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VORTX - 2


एपिसोड 1 — "ब्रह्मांड में दरार और भविष्य की घंटी"

स्थान: मंदार राज्य का 'सुप्रीम हेडक्वार्टर'

समय: दोपहर 2:00 बजे

विशाल और हाई-टेक कॉन्फ्रेंस रूम में तनाव का माहौल था। मंदार के सुप्रीम लीडर अपनी कुर्सी पर बेचैनी से पहलू बदल रहे थे। उनके सामने होलोग्राफिक टेबल पर शहर के डरावने फुटेज चल रहे थे—कहीं लोग हवा में तैर रहे थे, तो कहीं आसमान में पक्षी दिशा भूलकर पागलों की तरह गोल-गोल घूम रहे थे।

"माननीय सुप्रीम," सूट-बूट पहने देश के सबसे वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. खन्ना ने अपना चश्मा ठीक करते हुए कहा, "घबराने की कोई बात नहीं है। हमारी सैटेलाइट रिपोर्ट बताती है कि यह सिर्फ टेक्टोनिक प्लेट्स के खिसकने के कारण हो रहा है। यह एक अस्थायी भूगर्भीय हलचल (Geological anomaly) है। कुछ ही दिनों में सब सामान्य हो जाएगा।"

पूरे हॉल ने राहत की सांस ली। सुप्रीम लीडर के चेहरे पर भी मुस्कान आ गई।

लेकिन हॉल के सबसे अंधेरे कोने में खड़ा एक शख्स मुस्कुरा नहीं रहा था। डॉ. आरव। उसके बिखरे हुए बाल और थकी हुई आँखें बता रही थीं कि वह कई रातों से सोया नहीं है। उसने अपने हाथ में पकड़े डेटा-पैड की तरफ देखा, जिस पर लाल रंग के खतरनाक ग्राफ बन रहे थे।

"मूर्ख... ज़मीन नहीं, आसमान फट रहा है," आरव ने धीरे से बुदबुदाते हुए कहा और बिना किसी को बताए चुपचाप उस हॉल से बाहर निकल गया। उसे पता था कि ये सूट-बूट वाले किताबी वैज्ञानिक उसकी बात नहीं समझेंगे।



स्थान: शहर से दूर, आरव की झोपड़ी (सीक्रेट लैब)

बाहर से कबाड़खाना दिखने वाली उस झोपड़ी का दरवाज़ा खुला। अंदर का नज़ारा किसी 'नासा' (NASA) के कंट्रोल रूम जैसा था। हर तरफ कंप्यूटर स्क्रीन्स, तारों के गुच्छे और अजीबोगरीब गैजेट्स बिखरे पड़े थे।

आरव ने अपनी जैकेट उतारी और सीधे कॉफी मशीन की तरफ बढ़ा। एक कड़क ब्लैक कॉफी का मग हाथ में लिए वह अपनी वर्किंग टेबल के पास आया। वहाँ दो कुर्सियाँ थीं, जिनमें से एक पिछले एक महीने से खाली थी। टेबल पर एक धूल भरी तस्वीर रखी थी जिसमें आरव अपने बेस्ट फ्रेंड के साथ मुस्कुरा रहा था।

"कहाँ गायब हो गए तुम यार? एक महीना हो गया..." आरव ने खाली कुर्सी को देखकर एक गहरी सांस ली। "तुम्हारे बिना इस टाइम-मशीन के सोर्स कोड (Source Code) को डिकोड करना नामुमकिन लग रहा है।"

आरव ने उदासी झटकी और अपनी विशालकाय दूरबीन (Telescope) के लेंस में आँखें गड़ा दीं। वह अंतरिक्ष के उस हिस्से को देख रहा था जहाँ कल तक सिर्फ गहरा सन्नाटा था।

अचानक, आरव की उंगलियाँ दूरबीन पर कस गईं। उसके माथे पर पसीना छलक आया।

अंतरिक्ष के उस असीम अंधेरे में एक पतली सी, नीली रोशनी की लकीर उभर रही थी। वह लकीर किसी घाव की तरह धीरे-धीरे चौड़ी होने लगी।

"यह... यह क्या है? फैब्रिक ऑफ स्पेस (Fabric of Space) कैसे फट सकता है?" आरव की सांसें तेज़ हो गईं।

भक्क!! तभी उस दूरबीन के लेंस से एक इतनी तेज़ रोशनी का विस्फोट हुआ कि आरव छिटक कर पीछे गिर पड़ा। ब्रह्मांड के पर्दे में एक विशाल दरार पड़ चुकी थी। और उस दरार के बीच से कोई बेहद अजीब और अनजान वस्तु उल्कापिंड की गति से पृथ्वी की तरफ बढ़ रही थी।

इससे पहले कि आरव कुछ समझ पाता, उसकी लैब के एक कोने में रखे पुराने टेलीफोन की घंटी चीख उठी।

ट्रिंग... ट्रिंग... ट्रिंग...

आरव ने झपट कर रिसीवर उठाया। "हेलो?"

"डॉ. आरव! आप जहाँ भी हैं, तुरंत शहर आइये!" दूसरी तरफ मंदार पुलिस चीफ की घबराई हुई और कांपती आवाज़ थी। "यहाँ... यहाँ प्रलय आ गई है! सब कुछ ख़त्म हो रहा है!"

आरव ने फोन वहीं छोड़ा, अपनी हैवी-ड्यूटी बाइक को किक मारी और शहर की तरफ तूफ़ान की तरह निकल पड़ा।

जैसे ही आरव ने अपनी बाइक मंदार शहर की सीमा में घुसाई, उसके पैरों तले ज़मीन खिसक गई।

सड़क का नज़ारा किसी खौफनाक सपने जैसा था। गुरुत्वाकर्षण (Gravity) पूरी तरह से मर चुका था। हज़ारों कारें, बसें और लोग हवा में 10-10 फीट ऊपर बेबसी से तैर रहे थे। आसमान से मरे हुए पक्षी पत्थरों की तरह नीचे गिर रहे थे। शहर में चीख-पुकार मची थी।

आरव ने बाइक रोकी। उसकी नज़र सामने लगी शहर की सबसे बड़ी डिजिटल घड़ी पर गई।

घड़ी की सुइयाँ आगे बढ़ने के बजाय... पीछे भाग रही थीं!

12:00... 11:59... 11:58... 11:57...

"हे भगवान..." आरव ने कांपते होठों से कहा, "मेरी कैलकुलेशन सही थी। यह ब्रह्मांड का अंत है।"

तभी, आरव की लेदर जैकेट की अंदरूनी जेब से एक धीमी आवाज़ आई।

बीप... बीप... बीप...

आरव अवाक रह गया। उसने कांपते हाथों से वह छोटा सा गैजेट बाहर निकाला। यह वही यंत्र था जिसे उसने "भविष्य के सिग्नलों" को पकड़ने के लिए बनाया था—एक ऐसा गैजेट जो आज तक कभी नहीं चला था। सब उसका मज़ाक उड़ाते थे।

लेकिन आज... इस तबाही के बीच, उस गैजेट की स्क्रीन गहरे लाल रंग में चमक रही थी। स्क्रीन पर एक लाइन ब्लिंक (Blink) कर रही थी, जिसने आरव की धड़कनें रोक दीं:

[सिग्नल प्राप्त: वर्ष 3050 से नया संदेश] भविष्य से संदेश? लेकिन कैसे? क्या यह संदेश खुद आरव ने अपने भविष्य से भेजा है? या फिर उस दरार से निकली वो अनजान चीज़ कोई ऐसा खतरा ला रही है, जिसे रोकने का तरीका इस संदेश में छिपा है?

रहस्य की यह गुत्थी अभी उलझनी शुरू ही हुई है...

— S C U  -- की प्रस्तुति (लेखक: सुरेश सौंधिया)