने ना मुझ पर ध्यान                        दिया और न ही कभी अपनी बेटी पर, बस                          तुम्हे सिर्फ अपनी दौलत का घमंड दिखाया                            है!

जूली:-मुझ दर्द हो रहा है!

जूली की माँ :-डाक्टर के पास लेकर चलती हूँ, घबराओ मत!

जूली के पिता :- क्या बहकी-बहकी बातें करते ही हो,                                 डॉक्टर के पास, क्या मेरी बदनामी                                      करवाना चाहती हो, वैसे भी इस लड़की ने                          अपनी हरकतों से मेरी बदनामी बहुत                                  करवा रखी है, बाहर किसी को पता चलेगा                           कि इसके साथ क्या हुआ है, रही-सही                               कसर भी खत्म हो जाएगी, इसे अभी घर                            ले जाते हैं!

'जूली दर्द से तड़प रही होती है,

जूली कि माँ :- जूली दर्द बर्दाश्त नहीं कर पा रही है, डाक्टर                       को दिखा देते, मर जाएगी ये!

जूली के पिता :-ऐसी औलाद का मरना ही सही है, ज्यादा                           समय बर्बाद मत करो इसे घर ले चलते हैं,                           वहां जाकर देखते हैं आगे करना क्या है! 

"बलात्कार के कारण जूली का शरीर बेजान हो जाता है" वह दोनो जूली को घर लाते है"

क्रमशः