Don't repeat the same mistakes & Same shit
Priya.k.......
( Accept the current situation and don't wait for closure)
पता हैं सबसे ज्यादा hurtful कब feel होता हैं जब तुम एक इंसान को पूरा टाईम दो efforts दो उसके अंदर अपने सारे emotions invest करो और बाद में तुम्हें पता लगे की जितना important वो इंसान था तुम्हारे लिए उसके लिए तुम उतने important तो क्या बिल्कुल भी जरूरी नहीं थे ,उसकी नजर में तुम्हारी कोई वैल्यू ही नहीं थी।तुम उससे टाईम निकाल कर बात करते थे ,और वो तुमसे तब बात करता था जब उसे टाईम मिलता था। या जब उसका मन करता था,या जब उसके पास और कुछ करने को नहीं होता था ,उस इंसान को तुम पंसद नहीं थे उस इंसान को बस तुम्हारा attention पंसद था उस इंसान को बस ये अच्छा लगता था की तुम उन्हें कैसा feel करवाते हो उसने तुम्हारें अंदर कभी pure emotions और commitment कभी invest किया ही नहीं बस उसे तुम्हारा उसे खास feel करवाना थोड़े टाईम के लिए अच्छा लगता था, और जब उसका attachment तुमसे खत्म हो गया उस इंसान ने दो दिन नहीं लगाये और तुम्हें अपनी लाइफ से निकाल फेंकने में और move on कर गया।
तुम्हें वहीं का वहीं छोड़ के ,तुम्हें हजारो questions दे के।
अब बात closure की करते हैं की आपको इस situations में closure चाहिए जो आपको मिल नहीं रहा या शायद मिल गया हैं पर आप मान नहीं रहें।
उसे accept नहीं कर पा रहें या शायद डेनाइयाल में जी रहें हैं। एक बात मान लो की not ok होना भी कई बार OK होता हैं। क्लोजर समझने से नहीं आता बस मान लेने से आता हैं।
हम बस ये चाहते हैं की हमें ये पता चल जाए की सामने वाले के दिमाग में क्या चल रहा हैं उसने मेरे साथ ऐसा क्यों किया । और साथ ही एक उम्मीद की इंसान हो ,जिसने मेरे साथ बुरा किया उसके साथ बुरा हो सच ये हैं की तुम क्लोजर नहीं ढूंढ रहें तुम answers ढूंढ रहें हो तुम ऐसे शब्द ढूंढ रहें हो जिनको सुनकर तुम्हें दर्द ना हो। या तुम्हें इस दर्द से मुक्त कर दे।
तुम क्लोजर इसीलिए भी चाहते हो की एक reason भी तुम्हें मिल जायेगा ना तो situation पर तुम्हें control मिल जाएगा । तुम्हारी पीड़ा कम हो जायेगी और तुम यहीं फंस जातें हो। क्योंकी फिर आता हैं वहीं शब्द काश ।
काश ये ना होता ,काश वो ऐसा ना करती या ना करता
और ये सिर्फ एक imagination होती हैं और imagination ना आपको heal करती हैं ना होने देती ।
वो कभी भी आपको पास्ट से आगे बढ़ने नहीं देती। और फिर यहीं imagination हमें overthinkinging
करवाती हैं। हम मान लेते हैं की कोई इंसान अगर हमारे साथ एक साल तक अच्छा हैं। तो आगे भी वो वैसा ही रहेगा । और सपने देखना शुरू कर देते हैं। लेकिन अचानक वहीं इंसान गायब हो जाता हैं। किसी और के साथ move on कर गया या कर गई और तुम्हें explanation भी नहीं दिया ,तुम्हें सब जगह से block कर दिया। तुम्हे ghost कर दिया ,तुम्हरे msg ignore कर दिये।
और तुम ये सब accept नहीं कर पाते। एक तरह से कहा जाए closure तो दे ही दिया ना उसने। उसने जो तुम्हारे साथ किया वो किया ही इसीलिए की तुम हर्ट हो और उसकी लाइफ से चले जाओ लेकिन तुम ये मानने को तैयार ही नहीं होते। क्योकी तुम पास्ट के उन एक साल में ही stuck रहते हो की वो एक साल तक मेरे साथ ऐसा था ।
जो ये सब तुम्हारे साथ हुआ वो अचानक नहीं हुआ वो वैसा ही था या वो वैसी ही थी बस अब उसकी असलियत अब reveal हो गई हैं।
सत्य ये हैं की वो एक साल झूठा था और सत्य आज तुम्हारे सामने हैं। एक साल जो तुम्हें देकर जो शख्स अचानक से गायब हो जाए ना ,जवाब तक ना दे पीछे मुड़कर तक ना देखे,वो इंसान ही नीच था। और नीच हरकत करके चला गया। और यहीं closure हैं।
तुम्हें, closure नहीं मिल रहा क्योंकी तुम्हें चाहिए justice, की उसके साथ भी बुरा होना चाहिए उसको भी वही दर्द मिलना चाहिए जो मुझें मिल रहा हैं।
लेकिन उसको दर्द मिल जाने से तुम्हारा दर्द justify नहीं होगा।
हर बार closure के नाम पर तुमको उसको याद करके तुम सिर्फ उसकी importance बढ़ा रहें हो।
और अपनी self respect को धीरे धीरे गिरा रहें हो। जब तुम किसी ऐसे इंसान के पीछे closure ढूंढते हो ना जिसने तुम्हें कभी respect तक नहीं दी तब तुम सिर्फ अपने आपको ही अंदर से खाली कर.रहें होते हो।
जिस इंसान को तुम आज बार बार याद कर रहें हो ना वो एक नजर उठाकर देखन लायक भी नहीं हैं। तुम्हारे मुंह से उसके लिए एक शब्द निकले वो उस योग्य भी नहीं हैं।
जो भी हुआ उसे सत्य मान लो उसे अपने दिमाग पर लिख दो ये ही सत्य हैं। ये हुआ हैं ये उसने किया है,ये ही उसकी असलियत हैं वो पहले वाला इंसान फेक था वो सिर्फ अच्छा बनने का दिखावा कर रहा था।
अब तुम्हें दुनिया से ध्यान हटाकर खुद पर attention shift करने की जरुरत हैं ।
अब तुम्हें लोगों पर विश्वास करना ही नहीं हैं। आगे से अब सिर्फ खुद पर विश्वास करना हैं। किसी पर dependent रहना ही नहीं हैं खुद पर depend रहना हैं ,किसी शख्स या किसी चीज से इतना लगाव रखना ही नहीं हैं की उसे permanent समझने लग जाओ।
खुद से प्रेम बढ़ओ खुद को संभालना सीखों। खुद को appreciate करना सीखों।
खुद के साथ खड़ा रहना सीखो ।
Closure clarity से नहीं आता की बार clarity नहीं मिलती तुम्हें पास्ट से बाहर आना हैं present में जीना हैं।
जो हुआ उसके साथ ही मेरी कहानी आगे बढ़ेगी और बेहतर बनेगी।
Closure एक feeling नहीं एक decision हैं । कई अब मैं आगे बढूंगा। या बढूंगी।
और अब मैं पीछें मुड़कर नहीं देंखूगी। मेरा साथ पीछे जो भी हुआ वो मेरा भूत हैं ,वो खत्म हो चुका हैं वो मेरे लिए मर चुका हैं।
और यहीं वास्तविक closure हैं।
कई बार पता चलता हैं की जो तुम्हे धोखा देकर गया वो किसी और के साथ खुश हैं। ये इस बात का proof हैं की वो इंसान शुरू से ऐसा ही था ,फेक था ,लालची था, गिरा हुआ इंसान था। भाड़ में जाए वो अब आपका जीवन ऐसे गिरे हुए इंसानो से बड़ा हैं।
ऐसे इंसान से आपको distance बना लेना चाहिए। जहां आपको वैल्यूं नहीं मिली वहां जाने का कोई मतलब नहीं होता।
खुद के लिए गोल्स बनाए और जीवन को बेहतर बनाए।
क्योंकी closure पीछे देखने से नहीं आगे देखने और आगे बढ़ने से मिलता हैं।
To be continue ..........