चांद सा इश्क़ - 1 Tamanna Saroha द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

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चांद सा इश्क़ - 1

आसमान में काले बादल छाए थे… और सड़क पर फैली हल्की-सी धुंध उस रात को और भी खामोश बना रही थी।

दिल्ली–जयपुर हाईवे… रात के लगभग 11:47 बजे सड़क पर एक सफेद कार अचानक झटके से रुकती है।

“शीट यार!”

कार के अंदर बैठी महर खन्ना ने स्टीयरिंग पर हाथ मारते हुए गुस्से से कहा।उसकी आँखों में हल्की-सी घबराहट थी… लेकिन उससे ज्यादा फस्ट्रेशन “इसको भी उसी वक्त बंध होना था…”

उसने इग्निशन बार-बार घुमाया लेकिन कार जैसे उसकी हालत पर हंस रही हो स्टार्ट होने का नाम ही नहीं ले रही थी।

बारिश तेज हो चुकी थी और आसपास सिर्फ अंधेरा ना कोई गाड़ी, ना कोई इंसान, महर ने गहरा सांस लिया… खुद को शांत करने की कोशिश की।

“रिलेक्स महर.. यू आर स्ट्रॉन्ग यू कैन हैंडल दिस.. बी ईजी…”

उसने अपना फोन उठाया जिसका नेटवर्क लगभग डैड हो चुका था “ग्रेट..जस्ट ग्रेट…”

वो धीरे-से कार का डोर खोलकर बाहर निकली। ठंडी हवा उसके चेहरे से टकराई… और उसके बाल हल्के-हल्के उड़ने लगे उसने बोनट खोलने की कोशिश की…लेकिन उसे मैकेनिक चीज़ों का जीरो नॉलेज था।

“व्हाई माय गॉड…?”

तभी… दूर से आती तेज़ हेडलाइट्स ने उसकी आँखों को चुभो दिया। एक नहीं… दो नहीं… तीन ब्लैक एस यू वी फुल स्पीड में उसकी तरफ बढ़ रही थीं।

महर का दिल एक पल के लिए थम गया। “ये कौन है इतनी रात को…?”

उसके शरीर ने वार्निंग दी की कुछ तो गलत है। SUVs आकर उसकी कार के ठीक सामने रुक गईं। पानी की बूंदें ज़मीन से उछलकर हवा में घुल गईं। सब कुछ कुछ सेकंड के लिए जम गया… फिर…पहली SUV का दरवाजा खुला और बाहर उतरा…एक नाम… जिससे पूरी अंडरवर्ल्ड कांपती थी।

आर्यन राठौड़. 😈 ब्लैक शूट बारिश की बूंदें उसके कंधों पर गिर रही थीं लेकिन उसके चेहरे पर कोई फर्क नहीं। उसकी आँखें इतनी ठंडी… इतनी खतरनाक… जैसे किसी की जान लेने से पहले भी ब्लिंक ना करें।

महर ने उसे देखा… और अनजाने में एक कदम पीछे हट गई उसने अपनी आत्मा से पूछा "अब ये कौन है?"

आर्यन धीरे-धीरे उसकी तरफ बढ़ा हर कदम में एक अजीब-सी ढाल थी…उसके आसपास खड़े बॉडीगार्ड्स ने अपने आप रास्ता छोड़ दिया।

अब वो महर के बिल्कुल सामने खड़ा था। दोनों के बीच सिर्फ कुछ इंच का फासला महर की साँसें तेज हो चुकी थीं… लेकिन उसने खुद को स्ट्रांग दिखाने की कोशिश की।

“कौन हो तुम?” उसने सीधा सवाल किया।

आर्यन ने कोई जवाब नहीं दिया। बस… उसकी नजरें महर के चेहरे पर टिक गईं। जैसे वो उसे पढ़ रहा हो जैसे वो उसे पहले से जानता है फिर… उसके होंठ हल्के से हिले  “फाइनली डॉल…”

महर की भौंहें सिकुड़ गईं “एक्सक्यूज़ मि?”

आर्यन ने अपनी वॉच देखी… फिर उसकी तरफ देखा “रात के 11:47 … लेट हो तुम.”

महर बहुत ज्यादा कन्फ्यूज थी “तुम कोई पागल वागल हो..? मै तुम्हें जानती तक नहीं !”

आर्यन के चेहरे पर हल्की-सी स्मिर्क आई…“तुम्हें जानना जरूरी भी नहीं है…”

उसने पीछे खड़े आदमी को इशारा किया। अगले ही पल दो गार्ड आगे बढ़े।

महर अलर्ट हो गई उसने पीछे हटते  कहा "हेय.! दूर रहो!"

लेकिन आर्यन की आवाज़ आई  “रहने दो.”

बस एक शब्द… और सब कुछ बदल गया। गार्ड्स पीछे हुए और आर्यन आगे बढ़ गया।

“व्हाट द हेल?!” महर चिल्लाई… उसने भागने की कोशिश की…लेकिन आर्यन ने उसे पकड़ लिया।

“छोड़ो मुझे? तुम्हारा दिमाग खराब है क्या!”

वो स्ट्रगल कर रही थी बारिश में उसके बाल चेहरे से चिपक गए थे आँखों में गुस्सा और डर दोनों थे।
आर्यन उसे देख रहा था… बिना किसी इमोशन के।

“बॉस!” पीछे से एक आदमी ने धीरे से कहा —
“आप स्योर है ये लड़की”

आर्यन ने उसे बीच में ही रोक दिया। उसकी नजरें अब भी महर पर थीं। “मै गलती नही करता…” उसकी आवाज़ ठंडी थी। 

महर की आँखें गुस्से से भर गईं “तुम सायको.! सुनो ! मै नहीं जानती हम कौन हो लेकिन तुम मेरे पापा को"

उसकी बात पूरी होने से पहले…आर्यन उसके बिल्कुल पास आया…इतना पास… कि महर की साँस अटक गई। उसने झुककर उसके कान के पास धीरे से कहा “वेलकम मेरी डार्क दुनिया में महर खन्ना …” 😈

महर फ्रिज हो गई "ये मेरा नाम कैसे जानता है…? उसका दिल जोर-जोर से धड़कने लगा। “तुम... तुम मुझे जानते हो?”

आर्यन ने उसकी आँखों में देखा और पहली बार उसकी आँखों में एक अजीब-सी चमक आई  “तुमसे ज्यादा डॉल..इतना तो तुम खुद को भी नहीं जानती…”

महर का दिमाग सुन्न पड़ गया। "ये सब क्या है…? क्यों कर रहे हो ये सब?!”

आर्यन ने एक सेकंड के लिए आँखें बंद कीं और फिर धीरे से बोला  “इश्क़ या इंतकाम…”

एक शब्द लेकिन इतना भारी कि महर के दिल में उतर गया।

“क्या इंतकाम.. मैं तो तुम्हें जानती भी नहीं!”

आर्यन ने हल्की-सी हँसी छोड़ी…“गलती वहीं करते हैं लोग..जो सोचते हैं कि उनका पास्ट उनसे दूर रहे…”

महर कुछ समझ नहीं पा रही थी लेकिन एक बात साफ थी  वो किसी बहुत बड़े तूफान में फँस चुकी थी।

गार्ड्स ने महर को जबरदस्ती SUV में बैठा दिया गया। उसने आखिरी बार पीछे देखा…उसकी कार वो सुनसान सड़क सब पीछे छूट रहा था। उसकी आँखों में आँसू आ गए… लेकिन उसने उन्हें गिरने नहीं दिया। 

SUV के अंदर आर्यन उसके सामने बैठा था। दोनों के बीच खामोशी थी लेकिन वो खामोशी ही सबसे ज्यादा खतरनाक थी।

महर ने धीरे से कहा  “देखो..तुम्हें जो भी प्रॉब्लम है उसका सॉल्यूशन मै नहीं हूं…”

आर्यन ने उसकी तरफ देखा…और उसके चेहरे पर वही कोल्ड  एक्सप्रेशन था।

“मेरी तो प्रॉब्लम भी तुम हो ओर सॉल्यूशन भी…”

महर ने उसे घूरा “तुम पागल हो.”

आर्यन हल्का-सा मुस्कुराया… "और तुम मेरे पागलपन का सबसे बड़ा प्रूफ…”

SUV अंधेरे रास्तों को चीरती हुई तेज़ी से आगे बढ़ रही थी बाहर बारिश हो रही थी अंदर खामोशी।लेकिन वो खामोशी…तूफान से पहले वाली खामोशी थी।

महर खिड़की की तरफ देख रही थी…
उसकी आँखों में डर था… गुस्सा था… और confusion भी।

ये आदमी है कौन…?
और मुझे क्यों उठा लाया…?

उसने धीरे से नजर घुमाई…

सामने…

आर्यन राठौड़। 😈

ब्लैक शर्ट… भीगी हुई बाल हल्के-से माथे पर गिर रहे थे…लेकिन उसकी आँखें…अब भी उतनी ही खतरनाक थीं।

महर खुद को रोक नहीं पाई  “तुम्हें जो करना है कर लो पर याद रखना… मैं डरने वालों में से नहीं हूँ।”

SUV के अंदर बैठे बाकी लोग एक पल के लिए चुप हो गए। आर्यन ने धीरे से उसकी तरफ देखा और उसके होंठों पर हल्की-सी मुस्कान आई  “डर मुझे पसंद भी नहीं…” वो थोड़ा आगे झुका “तोड़ना पसंद हैं…” 😈

महर की आँखों में गुस्सा चमका  “ट्राई करके देख लो…”

आर्यन ने कुछ नहीं कहा बस उसकी तरफ देखते हुए पीछे टिक गया। लेकिन उसके दिमाग में कुछ और ही चल रहा था।

करीब 40 मिनट बाद…SUV एक विशाल, आलीशान हवेली के सामने आकर रुकी। लोहे का बड़ा-सा गेट चारों तरफ गार्ड्स, सीसीटीवी कैमरा।  ये घर नहीं किला था।

महर को नीचे उतारा गया उसने चारों तरफ देखा  “तुम मुझे यहां क्यों लाए?”

आर्यन धीरे-धीरे उसकी तरफ बढ़ा “वेलकम…”
वो उसके बहुत करीब आकर रुका  “मेरी दुनिया में.” 😈

दरवाज़े अपने आप खुल गए अंदर… सब कुछ लक्जरियस था…लेकिन उस लक्जरी में भी एक अजीब-सी ठंडक थी।

एक महिला आगे आई  "सर रूम रेडी है.”

आर्यन ने बस सिर हिलाया  “ले जाओ इन्हें.”

मै कहीं नही जा रही!” महर ने झटके से हाथ छुड़ाया।
लेकिन आर्यन ने उसका हाथ पकड़ लिया कसकर इतना कसकर कि वो हिल भी नहीं पाई।
वो उसके करीब आया… “यहां तुम वही करोगी जो मैं चाहूंगा.”

महर ने सीधा उसकी आँखों में देखा “मै तुम्हारी गुलाम नहीं हूं…”

आर्यन हल्का-सा झुका…उसकी आवाज़ बेहद धीमी थी…“तुम मेरी डॉल हो…” 😈

  -------✦ To Be Continued✦---------

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