हिंदी कल्पित-विज्ञान कहानियाँ मुफ्त में पढ़ेंंऔर PDF डाउनलोड करें

जलप्रलय-एक रिवेंज - भाग 8
द्वारा सूरज

जलपरी .... उस जलपरी ने समुद्र की गहराइयों से ही सब देख लिया था, नील का बच्चे को उठाना, भीड़ का जुटना और फिर नील का उन कुटिल मानवो ...

जलप्रलय-एक रिवेंज - भाग 7
द्वारा सूरज

गतांक से आगे- ■■■ वह जीव गुलाब को उड़ाता हुआ जंगल के मध्य घने और काफी बड़े पेड़ो से घिरे एक ऐसे स्थान पर ले गया जो बेहद साफ ...

जलप्रलय-एक रिवेंज - भाग 6
द्वारा सूरज

■■ "ओके! ओके! तिथल बीच पर ही मिलेंगे जल्दी आना।" अमर ने वलसाड रेलवे स्टेशन पर उतरते ही किसी को कॉल किया। "ओके! तीन, साढ़े तीन तक पहुंचूंगा।" दूसरी ...

जलप्रलय-एक रिवेंज - भाग 5
द्वारा सूरज

■■ दोनों चुपचाप खड़े थे। ग्यारह बजने को थे, प्लैटफ़ार्म पर औसत भीड़ थी, जो कि धीरे धीरे बढ़ रही थी। उनको यहाँ खड़े एक घंटे से ऊपर हो ...

ऐसा क्यों ? - 3
द्वारा कैप्टन धरणीधर

तिलक लगाने के पीछे का रहस्य- हमारे शरीर में तीन नाड़ियां हैं इड़ा पिंगला सुषुम्ना ये नाड़ियां मूलाधार से रीढ के साथ ऊपर चलती हैं किन्तु सुषुम्ना दोनों भ्रकुटियों ...

जलप्रलय-एक रिवेंज - भाग 4
द्वारा सूरज

"ये कैसी आवाज है अमर?" "ध्यान मत दे।" "क्यों? तू ऐसे क्यों बोल रहा है?" "सही बोल रहा हूँ भाई! ध्यान मत दे, ये सब रोज़मर्रा की मामूली बातें ...

जलप्रलय-एक रिवेंज - भाग 3
द्वारा सूरज

■■■ "मेरे बच्चे को वापस लाइये ढूंढ कर... वापस लाइये, किसी भी कीमत पर मेरा बच्चा हर हाल में सुरक्षित होना चाहिए।" प्रमिला देवी का रो रो कर बुरा ...

ऐसा क्यों ? - 2
द्वारा कैप्टन धरणीधर

ऐसा क्यों होता है इसके पीछे कोई वैज्ञानिक या आध्यात्मिक आधार है या कोई स्वास्थ्य से जुड़ी कोई बात है जानते इस लेख मे - विवाह - विवाह संस्कार ...

ऐसा क्यों ? - 1
द्वारा कैप्टन धरणीधर

आजकल के दौर में तो घरों में संभवतः तीन रोटी एक साथ परोसते देख भी ले तो हमें आश्चर्य नही होगा । किन्तु अधिकतर आपने देखा होगा थाली में ...

जलप्रलय-एक रिवेंज - भाग 2
द्वारा सूरज

भाग - 2 धांय! धांय! धांय! सहसा तीन फायर हुए। पहला निशाना गुलाब के हाथ में थमी रायफल थी जो तुरंत छिटक कर दूर जा गिरी, ...

लाल ग्रह - जीवन की खोज (अंतिम भाग)
द्वारा किशनलाल शर्मा

और उसके भी आगे बढ़ते कदम ठहर गए।कुछ देर तक वे दोनों दूर खड़े होकर एक दूसरे को देखते रहे।फिर दूर से ही एक दूसरे को इशारे करने ...

लाल ग्रह - जीवन की खोज - (पार्ट 1)
द्वारा किशनलाल शर्मा

"यूरेका"मंगल मिशन से लौटे यान के सकुशल धरती पर उतरते ही इस मिशन से जुड़े सभी लोग खुशी से उछल पड़े।खुश होते क्यो नही?कई सालों की मेहनत के ...

समय मन कर्म - 1 - Never stop it
द्वारा Mohit Rajak

मनुष्य जब इस धरती पर जन्म लेता है तो यह तीनों समय,मन, और कर्म उसके साथ ही उस मानव के जीवन में आते है,समय मन और कर्म यह तीनों ...

जलप्रलय-एक रिवेंज - भाग 1
द्वारा सूरज

जलप्रलय -एक रिवेंजभाग -1...शाम का वक़्त! समुद्र की भयानक लहरें जोर-जोर से उठा पटक मचा रही थी। लोगो का हुजूम तट पर बढ़ता ही जा रहा था। ...

भूल (विज्ञान-गल्प)
द्वारा Dr. Vandana Gupta

वैज्ञानिक अविष्कारों ने दुनिया के सामने एक मायावी संसार खड़ा कर दिया है. अनेक रहस्यों पर से शनैः शनैः पर्दा उठता जा रहा है. कई कल्पनाएं आकार ले चुकी ...

अमर
द्वारा कौस्तुभ श्रीवास्तव

अगस्त १६ , २५६७ आज का दिन न सिर्फ मेरे अस्तित्व का सबसे बड़ा दिन ...

कल्पना से वास्तविकता तक। - 5
द्वारा jagGu Parjapati ️

कल्पना से वास्तविकता तक:--5 नोट:-- 1.इस भाग को पूर्णतः समझने के लिए आप पीछे के सभी भाग अवश्य पढ़ लें। 2.यह कहानी ...

कल्पना से वास्तविकता तक। - 4
द्वारा jagGu Parjapati ️

कल्पना से वास्तविकता तक:--4 नोट:-- 1.आप सब इस भाग को समझने के लिए पिछले वाले भाग अवश्य पढ़ लें। ...

कल्पना से वास्तविकता तक। - 3
द्वारा jagGu Parjapati ️

कल्पना से वास्तविकता तक:--3 नोट:-- 1.आप सब इस भाग को समझने के लिए पिछले वाले भाग अवश्य पढ़ लें। 2.इस भाग में प्रयोग लाई गई ...

जनश्रुतियों के आइने में पद्मावती नगरी एवं भवभूति साहित्य
द्वारा रामगोपाल तिवारी

जनश्रुतियों के आइने में पद्मावती नगरी एवं भवभूति साहित्य ...

कल्पना से वास्तविकता तक। - 2
द्वारा jagGu Parjapati ️

नोट:-- इस भाग को समझने के लिए ,आप पहला भाग अवश्य पढ़ ले। आगे ....... नेत्रा अपनी किताब पढ़ने में मशगूल थी,शुरुआत से ही ...

कल्पना से वास्तविकता तक। - 1
द्वारा jagGu Parjapati ️

कल्पना से वास्तविकता तक!! हमने किसी सुना है कि " इस संसार में ...

क्या होगा?
द्वारा Parmod Verma

क्या होगा What Will happen Written by Parmod Verma हम अपनी ज़िंदगी के बहुत समय सिर्फ अपने भविष्य निर्माण के बारे में सोच कर बर्बाद कर देते हैं इसी ...

रहस्यों से भरा ब्रह्माण्ड - 3 - 11 - अंतिम भाग
द्वारा Sohail K Saifi

रहस्यों से भरा ब्रह्माण्ड अध्याय 3 खण्ड 11 जब मुझे होश आया तो मैंने खुद को जंगल में ही पाया। मैं समझ चुका था कि मेरा सामना जंगल की ...

रहस्यों से भरा ब्रह्माण्ड - 3 - 10
द्वारा Sohail K Saifi

रहस्यों से भरा ब्रह्माण्ड अध्याय 3 खंड 10 ये देख कर वो और भी अचरज में पड़ गया। क्योंकि उसको बिना अम्बाला के घर नहीं आना था। वो वापिस ...

रहस्यों से भरा ब्रह्माण्ड - 3 - 9
द्वारा Sohail K Saifi

रहस्यों से भरा ब्रह्माण्ड अध्याय 3 खंड 9 उस जगह से उठ कर हम्जा आगे बढ़ा वो इस बात से अंजान था कि वो किस युग में आ पहुँचा ...

रहस्यों से भरा ब्रह्माण्ड - 3 - 8
द्वारा Sohail K Saifi

रहस्यों से भरा ब्रह्माण्ड अध्याय 3 खंड 8 हम्जा अपनी आप बीती नरसिम्हा को सुना ही रहा था, तभी महल में भगदड़ सी मच गई। नरसिम्हा और हम्जा ने ...

रहस्यों से भरा ब्रह्माण्ड - 3 - 7
द्वारा Sohail K Saifi

रहस्यों से भरा ब्रह्माण्ड अध्याय 3 खंड 7 लगभग कोस भर की दूरी तय कर हम्जा को उस स्त्री का घोड़ा मिला, जो अब जीवित नहीं था उसकी मृत्यु ...

रहस्यों से भरा ब्रह्माण्ड - 3 - 6
द्वारा Sohail K Saifi

रहस्यों से भरा ब्रह्माण्ड अध्याय 3 खण्ड 6 लोगों के लिए हम्जा केवल जीवित ही नहीं था बल्कि उस शापित जंगल से सुरक्षित जीवित निकला एक लोता दैवीय पुरुष ...

मशिनो का गुलाम
द्वारा रनजीत कुमार तिवारी

एक बार समय निकाल कर जरूर पढ़ें:-आज के समय में लोग किताबों से दुर हो गए या फिर दुर होते जा रहे हैं। लोगों का पढ़ने, लिखने में दिलचस्पी ...

रहस्यों से भरा ब्रह्माण्ड - 3 - 5
द्वारा Sohail K Saifi

रहस्यों से भरा ब्रह्माण्ड अध्याय 3 खंड 5 नरसिम्हा के लिए अपने बड़े भाई की मृत्यु का शोक अपार था। किंतु इस समय उनके ऊपर दो राज्यों का कार्यभार ...

रहस्यों से भरा ब्रह्माण्ड - 3 - 4
द्वारा Sohail K Saifi

रहस्यों से भरा ब्रह्माण्ड अध्याय 3 खंड 4 जब वो 1000 सैनिकों का समूह वापिस आएगा। तो हमें सरल मार्ग की जानकारी के लाभ के साथ साथ अन्य सैनिकों ...