The Hiding Truth - 9 Suresh sondhiya द्वारा थ्रिलर में हिंदी पीडीएफ

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The Hiding Truth - 9


एपिसोड  9 — द ग्रेट नथिंग और नई शुरुआत"



सफेद मैदान अब युद्ध के मैदान में बदल चुका था। एक तरफ 'जीव मणि' की नीली रोशनी थी, तो दूसरी तरफ 'काली परछाई' की लाल लपटें।



सिया अपने भाई पर वार करने के लिए आगे बढ़ा, लेकिन तभी परछाई ने अपना हेलमेट हटा दिया। वह चेहरा बिलकुल सिया जैसा था।

"रुक जाओ सिया!" परछाई ने मासूमियत का नाटक करते हुए कहा। "क्या तुम अपने ही खून को मारोगे? हम एक ही कोख से जन्मे हैं। याद करो वो रिश्ता..."



सिया का हाथ हवा में ही रुक गया। उसकी आँखों में आंसू आ गए। भाई का चेहरा देखकर वह पिघल गया।



"मैं... मैं यह नहीं कर सकता," सिया घुटनों पर बैठ गया।



मौके का फायदा उठाकर परछाई ने सिया पर एक जोरदार वार किया। सिया दूर जा गिरा।

"मूर्ख!" परछाई हंसी। "भावनाएं कमजोरी होती हैं!"



तभी नाना यास्किन और रोबोटिक सूट वाले अंकल बीच में कूद पड़े।



"सिया को हाथ मत लगाना!" अंकल ने अपनी पूरी ताकत से हमला किया, लेकिन परछाई की काली शक्तियों के सामने वे टिक नहीं पाए। परछाई ने एक ही झटके में दोनों को दीवार से दे मारा। वे बुरी तरह घायल हो गए।



परछाई अब सिया को खत्म करने ही वाली थी कि तभी सिया के सीने से एक तेज रोशनी फूटी। यह 'जीव मणि' नहीं थी... यह उसकी माँ का होलोग्राम था।



"उठो सिया!" माँ की आवाज़ गूंजी। "यह तुम्हारा भाई नहीं है, यह बुराई है जिसने उसे जकड़ रखा है। अगर तुम अभी नहीं लड़े, तो तुम उसे हमेशा के लिए खो दोगे। उसे मारने के लिए नहीं, उसे बचाने के लिए लड़ो!"



माँ के शब्दों ने सिया के अंदर आग लगा दी। उसने अपनी भावनाओं को काबू किया।

"मुझे माफ़ करना भाई," सिया चिल्लाया और उसने 'जीव मणि' की पूरी शक्ति अपनी मुट्ठी में भर ली।



उसने एक ऐसा जोरदार घूंसा परछाई के सीने पर मारा कि पूरा ग्रह हिल गया। काली शक्तियां चीखते हुए उसके भाई के शरीर से बाहर निकल गईं और वह बेहोश होकर ज़मीन पर गिर पड़ा। वह मरा नहीं था, बस हार गया था।



नाना के सिपाहियों ने तुरंत उसे विशेष जंजीरों में कैद कर लिया।



"नाना जी!" सिया ने घबराते हुए पूछा। "यह जाग क्यों नहीं रहा? क्या यह ठीक हो पाएगा?"



यास्किन ने सिर झुका लिया, "यह काली शक्ति के प्रभाव में बहुत देर तक रहा है। मैं इसका इलाज नहीं जानता।"



तभी वहां की हवा बदली और एक रहस्यमयी, बेहद बुजुर्ग महिला प्रकट हुई। वह उस ग्रह की सबसे पुरानी और बुद्धिमान 'महाज्ञानी' थी।



"इलाज है, रक्षक," बुढ़िया ने कहा। "तुम्हें वहां जाना होगा जहाँ इसका सिंहासन था— 'द ग्रेट नथिंग' (The Great Nothing)। उस घोर अंधेरे में, उसके सिंहासन के ठीक नीचे एक 'अमृत कलश' रखा है। उसका पानी ही इसे ठीक कर सकता है।"

सिया ने एक पल भी नहीं गंवाया। "मैं जा रहा हूँ।"



वह अपने जहाज में बैठा और प्रकाश की गति (Light Speed) से 'द ग्रेट नथिंग' की ओर निकल पड़ा। वह जगह ब्रह्मांड का सबसे डरावना कोना थी, जहाँ सिर्फ सन्नाटा था। वहां उसे कई राक्षसों का सामना करना पड़ा, मुश्किलें आईं, लेकिन सिया रुका नहीं।

उसने सिंहासन को तोड़ा और वहां से वह कलश निकाल लिया। और तभी, उसे पास की एक जेल में दो लोग मिले।



कमज़ोर, बूढ़े, लेकिन ज़िंदा— उसके माता-पिता!





सिया की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वह उन सबको लेकर वापस K-452b ग्रह पर आया।



जैसे ही उसने कलश का पानी अपने बेहोश भाई के मुंह में डाला, चमत्कार हुआ। भाई की आँखें खुलीं—अब वे लाल नहीं, बल्कि नीली थीं। बुराई खत्म हो चुकी थी।



सिया ने अपने भाई को गले लगा लिया। पूरा परिवार—माता, पिता, नाना, और दोनों भाई—सालों बाद एक हुए थे।



विदाई का समय (The Emotional Ending):



जश्न का माहौल था, लेकिन एक कोने में अंकल उदास खड़े थे। उनका काम पूरा हो चुका था।



सिया उनके पास गया। "अंकल, आप..."

अंकल मुस्कुराए, लेकिन उनकी आँखों में नमी थी। "मेरा सफ़र यहीं तक था, बेटा। मेरा परिवार, मेरी दुनिया... पृथ्वी पर है। मुझे वापस जाना होगा।"



सिया ने रोते हुए अंकल को गले लगा लिया। "मैं आपको कभी नहीं भूलूंगा अंकल। आप मेरे असली हीरो हैं।"



अंकल ने सिया के माता-पिता और नाना से हाथ जोड़े और अपने जहाज में बैठकर पृथ्वी की ओर रवाना हो गए। सिया और उसका परिवार उसे तब तक देखते रहे जब तक वह तारा बनकर ओझल नहीं हो गया।



अब सिया पृथ्वी का साधारण लड़का नहीं था। वह K-452b का राजकुमार और ब्रह्मांड का रक्षक था। उसने आसमान की ओर देखा और मुस्कुराया। नई कहानी की अभी तो शुरुआत हुई थी...



— समाप्त —



लेखक का संदेश:



दोस्तों, 'द हाइडिंग ट्रुथ' (The Hiding Truth) के इस सफर में मेरा साथ देने के लिए दिल से शुक्रिया। सिया की कहानी यहाँ खत्म होती है, लेकिन मेरी कलम नहीं रुकेगी।

अगर आपको यह कहानी और इसका अंत पसंद आया, तो प्लीज 5 Star Rating (⭐⭐⭐⭐⭐) जरूर दें और कमेंट में बताएं कि आपको सबसे अच्छा पार्ट कौन सा लगा?



जल्द मिलूंगा नई कहानी के साथ!

आपका दोस्त और लेखक,



 सुरेश सौंधिया