आत्मा का लौटना - 1 Satyendra Kumar Lahare द्वारा रोमांचक कहानियाँ में हिंदी पीडीएफ

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आत्मा का लौटना - 1

आत्मा का लौटना


दोपहर का समय था। स्कूल ग्राउंड में हल्की-हल्की हवा बह रही थी, बच्चे खेलों में मस्त थे और कई लोग इधर-उधर गपशप कर रहे थे। उसी भीड़ में हमारा हीरो सिद्धार्थ अपने हाथ में किताबें लिए, झुका-झुका सा, धीरे-धीरे कदम बढ़ा रहा था। उसकी आँखों पर पुराना-सा चश्मा था, कपड़े भी बहुत साधारण से। वह उन लड़कों में से था जो ज़्यादातर अकेले रहते हैं और जिन्हें देखकर लोग मज़ाक बना लेते हैं। 
सिद्धार्थ जैसे ही ग्राउंड से क्लासरूम की ओर बढ़ रहा था, तभी सामने से एक लड़की हड़बड़ाते हुए आई और ज़ोर से उससे टकरा गई। किताबें हाथ से छूटकर ज़मीन पर बिखर गईं। 
वो लड़की थी – निधि। स्कूल की सबसे स्टाइलिश और अट्रैक्टिव लड़कियों में से एक। 
निधि ने गुस्से से कहा, “ओह हेलो! चलना नहीं आता क्या? आँखें फूट गई हैं क्या तुम्हारी? हर जगह रोड़े की तरह अटकना तुम्हारा काम है क्या?” 
सिद्धार्थ घबरा कर झुक गया और जल्दी-जल्दी किताबें समेटने लगा। धीरे से बोला, “सो.. सॉरी निधि… मैं ध्यान नहीं दे पाया।” 
निधि ने ठहाका मारकर कहा, “सॉरी? तुम जैसे हारने वाले लोग हमेशा यही बोलते हो। ज़रा शीशा देखो, तुम्हारा ये चश्मा तो तुम्हें और भी ‘लूज़र’ बना देता है।” 
आसपास खड़े कुछ छात्रों ने हँसना शुरू कर दिया। सिद्धार्थ का चेहरा लाल पड़ गया, लेकिन उसने कुछ नहीं कहा। 
सिद्धार्थ दो साल पहले जब वो स्टार हाई स्कूल में एडमिशन के लिए आया था तो उसने स्कूल entrance एग्जामिनेशन में पूरे शहर में सबसे ज्यादा नंबर लिए थे और यही नहीं उसने क्लास में भी सभी एक्साम्स में अच्छे नंबर प्राप्त किये थे,  पहले साल में तो सिद्धार्थ ने सभी एक्साम्स में टॉप किया था! 
लेकिन बुरी किस्मत ने कब किसका पीछा छोड़ा है! सिद्धार्थ की हालत एक साल पहले हुए कार एक्सीडेंट के बाद से अभी तक पूरी तरह ठीक ही नहीं हो पायी है। अब न तो वो पहले की तरह समझदार है और न ही शांत रहने वालो में से है। उसे बहुत जल्दी गुस्सा आ जाता है और उसे कोई भी बात याद नहीं रह पाती। उस एक्सीडेंट ने सिद्धार्थ के दिमाग पर बहुत बुरा प्रभाव छोड़ा है, यहाँ तक की डॉक्टर ने तो उसे permanant मेंटल डिसऑर्डर डायग्नोज़ कर दिया था। अगर सिद्धार्थ के पापा का request और स्कूल को उसके पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए कोई उम्मीद नजर न आती तो अब तक उसे स्कूल से कब का बाहर निकाल दिया गया होता। 
तभी वहाँ पर निधि का बॉयफ्रेंड रॉकी और उसके तीन-चार चमचे आ गए। रॉकी स्कूल का सबसे दबंग और अमीर घर का लड़का था। उसके आने से पूरा माहौल बदल गया। 
रॉकी ने निधि से पूछा, “क्यों बेबी, किसने परेशान किया तुम्हें?” 
निधि ने सिद्धार्थ की तरफ इशारा करके कहा, “यही लड़का। बिना देखे मुझसे टकरा गया।” 
रॉकी ने सिद्धार्थ को घूरा और फिर उसके सामने आकर बोला, “ओए चश्मिश! तेरी इतनी हिम्मत कि मेरी गर्लफ्रेंड को टच करे? आज तुझे सबक सिखाता हूँ।” 
उसके चमचे ज़ोर-ज़ोर से हँसने लगे। 
रॉकी ने एक झटके में सिद्धार्थ का चश्मा पकड़कर आँखों से उतार लिया और ज़मीन पर फेंककर ज़ोर से पैर से तोड़ दिया। 
“अब देख, तेरी असली पहचान सामने आ गई है। तू कुछ नहीं है, समझा?” 
सिद्धार्थ की आँखें धुंधली हो गईं। वो बिना चश्मे के साफ नहीं देख पाता था। उसके होंठ काँप रहे थे, पर आवाज़ नहीं निकल पा रही थी। 
लेकिन तभी... 
“ये कोन सी जगह है? मैं यहाँ कैसे पंहुचा? क्या मैं उस तूफ़ान में फंसने के बाद भी मरा नहीं था? यहाँ क्या चल रहा है?” 
सिद्धार्थ भोचक्का सा खड़ा हुआ अपने चारो ओर देख रहा है। सिद्धार्थ को याद आता है की वो तो “immortal दुनिया" में था, और देवीय तूफ़ान से जूझ रहा था क्योंकि जैसे ही वो देवीय तूफ़ान से बाहर निकल जाएगा तो वो “immortal दुनिया" का एक देवता बन जाएगा। और फिर वो अमर हो जाएगा। सिद्धार्थ हाल में मौजूद बाकी सभी लोगो की ओर ऐसे देख रहा था जैसे वो कई वर्षो की नींद से अचानक से जाग गया हो। 
सिद्धार्थ याद करने की कोशिश कर रहा है की असलियत में उसके साथ क्या हुआ है। उसके चेहरे पर एक अजीब सा sad expression दिखाई दे रहा था। उसकी आँखों में एक restlessness दिखाई दे रही थी, जैसे कोई बहुत बड़ा shock उसे लगा हो, यहाँ आने से ठीक पहले उसके साथ क्या हुआ था वो सब कुछ उसे धीरे धीरे याद आ रहा था। 
सिद्धार्थ की तूफानी मुसीबत का यह सबसे कठिन समय था, जब वो अपनी सारी शक्ति खो चुका था। तब उसने उस देवीय तूफ़ान से निकलने के लिए अपनी सारी will power को accumulate किया था। सामने से हुए वार को तो वो रोक सकता था लेकिन पीछे से होते हुए हमलो का उसके पास कोई solution नहीं था। लेकिन तभी किसी ने उसके पीठ में तलवार घुसा दिया जब सिद्धार्थ ने पीछे मुड़ कर देखा तो वो उसका छोटा भाई था जिसे सिद्धार्थ ने सब कुछ सिखाया था लेकिन आज उसी ने उसके पीठ पर छुरा घोपा सिद्धार्थ इस वक्त बहुत ही ज्यादा कमजोर था वह अपने भाई का कुछ भी नहीं कर सकता था और फिर सिद्धार्थ के भाई ने उसे मार डाला 
फिर अचानक ही सिद्धार्थ के अन्दर चल रहा वो तूफ़ान जिसमे कई हज़ार यादें उसके दिमाग की दीवारों से टकरा रही थी, उन सारी यादों ने जैसे सिद्धार्थ के दिमाग में एक विस्फोट सा कर दिया हो। उन्ही कुछ यादो में कुछ ऐसी घटनाएं भी थी जो उसे धुंधली-धुंधली ही याद थी। 
“क्या मैं सचमुच धरती पर वापस आ गया हूँ? मेरे उस Immortal World में बिताये एक हज़ार साल धरती पर सिर्फ एक साल के बराबर है?" 
सिद्धार्थ को काफी देर के बाद कुछ कुछ समझ आना शुरू हो चुका था। 
एक साल पहले हुए कार एक्सीडेंट के बाद सिद्धार्थ का शरीर तो ठीक था पर उस एक्सीडेंट ने सिद्धार्थ की मेंटल हेल्थ पर गहरी चोट दी है। उसी एक्सीडेंट की वजह से सिद्धार्थ की सोचने और समझने की शक्ति पर इतना गहरा effect हुआ था की ना तो जल्दी से वो कोई बात समझ कर उस पर अपनी reaction ही दे पाता है। और न ही जल्दी से उसे कुछ याद हो पाता है। और यही कारण है की सिद्धार्थ जिस क्लास का सबसे intelligent स्टूडेंट समझा जाता था, आज उसी क्लास के स्टूडेंट उसका मजाक उड़ाते है। वो एक ऐसा स्टूडेंट है जिसे अपने आस-पास होने वाली चीज़े तो सब समझ आती है पर बहुत कम मौको पर ही वो अपनी reaction दे पाता है। 
लेकिन सिद्धार्थ के दिमाग में वो सारी यादें इकट्ठी होती रही है जो पिछले एक साल में उसके साथ हुई है। जिस से उसे ये समझ आया कि पिछले एक साल में earth पर क्या क्या हुआ है। 
सिद्धार्थ की आत्मा का एक हिस्सा Immortal World में फंस कर रेह गई थी सिद्धार्थ उस world में पिछले एक हज़ार साल से बिल्कुल राजा की तरह जीता आया है। लेकिन वो ये नहीं जानता था की उस इम्मोर्टल वर्ल्ड में जब उसकी मृत्यु हो जायेगी तो उसकी आत्मा वापस उसे इसी धरती पर ला कर फेंक देगी जंहा उसके एक हज़ार साल सिर्फ एक साल के ही बराबर होंगे। 
जब सिद्धार्थ अपने उस immortal world से वापस earth आया तो बाहर तो कोई बदलाव नहीं हुआ है लेकिन सिद्धार्थ के शरीर में एक चौंकाने वाला बदलाव देखने को मिला है। उसकी समझ पहले की तरह ही बिल्कुल शार्प हो गयी थी। यंहा तक की बोलने का, चलने का तरीका सब कुछ जैसे काफी बदल सा गया था। ऐसा लग रहा था जैसे सिद्धार्थ एक new soul के साथ reborn हुआ हो। 
सिद्धार्थ की चेतना पहले से तक़रीबन दस गुना बढ़ चुकी थी। और उसके दिमाग के सोचने समझने की शक्ति तो करीब पहले से सौ गुना बढ़ चुकी थी। उसके आस पास जो कुछ भी हो रहा था सिद्धार्थ के आँख और कान ने वो सब कुछ देखा सुना था। और सब कुछ उसके दिमाग में एक कंप्यूटर के हार्डडिस्क की तरह सेव हो रखा था। 
इसी वजह से, सिद्धार्थ का अपने शरीर और दिमाग पर control जादुई रूप से एक डरावने स्तर तक बढ़ गया था, ऐसा लग रहा था जैसे किसी रस्सी से बंधा हुआ उसके दिमाग को अचानक से किसी ने आजाद कर दिया हो। सभी बन्धनों से अब वो आजाद हो चुका हो और अब उसके सामने सचमुच एक बिल्कुल नया संसार हो। 
तभी 
[ डिंग सिस्टम एक्टिव हो रहा है 
एक प्रतिशत बीस प्रतिशत साठ प्रतिशत  निन्यानबे प्रतिशत सौ प्रतिशत सिस्टम सफलतापूर्वक एक्टिव हो गया है  
आपको दस हजार एक्सपिरियन्स पाइंट मिलता है  ] 
तभी रॉकी ने उसकी ठुड्डी पकड़कर ज़ोर से ऊपर उठाई और बोला, “इतनी चुप्पी क्यों साध रखी है? बोल! या तेरे दाँत तोड़ दूँ?” 
लेकिन इस बार सिद्धार्थ ने उसकी आँखों में आँखें डालकर देखा। उसकी नज़र में एक अलग ही ठंडक और आत्मविश्वास था। 
रॉकी एक पल के लिए झिझक गया। “ये… ये अचानक इसकी आँखों में ये कैसा डरावना सन्नाटा है?” उसने मन ही मन सोचा। 
पर अगले ही पल उसने गुस्से में मुक्का चलाया। 
सिद्धार्थ जानता था कि उसका ये शरीर रॉकी का कुछ भी नहीं कर सकता है लेकिन तभी सिद्धार्थ को एक तकनीक याद आती है जिससे कुछ पल के लिये उसकी ताकत बहुत ही ज्यादा बढ़ जाता है  
और तभी—   
सिद्धार्थ ने उसका हाथ हवा में ही पकड़ लिया। कसकर।  इतना कसकर कि रॉकी का चेहरा दर्द से मरोड़ गया। 
“आह्ह… छोड़… छोड़ साले!”  
आसपास खड़े सभी छात्र हैरानी से देखने लगे। निधि की आँखें भी चौड़ी रह गईं।
तो रीडर्स आपको को क्या लगता है, क्या होगा इस नॉवल में आगे