थ्री बेस्ट फॉरेवर - 61 Kaju द्वारा हास्य कथाएं में हिंदी पीडीएफ

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थ्री बेस्ट फॉरेवर - 61



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( >💜💜💜 हे यारों भाई बहनों,,,
अपने प्यारे बंकू को माफ करो,,,ep लेट के लिए। 

तो मनीष मुंह बनाए बोला "उसकी तो बहुत सी gf रही है और उसकी आदत भी अच्छी नहीं थी" अब आगे,,,

मस्ती हैरानी से "क्या बात कर रहा,," 
फिर उसे तरेर कर घूरते हुए "फिर भी तू उसकी संगत में रहा बेअकल कही का,, अकल क्या गोबर बिन रही 
थी तेरी "

तो मनीष मायूस होकर बोला "मै उसे सही गलत समझाते रहता था और ऐसे ही धीरे धीरे वो सुधरने लगा था लेकिन मुझे क्या मालूम था की वो बस मेरा वहम निकलेगा" 

तो मस्ती बेपरवाही से बोली "खैर तू सेंटी होना बंद कर और ये बता इतनी सारी लड़की के साथ लफड़ा रहा तो क्या सबसे एक ही no पर कॉन्टेक्ट करता था?"

मनीष गुस्से में "नही अलग अलग no से तीस सिम कार्ड है साले के पास,,"

अचानक मस्ती को झटका लगा फिर नोर्मल हुई वो बेख्याली में बोली "बाप रे,,अब समझ में आया रोज no चेंज कर मैसेज कैसे करता था" 

मनीष उसकी खुसूर फुसुर सुन लिया और 
असमज में पुछा "क्या बोल रही?no चेंज कर किसको मैसेज किया उसने?"

तो वही उसकी बात सुन मस्ती ध्यान आया की वो के साथ मनीष कॉल पर है वो बात बदलते हुए बोली "कुछ नहीं बे,," 

पर मनीष भी उतना बेवकूफ थोड़ी था वो भी सख्ती से  बोला "तू कुछ छुपा रही मैं फील कर सकता हु,, चल अब चुप चाप बता?"

"फिर सुन,,," और मस्ती उसे सब कुछ बताई की राहुल उसके पीठ पीछे कैसे उसे अलग अलग no से मैसेज पर मैसेज करता रहता था।

ये जानकर मनीष को बहुत बुरा फिल हुआ उसकी छोटी सी गलती ने कितने लोगों को तकलीफ दी है। वो खुद तकलीफ सह लेगा लेकिन अपनो की तकलीफ उसे अंदर ही अंदर मार रही थी।

"तुमने मुझे क्यू नही बताया मस्ती,, क्या इतना पराया हु मै तेरे लिए की एक बार भी,,," मनीष आगे अपना रोना पुराण चालू करता की 

मस्ती उसे ही डपटते हुए बोली "चुप,,इतनी कमजोर और स्वार्थी नही हु मै की तेरी खुशी पर अपने हाथो से दुख का ग्रहण डालती,, मेरे सामने ये कीड़े से भी छोटी प्रॉब्लम थी जिसे मैं रोज मसलती थी इसलिए तू ज्यादा माइंड मत लगा की मैं तकलीफ में थी"

तो वही मनीष घबराते हुए "क्या रियू को ये बात बताई,,?"

तो मस्ती बेपरवाही से "नही बताई उसे भी पर,,," वो अपनी बात खत्म करती की 

मनीष बिच में चिल्लाते हुए "क्याया,,, कही और से पता चलेगा तो वो तो मार डालेगी तूझे और इस बार मैं भी नही बचा पाऊंगा क्युकी मेरी खुद लगी पड़ी है"

उसके ऐसे बिच में चिल्लाने से मस्ती झल्ला उठी "अबे साले पहले पुरी बात सुन ले पहले ही अपना पोंगे वाला रोना गाना कर रहा"

मनीष नाक मुंह सिकोड़ बोला "नही रो रहा तू बोल क्या बोल रही थी?"

तो मस्ती उसे घूरते हुए बोली "रियू को बताई नही क्यू,,," 

"अबे आगे भी बोल ना,,," मस्ती को बार बार एक ही लाइन रिपीट करते देख मनीष फिर बिच में खीजते हुए बोला।

तो मस्ती कॉल काट दी और वीडियो कॉल की मनीष भगवान को याद करते हुए रिसीव किया और सामने गुस्से में लाल टमाटर हुई मस्ती को देख बत्तीसी
दिखा दिया।
जो मस्ती के गुस्से को हवा देने जैसा था मस्ती चीखते हुए बोली "चुप साले बार बार बीच में टोक रहा,, अपने हाथों से मुंह को दबोच खड़ा रह समझा जब तक न बोलू हटाने को तेरा हाथ हिलना नही चाहिए मुंह पर से" 

मनीष चुप चाप वैसा ही किया ।

तो मस्ती गुस्से में फूली हुई उसे घूरते हुए बोली "मै बोल रही थी रियू को बताई नही फिर भी उसे पता है" 

मनीष हैरानी से "सच में?"

तो मस्ती बोली "हा क्युकी मेरा फोन कुछ दिन से हैक हो रहा था और पता चला की वो रियू ही कर रही थी"

"तूझे कैसे पता चला वही कर रही थी?"मनीष कन्फ्यूज हुए सवाल किया।

मस्ती बोली "हैकिंग कैसे करते हैं? ये सवाल अपने फ़ोन पर गुगल दीदी से पूछती रहती है पागल उससे ही कोई कोर्स कर लिया होगा " 

तो मनीष पहले हैरान हुए "O my god" 
फिर हस्ते हुए बोला "ही ही ही,,,तुम दोनो ही पागल हो"

तो वही मस्ती भी साइको की तरह बोली "ज्यादा दात मत फाड़,, हम पागलों के हाथो तेरी ही कुटाई होनी है भूल मत,,बहुत सर चढ़ा के रखा था ना उस कलमुहे को दिखा दी न उसने अपनी औकात हूं दोनो भाई बहन एक से बढ़कर एक कपटी है साले"

"ह,,पर इसमें धनेशी कहा से बीच में आई?"मनीष घबरा गया और नासमझी से पूछा जो मस्ती को रास नहीं आया।

मस्ती दात पिस्ते हुए "अबे बंदर उसकी तरफ़ दारी करेगा अब तू"

मनीष डरते हुए "तरफ़ दारी नही सिर्फ पुछ रहा था"

तो मस्ती सड़ा सा मुंह बनाकर बोली "वो छिपकली भी कम नहीं रिचा के साथ बार में दारू सुट्टे बाजी करती रहती हैं" 

मनीष सदमे से मुंह फाड़े "क्याआ,,,,".

मस्ती भी उसकी नकल कर "हाआआ,,,वो भी देशी दारू,,,"

मनीष उपर देख हाथ जोड़ते हुए "हे भगवान शिव शिव शिव"

तो मस्ती बोली "शिव शिव शिव नही मस्ती मस्ती मस्ती बोल क्युकी भगवान हड़ताल पर हैं वो कुछ नहीं करने वाले जो भी करना है मुझे ही करना है,,चल अब दफा होजा रख फोन" 

तो मनीष बोला "Hmm ok by जो भी करेगी ध्यान रखना अपना और रियू से,,," 

मस्ती उसकी बात पुरी कर "हा हा रियू से शेयर करती रहूंगी अब निकल तू भी "

इसके बाद फोन कट गया।

मस्ती डेंजर स्माइल कर बोली "अब तेरा क्या होगा कलमुहे,,,तेरी लगनी है वांट,, वांट,, वांट,, मस्ती के षड्यंत्र प्रहार से अब कौन बचाएगा तूझे?"

राजस्थान, उदयपुर
12 बजके 15 मिनट 
राहुल का घर

यहां राहुल का छींक छींक कर बुरा हाल था और नाक लाल मिर्च बना हुआ था। 

वो छींकते छींकते खुद में बड़बड़ाया "आ आ आच्छूऊऊ,,,,, ये मुझे इतनी आच्छुऊ,,, छींक क्यू आ आ,, आच्छु,,रही हैं? न जाने कौन आच्छू,,, महान व्यक्ति,,, आच्छुऊ,,,याद कर रहा? अआ,, आच्छीईई,,," 


तभी धनेशी फोन चलाते हुए वहा आई उसने अपने भाई का बड़बड़ाना सुन लिया और उसे तंग करने के फिराक में थी। 
वो सोफे पर पसर कर बोली "जरूर कुछ बुरा होने वाला है" 
राहुल कन्फ्यूज शक्ल बनाए "ए,,क्या बक रही तू?" 

"मनीष के साथ धोखा कर के आपने बुरा कर्म किया इसलिए आप पर शनि देव का प्रकोप पड़ गया है भाई" धनेशी उसे डराते हुए आगे बोली। 

राहुल घबराते हुए "क्य,, क्याआ,,, आच्छीई,,, सच में?" राहुल का घबराया हुआ चेहरा उसका डर साफ बया कर रहा था।  
जो देख धनेशी मजे ले रही थी।

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( >💜💜💜 कैसा लगा हमारा next ep ek बार फिर से माफी सरकार🙏😩 नाराज न होना कोई

वैसे भी नाराज तो हमको होना चाहिए 61 ep होने वाला है और कोई एक नजर हमको देखता तक नहीं। हूंऊऊ,,,😒 कोनो बात नाही हम तो स्टोरी पुरी करके रहेंगे। 

चलो अब मिलते हैं जल्द ही next ep में
बाय बाय💜💜💜