तेरे मेरे दरमियान - 67 CHIRANJIT TEWARY द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

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तेरे मेरे दरमियान - 67

काली गुस्से अपने दांत भिंचते हूए कहता है ---

काली :- " आ....ह , थक गया हूँ मैं इन पुलिस वालो से भागते - भागते , उस विकास के चक्कर मे कहां फस गया मैं , अगर पता होता के ये केस तिवारी फैमिली का है तो मैं उस लड़की को कभी किडनैप करता ही नही । साले ने मुझे फसा दिया और खुद खुले मे घुम रहा है , रुक अभी उसे बताता हूँ ।

इतना बोलकर काली अपना फोन निकालता है और विकास को कॉल करते हूए कहता है --

विकास के फोन पर न्यु नम्बर पर कॉल आ रहा था , विकास फोन को रिसिव करते हूए कहता है --

विकास :- हेलो ।

उधर से काली का आवाज आता है --

काली :- क्यों बे , मुझे यहां पर फसा कर तु वहां चैन की निंद सो रहा है ? 

विकास काली का आवाज सुनकर डर जाता है और कहता है --

विकास :- क... क.. काली भाई आप ?

काली :- साले एक बार ये केस ठंडा होने दे इसके बाद दैख मैं तेरी क्या हालत करता हूँ ।

विकास :- ऐसा क्यों बोल रहे हो काली भाय । मैने तो आपको 50 करोड़ दिये थे ना , मेरा भी तो नुकसान हूआ ना और काम भी नही हूआ । काली भाय 50 करोड़ बहोत बड़ी रकम है ।

काली :- वो सब तो ठिक था , पर तुने मुझे पहले क्यों नही बताया के वो लड़की तिवारी फैमिली से जुड़ी हूई है ।

विकास :- भाई माँ कसम , मुझे कुछ पता नही है इस बारे मे , मुझे तो अभी ये समझ मे नही आ रहा है के तिवारी फैमिली इसमे क्यों Involve है ।

काली :- मेरी बात ध्यान से सुन, इस केस को किसी तरह से रफा दफा कर , वरना मैं खुद पुलिस के पास जाकर सब कुछ सच - सच बोल दूगां के ये सब तुम्हारे कहने पर हूआ था । मैं और नही भाग सकता , मैं आ रहा हूँ तेरे पास तेरे घर मे , अब जब तक ये केस ठंडा नही हो जाता मैं तेरे पास ही रहूँगा ।

काली से इतना सुनकर विकास घबरा जाता है और कहता है -

विकास :- भाई मेरे घर मे क्यों , आप कुछ दिन और वेट करो मैं कुछ करता हुँ । बस उस जानवी से एक बार मेरी शादी हो जाने दिजिए, फिर उसकी सारी दौलत मेरी ।

काली :- वो सब मैं नही जानता जो करना है जल्दी करो , और मुझे नही लगता के वो लड़की तेरे प्यार करती है , वरना वो आज तक सब कुछ छोड़कर तेरे पास आ जाती ।

विकास :- काली भाय , क्यों ना हम जानवी को फिर से किडनेप करते है ।

काली गुस्से से --

काली :- हरामखोर, ऐसे ही हमारी फटी पड़ी है और तु फिर से किडनेप करने की सौच रहा है ।

विकास: - भाई मेरी बात ध्यान से सुनो , आपके पास तो लड़की खरीदने वालो से भी कांटेक्ट है ना , तो क्यों ना हम पहसे जानवी को किडनेप करते है फिर उससे उसका सारा प्रॉपर्टी पर साईन करा लेगें फिर हम उसे उस शेख को बेज देगें , जिससे हमे मोटी रकम भी मिल जाएगी ।

काली कुछ दैर सोचता है और फिर कहता है ---

काली :- फिर पुलिस अगर हमे पकड़ ले तो ।

विकास :- भाई , एक बार सारी प्रॉपर्टी हमे मिल जाए तो फिर हम ये देश छोड़कर कही और चले जाएगें ।

काली को विकास का प्लान अच्छा नही लगता है , काली कहता है --

काली :- नही बे , अब ऐसा नही कर सकता , इसमे बहोत रिस्क है। तु पहले उस लड़की से शादी कर फिर प्रॉपर्टी तेरे नाम कर और उसके बाद उसे जहां बेचना है बेच देगें ।

विकास :- उसके लिए आदित्य है ना भाई , जब तक आदित्य और जानवी का डिवोर्स नही हो जाता है तब तक हम शादी नही कर सकते ।

काली :- बस इतनी सी बात , इसमे इतना दिन वेट कायको करना बे ।

विकास: - तो क्या करे ?

काली :- उस आदित्य के मरने के बाद तो तेरी शादी हो जाएगी ना , तब डिवोर्स की जरुरत भी नही पड़ेगी ।

विकास मर्डर की बात पर डर जाता है और कहता है --

विकास :- भाई , मर्डर. ...!

काली :- मर्डर नही बे , एक्सीडेंट बोल । उसे ऐसे मारेगें के सबको लगेगा के ये एक्सीडेंट था और फिर जानवी तेरी । 

विकास :- प्लान तो अच्छा है भाई , पर जो करना संभल करना , कही प्लान फेल हूआ तो ।

काली :- काली का कारनामा अभी दैखा है तुमने ।

विकास गुस्से से कहता है--..

विकास: - दैखा हूँ काली भाई , इसी का तो डर लग रहा है ।

काली समझ जाता है के विकास उसका मजाक उड़ा रहा है काली गुस्से से कहता है --

काली :- मेरा मजाक उड़ाता है ।

विकास :- नही भाई ।

काली :- कोई बात नही , काम होने दो फिर बताता हूँ ।

इतना बोलकर काली फोन काट देता है । काली अपने फोन से एक नम्बर डायल करता है और कहता है --

काली :- एक काम है , जो तुम्हें बड़े ही सावधानी से करना है , ( काली फोन पर सब कुछ बोल कर सुनाता है ) उसे ऐसै मारना जैसे लगे के एक एक्सीडेंट हो , समझ गए । काम जल्दी हो जाना चाहिये।

इधर आदित्य इन सब से अनजान रोज की तरह ही अपने काम मे व्यस्त था , तभी मोनिका वहा पर आ जाती है , जानवी वही आदित्य से कुछ दुरी पर ही बैठी थी , जानवी मोनिका दैखती है और मन ही मन कहती है --

जानवी :- ये चुड़ेल यहां क्या कर रही है ?

मोनिका की नजरे आदित्य को ही ढुंड रही थी , तभी मोनिका दैखती है के आदित्य वहां पर बैठा था । मोनिका अपने कदम आदित्य की और बड़ाती है और आगित्य के करिब जाकर कहती है --

मोनिका :- हाय आदि !

आदित्य मोनिका को दैखकर हैरान था , क्योकी जो मोनिका आदित्य को दैखना तक पंसद नही करती थी वो आज खुद आगित्य के पास आयी थी ।

आदित्य अपने जगह से उठता है और कहता है --

आदित्य :- मोनिका, तुम यहां !

मोनिका :- क्यों मुझे यहां नही आना चाहिए ? इतनी बुरी बन गई हूँ मैं ।

आदित्य :- नही , ऐसी कोई बात नही है , आओ बैठो ।

मोनिका वहां पर आदित्य के पास बैठ जाती है , ये दैखकर जानवी को गुस्सा आने लगता है ।

आदित्य मोनिका की और एक तक नजर से दैख रहा था तो मेनिका आदित्य से कहती है---

मोनिका :- ऐसे क्या दैख रहे हो आदित्य ?

मोनिका के इतना कहने पर आदित्य अपना नजर मोनिका से हटा लेता है और कहता है --

आदित्य :- और बताओ , कुछ बात हूआ विक्की से ?

मोनिका अपना बनाकर कहती है ---

मोनिका :- नही आदित्य, मैने उससे मिलने की बहोत कोशिश किया , पर उसने मुझसे मिलने से मना कर दिया है । उसके बाद तो मैं जीना ही नही चाहती थी , पर फिर कल तुम्हारी बातो ने मुझे एक नई उम्मीद जगाया ।

आदित्य :- अच्छी बात है , किसी के लिए अपने आपको खत्म करना अच्छा नही है , इससे किसीको भी कोई फर्क नही पड़ेगा ।

तभी मोनिका झट से कहती है --

मोनिका :- क्या मेरे जाने के बाद तुम्हें कोई फर्क नही पड़ा था आदित्य ?

मोनिका की बात पर आदित्य इमोशनल हो जाता है , आदित्य बात को बदलते हूए कहता है --

आदित्य :- और तुम बताओ , आगे का क्या सोची हो ?

मोनिका आदित्य का हाथ पकड़कर रोनी सुरत बना कर अपना चाल चलती है और कहती है ---

मोनिका :- आदित्य क्या हम फिर से पहले जैसे नही रह सकते ।

आदित्य मोनिका के अचानक से ऐसा कहने पर हैरान था आदित्य को समझ मे नही आ रहा था के इस बात का आदित्य क्या जवाब दे । 

मोनिका के इस तरह से आदित्य के हाथ को पकड़कर ऐसा कहने से जानवी को बहोत गुस्सा आने लगता है , जानवी मन ही मन कहती है --

जानवी :- ये मोनिका को क्या हो गया है ये आदित्य से इस तरह से क्यों बात कर रही है , तो क्या मैं इन दोनो के बीरे गलत सौच रही थी , इन दोनो के बिच ऐसा कुछ भी नही है , तो क्या जानवी विक्की से ब्रेक-अप कर लिया ? जो भी हो ये आदित्य को फिर से बर्बाद कर देगी और मैं ऐसा होने नही दूगीं , इसे दोबारा आदित्य के लाइफ मे आने नही दूगीं ।

इतना बोलकर जानवी अपने जगह से उठती है और आदित्य के पास जाने लगती है के तभी जानवी अपने बड़ते हूए कदमो को रोक लेती है और कहती है --

जानवी :- नही जानवी , ये तु क्या करने जा रही है , तु किस हक से आदित्य को मना करेगी और तुझे इससे क्या , आदित्य किसके साथ रहे ना रहे , तु क्यु इतना सौच रही है । ये क्या हो रहा है मुझे , मोनिका को आदित्य के साथ दैखकर मुझे बुरा क्यो लग रहा है । नही जानवी , आदित्य को उसे अपना लाइफ जीने दो , अगर वो मोनिका के साथ खुश है तो मुझे कोई हक नही बनता उसे रोकने का ।

इतना सौच कर जानवी अपना कदम पिछे कर लेती है और अपने जगह पर बैठ जाती है और मायुस होकर उन दोनो को दैखने लगती है ।


तभी वहां पर रमेष , रशमी और कृतिका आ जाती है , सभी आपस मे बात करते बूए आ रहे थे तभी अचानक सभी का नजर मोनिका पर पड़ता है , मोनिका को दैखकर कृतिका अपनी दांत भीचते हूए कहती है -- 

कृतिका :- ये यहां पर क्या कर रही है ?

कृतिका गुस्से से अपने हाथ को भींचती है और मोनिका के पास जाने लगती है , तभी रमेश कृतिका को रोते हूए कहता है --

रमेश :- नही कृतिका रुको ।

कृतिका :- क्यों रुकु , इस मोनिका को आखिर चाहिए क्या , एक बार आदित्य को रुलाकर इसे चैन नही मिला , जो दोबारा इसके लाईफ मे आ गई , ये मोनिका आदित्य को पहले दुख देने मे कोई कसर छोड़ी है जो आज फिर आ गई । 

रश्मी : - तुम ठीक बोल रही हो कृतिका , जब विक्की ने इसे छोड़ा तब ये फिर आदित्य के पास आ गई । इससे पहले ये फिर से आदित्य को कोई दुख दे , हमे इस मोनिका को आदित्य के लाईफ से हमेशा के लिए दुर करना होगा ।

इतना बोलकर सभी मोनिका की और बड़ने लगता है , इधर मोनिका अपनी बात को दुबारा आदित्य के सामने रखती है --

मोनिका :- मैं जानती हूँ आदित्य, मैने जो तुम्हारे साथ किया है वो माफी के लायक तो नही है , पर आदित्य फिर भी मैं चाहती हूँ के तुम मुझे एक मौका और दो , और दैखना इस बार मैं तुम्हें शिकायत का कोई मौका नही दूगीं ।

आदित्य कहता है --

आदित्य :- दैखो मोनिका ऐसी कोई बात नही है , मुझे थोड़ा समय चाहिए । 

मोनिका :- समय क्यों आदित्य , क्या तुम मुझसे प्यार नही करते हो , क्या तुम्हारे दिल मे मेरे लिए प्यार कम हो गया है ।

मोनिका :- समय क्यों आदित्य , क्या तुम मुझसे प्यार नही करते हो , क्या तुम्हारे दिल मे मेरे लिए प्यार कम हो गया है ।

आदित्य कुछ कहता तभी कृतिका कहती है --

कृतिका :- हां कम क्या , प्यार है नही आदित्य को दिल मे तुम्हारे लिए । तुमने जो इसके साथ किया है इसके बाद तुम्हें जरा सा भी शर्म नही आई , एक बार इसे दुख दे चुके हो अब क्या करने आई हो यहां पर ।

मोनिका :- नहीं कृतिका तुम गलत सोच रही हो ।

To be continue....527
Note :- Antima ji ab bas 20 episode aayenge . mei har episode ko jyada karke daal rha hoon . aaplogo ne bahot pyar diya bahot passions se kahani ko padha iske liye aap sabka bahot sukragujar hu. Bas or thoda sa wait kariye story ending ke karib hai . har din  episode aaye ye mei bhi chahta tha par koi baat nhi mei kahani mei jyada sabd jod diya hoon jo lagbhag 2 episode ke barabar hai .
JYOTI JI , VASHNAVI SHUKLA JI , PAL JI , JAYSHREE S HADSNI JI , DEEP KUMAR JI . Aap sabka pyara review or comments ke liye bahot bahot dhanyavad 💞💞