अंधेरी रात में 10 साल बाद फिर वही धुन सुनाई दी।
मधुर लेकिन दर्द से भरी हुई।
ऐसा लगता था जैसे उस धुन में कोई बेहद दर्दनाक रहस्य छुपा है।
"क्या वो लौट आया। "
उस अंधेरी रात में हल्की - हल्की बर्फ गिर रही थी।
Shen Ji तेजी से उस जानी - पहचानी धुन की ओर बढ़ रहा था
"क्या सच में वो लौट आया है।"
Shen Ji के गले का वो लाकेट चमक रहा था।
उसने लाकेट को कस के थामा और उस पहाड़ी की ओर बढ़ने लगा जहां पहुंचकर उसे अनगिनत सवाल पूछने है।
पहाड़ी पर पहुंचकर उसने देखा कि एक लड़का पीठ किए खड़ा था और लगातार बांसुरी बजा रहा था।
उसके शरीर के चारों ओर काला धुआं फैला हुआ था जो अंधेरी रात में और भी भयानक लग रहा था।
"तुम लौट आए " Shen ji ने ठंडी आवाज में कहा।
अचानक धुन बजना बंद हो गई।
चारों ओर सन्नाटा छा गया।
उस लड़के ने पीछे मुड़कर Shen Ji की ओर मुस्कुराते हुए देखा।
उसकी मुस्कान में बहुत दर्द छिपा था।
लंबे काले बाल , बालो में लाल रिबन,लाल और काले रंग का Hanfu , Hanfu के बाजु पर ड्रेगन का चित्र, बड़ी - बड़ी आंखें , हाथ में बांसुरी और दिखने में बेहद सुंदर।
Lei Wei तुम आ गए।
हां मैं वापस आ गया Shen ji पर अब किसे फर्क पड़ता है ?
Shen ji ने अपनी आंखें झुका ली ।
Lei Wei जोर से हंसा।
तुम अभी भी नहीं बदले Shen ji तुम कभी नहीं बदल सकते।
Lei Wei तुम मेरे साथ चलो Shen ji ने गंभीरता से कहा।
मैं यहीं ठीक हूं। अब वहा बचा ही क्या है। Lei Wei ने उदास स्वर में कहा।
"तुम वापस चले जाओ Shen ji "
तुम मेरे साथ नहीं चलोगे ? Lei Wei
तुम्हें पता है मैंने क्या कुछ नहीं सहा मैं वापस नहीं जा सकता।
मैं वो दर्द फिर से नहीं सह पाऊंगा।
अब यही मेरा अंत है।
कहते - कहते उसकी आंखों से आंसू बहने लगे।
मैंने सब खो दिया अब बचा ही क्या है।
वो घुटनों में बैठा रो रहा था।
Shen ji धीरे से Lei Wei के पास गया और उसे गले से लगा लिया।
Lei Wei ने Shen ji को कस कर लगे लगाया और बोला अब तुम्हें जाना चाहिए।
तभी अचानक Lei Wei के मुख से खून बहने लगा।
Shen ji - तुमने फिर से खुद को नुक़सान पहुंचाया चलो मेरे साथ।
Lei Wei - मैं ठीक हूं बस जख्म अभी तक भरा नहीं है।
Shen ji - तुम चलो मेरे साथ जिद मत करो।
कहते हुए उसने Lei Wei को अपनी बाहों में उठा लिया।
Lei Wei - तुम ये क्या कर रहे हो मुझे नीचे उतारो ।
जख्म सालों पुराना था और बेहद दर्दनाक भी।
मुझे बहुत दर्द हो रहा है कहते - कहते Lei Wei बेहोश हो गया।
Shen ji ने Lei Wei को कस के पकड़ा और उसे हवा में उड़ाते हुए अपने महल में ले आया।
Shen ji ने Lei Wei को अपने कक्ष में लेजाकर लेटा दिया और उसके जख्म पर औषधि लगाने लगा।
तुमने बहुत कुछ सहा है Lei Wei मुझे माफ़ कर दो अब मैं तुम्हें कहीं जाने नहीं दूंगा कहते हुए Shen ji ने उसका हाथ पकड़ लिया।
वो बस Lei Wei को सारी रात इसी तरह देखना चाहता था। आखिर उसने Lei Wei का 10 साल इंतजार किया था।
Shen ji को अतीत की बातें याद आने लगी और वो अतीत में खो गया किस तरह वो पहली बार Lei Wei से मिला था। उन दोनों की मुलाकात कोई इत्तफाक नहीं बल्कि किस्मत है।
10 साल पहले —