Whisper in The Dark - 12 daydreamer द्वारा थ्रिलर में हिंदी पीडीएफ

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Whisper in The Dark - 12

फ्लैशबैक।।।

10 साल पहले,,,

लंदन, इंग्लैंड।।।

London Crown Medical Institute

रिहान इस वक्त अपनी क्लासरूम में बैठा था और अपना एनाटॉमी का लेक्चर अटेंड कर रहा था।
कुछ ही समय बाद उसकी क्लास खत्म हुई और वह अपनी बुक्स लेकर बाहर आ गया।
उसके साथ उसका क्लासमेट जोसेफ भी था।
जॉस भी एक मेडिकल स्टूडेंट था।।
“आज तो प्रोफेसर ने काफी सारा असाइनमेंट दे दिया है…”
जोसेफ ने थके हुए स्वर में कहा।
“हाँ, वो तो है…”
रिहान ने हल्के से जवाब दिया।
“खैर, हम थर्ड ईयर में हैं… इतना आसान थोड़ी होगा।”
जोसेफ ने कहा।
दोनों बात ही कर रहे थे कि अचानक उनके सामने एक लड़की आकर रुकी।
वो ब्रिटिश थी… उसका नाम केट था।
केट को सामने देखकर जोसेफ बोला—
“Hey… तुम?”
“हाँ, मैं ही… क्यों?”
फिर उसने बात बदलते हुए कहा—
“खैर छोड़ो… ये बताओ, क्या तुम लोग कैंटीन जा रहे हो? क्या मैं भी तुम दोनों को जॉइन कर सकती हूँ?”
उसने ये बात बहुत ही मीठी आवाज में कही… लेकिन उसकी नजरें रिहान पर टिकी हुई थीं।
केट सेकंड ईयर BDS की स्टूडेंट थी।
रिहान कुछ कहता, उससे पहले ही जोसेफ बोल पड़ा—
“Sorry Kate, पर हमें प्रोफेसर ने कुछ इंपॉर्टेंट असाइनमेंट दिया है…
और मुझे और रिहान को वो पूरा करना है।
तुम हमें किसी और दिन जॉइन कर लेना।”
जोसेफ की बात सुनकर केट ने मुंह बना लिया।
और फिर वो वहीं रह गई… जबकि जोसेफ, रिहान को लेकर आगे बढ़ गया।
चलते हुए रिहान ने पूछा—
“तुमने उससे झूठ क्यों कहा? हम भी तो कैंटीन ही जा रहे हैं…”
“ओ कमऑन यार… तुझे पता है वो हमें नहीं, तुझे जॉइन करना चाहती थी।
और ये जानते हुए भी कि तू किसी और को पसंद करता है…”
जोसेफ ने मुंह बनाते हुए कहा।
“देख… मुझे पता है… और मैं ये बात उसे पहले ही क्लियर कर चुका हूँ।”
रिहान ने शांत स्वर में कहा।
दोनों बात करते हुए कैंटीन पहुंच गए।
उन्होंने काउंटर से दो सैंडविच और दो जूस के कैन लिए और अपनी टेबल पर आकर बैठ गए।
वो दोनों बातें करते हुए अपना लंच कर ही रहे थे कि अचानक रिहान का फोन बजा।
उसने फोन देखा।
जोसेफ ने पूछा—
“किसका कॉल है?”
“डैड का…”
“Excuse me…”
इतना कहकर वो कैंटीन से बाहर निकल गया।
वो एक शांत कॉरिडोर में आकर रुका…
उसने कॉल रिसीव किया—
“जी डैड…”
सामने से उसके डैड ने जो कहा… उसे सुनते ही रिहान के हाथ कांप गए…
और उसका फोन उसके हाथ से फिसलकर नीचे गिर गया…
मुंबई, इंडिया।।।
रिहान इस वक्त अपने मेंशन में था।
सामने सोफे पर उसके मॉम और डैड बैठे थे।
“आपने ये बात मुझे पहले क्यों नहीं बताई?”
रिहान ने भारी आवाज में पूछा।
उसके डैड ने धीरे से कहा—
“हमने तुम्हारी पढ़ाई की वजह से तुमसे ये बात छिपाई…
हम तुम्हें परेशान नहीं करना चाहते थे…”
“अंकल-आंटी को क्या हुआ था?”
रिहान ने आगे पूछा।
“उनका एक्सीडेंट हुआ था…
और भाभी ये सदमा झेल नहीं पाईं… वो भी…”
इतना कहते ही उसकी मम्मी की आँखों में आँसू भर आए।
“और… नियति?”
“पता नहीं… हमने उसे ढूंढने की बहुत कोशिश की…
पर उसका कुछ पता नहीं चला…”
ये सुनते ही रिहान ने अपनी आँखें बंद कर लीं…
उसके चेहरे पर दर्द साफ झलक रहा था…
अगले ही पल… उसकी आँखों से आँसू बहने लगे।।।। 💔
Sorry for uploading the chapter late, I had my exams.
Please stay tuned.

Thankyou....


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