हम सफरनामा - 1 Neetu Ruhil द्वारा नाटक में हिंदी पीडीएफ

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हम सफरनामा - 1

आज मौसम बहुत ही खूबसूरत था ठंडी हवाएं चल रही थी चारों तरफ खुशी फैली हुई थी, हल्की- हल्की बूंदे धरती को भिगो रही थी. क्योंकि आज हमारी हीरोइन वेदिका बहुत खुश थी और वो बारिश में झूम कर अपनी खुशी मना रही थी.

 

काफी अंधेरा होने को था, लेकिन वो फिर भी अपने घर की छत पर खुशी से झूम रही थी और साथ में उसकी सहेली अवनी भी दोनों सहेलियां मिलकर बहुत खुश हो रही थी तभी नीचे से वेदिका को उसकी मां लता जी की आवाज आती है.

 

जो उसे नीचे बुला रही थी, वेदिका बेटा क्या कर रही है बीमार हो जाएगी आजा जल्दी नीचे और कल तो तेरे लिए इतना बडा दिन है. अगर बीमार हो गई, तो अपनी खुशियां कैसे मना पाएगी.

 

ये सुनकर वेदिका खुश होकर कहती है मां बस अभी आ रही हूं जब वो नीचे आती है, तो सब डाइनिंग टेबल पर बैठकर डिनर करने की तैयारी कर रहे थे.

 

तभी वेदिका का भाई ईशान उसे देखकर कहता है, ये क्या कर रही है बच्चा अगर बीमार हो गई, तो जा जल्दी से कपडे चेंज करके आ और फिर डिनर करके और सो जाओ सुबह सबको जल्दी उठना है.

सुनकर वेदिका खुशी से कहती है हां भाई बस अभी जा रही हूं तभी उसकी बहन नंदिनी कहती है बच्चा अपने बाल सुखा ले नहीं तो तुझे सर्दी लग जाएगी.

 

अभी उनकी नजर अवनी पर जाति है जो वेदिका की तरह ही भीगी हुई थी तो नंदिनी उसे भी कहती है जा तू भी जल्दी जा और कपडे चेंज कर ले. पूरी तरह से भीग चुकी है.

 

ये सुनकर अवनी भी वहां से वेदिका के पीछे उसके Room में चली जाती है, दोनों थोडी देर बाद कपडे चेंज कर कर आती है और सभी डिनर कर रहे थे. तभी नंदिनी कहती है मां आज पापा नहीं आए पापा कहां है. तभी उसकी मां कहती है अरे मैं बताना भूल गई.

 

बेटा उनके किसी दोस्त के यहां पार्टी है तो वो थोडा लेट आएंगे, उन्होंने कहा है तुम सब डिनर करके सो जाओ वो अपना डिनर करके आएंगे. ये सुनकर सब हा में सिर हिला देते हैं. और डिनर करने के बाद सब अपने Room में सोने चले जाते हैं.

 

सुबह.

आज भी सुबह मौसम बहुत ही खुशनुमा था ठंडी हवाएं चल रही थी हां अब बारिश नहीं हो रही थी. लेकिन हवाएं बहुत अच्छी मन को मोह लेने वाली थी, इन सब से बेखबर हमारी हीरोइन अपनी दुनिया में सोई हुई थी.

 

अपने जीवन के सतरंगी सपनों को बुन रही थी आज उसके लिए जीवन का सुनहरा पल था क्योंकि आज उसका शिक्षक बनने का सपना जो पूरा हुआ था। अब उसे इंतजार था आपने इस नए सफर पर जाने के लिए.

 

अशोक जी, अरे लता जी अभी तक अपने बच्चे दिखाई नहीं दे रहे आज उठे क्यों नहीं है अब तक वह सब आज इतनी देर तक सोए हुए हैं ऐसा तो कभी नहीं होता.

 

लता जी जी ईशान के पापा आप ठीक कर रहे हैं बच्चे देर रात तक खुशियां मना रहे थे और तुम जानते हो ईशान तो अपने project तैयार कर रहा है आप जानते हैं उसका ये फाइनल ईयर है फिर उसका एमबीए कंप्लीट हो जाएगा.

 

वो चाहता है कि उसे जल्द से जल्द एक अच्छी Job मिले और थोडे टाइम बाद वो खुद का बिजनेस स्टार्ट कर सके इसीलिए वो हर समय बस अपनी पढाई पर ही ध्यान देता है.

 

लेकिन वो अपनी बहन वेदिका के लिए बहुत खुश था, इसलिए वो भी रात को उनके साथ जग रहा था शायद उसके बाद उसने पढाई की होगी. और वो अभी नहीं उठा है आखिर उसने भी सपना देखा था अपनी बहन के लिए के उसकी बहन का सपना पूरा हो.

 

अशोक जी कहते हैं हां लता जी ये तो आपने सही कहा आज सही मायनों में हमारी वेदिका की खुशियां पूरी हुई अब तो ईश्वर से यही आशा है कि हमारी बडी बेटी नंदिनी के लिए जल्द से जल्द कोई अच्छा सा रिश्ता ढूंढ ले जिसे हमें तसल्ली हो जाए.

 

और वैसे भी अब उसकी पढाई पूरी होने वाली है. लता जी जी ईशान के पापा आपने सही कहा, कल ही आप पंडित जी को बुलाए सभी घर पर हैं उनके द्वारा बताए गए. लडके के बारे में बच्चों से बात कर लेनी चाहिए.

हमारी वेदिका की भी आज पोस्टिंग हो जाएगी और ईशान भी वापस अपनी पढाई के लिए पुणे चला जाएगा। तो बच्चों के जाने से पहले यदि रिश्ता पक्का हो जाए, तो मन हल्का हो जाएगा.

 

Good Morning पापा मम्मी क्या बातें हो रही है आजा बेटा बैठ ईशान और नंदिनी कहां रह गए. Good Morning मम्मी Good Morning पापा दोनों बच्चों ने डाइनिंग टेबल पर बैठते हुए. कहा Good Morning बच्चों आज इतना लेट कैसे हो गए. मैं बस नाश्ता करके निकल रहा था ऑफिस के लिए.

 

अच्छा बच्चों आज शाम को आप सभी घर पर रहना जरूरी बात करनी है. ईशान क्या बात है, पापा सब ठीक तो है.

 

अशोक जी हां मेरे बच्चे सब ठीक है तेरी नंदिनी बहन के लिए रिश्ता आया है उस पर तुम सब की राय लेनी है.

 

वेदिका और ईशान एक साथ ओहो दी सुन सुन तेरे लिए एक रिश्ता आया है।

नंदिनी स्टॉप थिस नॉनसेंस मैं जा रही हूं कमरे में मुझे नहीं करना नाश्ता. लता जी सुन मेरी लाडो यूं नाश्ता छोडकर नहीं जाते शादी तो करनी है फिर ना कैसे बेटा.

 

नंदिनी. पापा अभी तो मेरे एग्जाम बाकी हैं, उसके बाद मुझे इंटर्नशिप भी करनी है. आप जानते हैं मैं एक फैशन डिजाइनर कंपनी खोलना चाहती हूं. उसके लिए, मुझे कुछ समय तक Job करनी होगी सब कुछ समझना होगा. ऐसे में मैं शादी के लिए कैसे सोच सकती हूं.

 

अशोक जी अरे बेटा अभी कौन सा शादी हो रही है अभी तो मुझे शर्मा अंकल( पंडित जी) ने एक बहुत ही बढिया रिश्ता बताया है। लडका बहुत बडी पोस्ट पर पुलिस ऑफिसर है. अच्छा परिवार है समाज में काफी जाना माना नाम है बहुत बडे बिजनेसमैन है.

 

शर्मा जी बता रहे थे उनके पास किसी चीज की कमी नहीं है भगवान का दिया सब कुछ है काफी बडा बिजनेस फैला हुआ है लेकिन उन्हें अपने बडे बेटे के लिए एक संस्कारी सुलझी पढी लिखी समझदार बहू चाहिए.

 

ईशान. पापा वो सब तो ठीक है लेकिन क्या हम उनकी बराबरी कर पाएंगे.

 

वेदिका. हां पापा भाई ठीक कह रहे हैं। लता जी देखिए बेटा सभी लोग एक जैसे नहीं होते दुनिया में अभी भी अच्छे लोग हैं और हमारी नंदिनी तो लाखों में एक है.

 

ईशान. ठीक है मम्मी पापा आप आज ही पंडित जी को बुलाकर जन्मपत्री वो लडके का फोटो मंगवा लो मेरे पुणे जाने से पहले रिश्ता तय हो जाए, तो बहुत अच्छा होगा.

 

नंदिनी. ओए तू चुप कर तुझे बडी जल्दी पडी है मेरी शादी की क्या बात है तूने कोई लडकी पसंद तो नहीं कर ली.

 

ईशान. दीदी उसकी चिंता आप मत कीजिए मैं अपने लिए लडकी खुद पसंद कर सकता हूं.

 

लता जी. बस कर नंदिनी दो- तीन दिन इसके पास बचे हैं उसके बाद ये पुणे चला जाएगा. आज मैंने इसके लिए इसकी पसंद के आलू के पराठे और सूजी का हलवा बनाया है. इसे आराम से नाश्ता करने दे उसके बाद तुम सब अपनी बातों में लगे रहना.

 

नंदिनी. हां सही है चल जाएगा तो कम से कम मेरे लिए रिश्ते देखने की बात तो कोई नहीं बोलेगा

वेदिका. दीदी ये तो कितनी खुशी की बात है आपके लिए रिश्ता आया है और वो खुशी से उछलने लगते हैं.

 

नंदिनी. ओ बिना ब्रेक की गाडी रुक जा रिश्ता आया है तय नहीं हुआ है. चुपचाप नाश्ता कर और निकालो यहां से बडे आए मेरी शादी कराने वाले इतना कहकर दनदनाते हुए. अपने कमरे में चली जाती है.

 

अशोक जी. लता जी आप भी क्या इन बच्चों में उलझी हुई हैं मेरा टिफिन दे दीजिए ऑफिस के लिए लेट हो रहा है. लता जी अभी लाई जी इन बच्चों से ही तो मेरे घर की खुशियां हैं रौनक है.

 

दो दिन बाद ईशान चला जाएगा, तो वेदिका भी स्कूल जॉइन कर लेगी. नंदनी का रिश्ता तय हो गया तो हम दोनों ही अकेले रह जाएंगे.

 

इतना कहते हुए लता जी की आंखों में नमी तैर जाती है. ईशान और वेदिका क्या मामा अभी दी की विदाई नहीं हो रही जो आप इमोशनल हो गई दोनों एक- एक साइड पर लता जी को गले लगा लेते हैं.

 

अशोक जी ऑफिसचले जाते हैं लता जी किचन में चली जाती है डाइनिंग टेबल पर ईशान और वेदिका बैठे हैं. वेदिका. भाई मैं निशा और अवनी बाजार जा रहे हैं क्या आप हमें ले चलेंगे.

 

ईशान. हां हां क्यों नहीं एक बार दी से भी पूछ ले जाकर उन्हें चलना हो तो. वेदिका. Ok भाई मैं पूछ कर आता हूं.

 

इतनी देर में बाहर से अवनी और निशा आ जाती हैं निशा को देखकर ईशान के चेहरे पर हल्की सी स्माइल आ जाती है, लेकिन वो जल्दी अपनी स्माइल छुपा लेता है.

 

तभी अवनी आकर कहती है आप दो दिन बाद जा रहे हैं ईशान कहता है हां फिर वो निशा की तरफ देख कर कहता है अगर कोई कहेगा मैं रुक जाऊं तो मैं रुक भी सकता हूं.

 

ईशान ये निशा की तरफ देखते हुए कहता है.

 

निशा. ईशान की बात सुनकर शर्मा जाती है और अपना चेहरा नीचे कर लेती है.

 

निशा. हिम्मत करकेआप कब वापस आएंगे.

 

ईशान. पता नहीं कुछ नहीं कह सकता शायद ये सेमेस्टर पूरा होने पर ही आना हो। मैडम इरादा क्या है शायद आप भूल गई हैं कि आप मेरे दोस्त की Girlfriend है मेरी नहीं तो आप मुझसे ऐसे क्यों प्यार जाता रही हैं यह सुनकर निशात कुछ भी बोलते हैं आप हम तो बस ऐसे ही पूछ रहे थ।

ईशान, हां मुझे पता है क्योंकि मेरे साथ तू अपने उसे आशिक से मिल पाती है अकेले में तो उससे मिल नहीं पाएगी इसलिए तुझे मेरी ज्यादा याद आ रही है ये सुनकर निशा के चेहरे पर हल्की सी स्माइल आती है और वो कहती है आप भी ना आप दोनों दोस्त हो और बिजनेस की तैयारी कर रहे हो बस मैं तो यही दुआ करुंगी जल्द से जल्द आप दोनों अपने सपने में कामयाब हो जाए.

 

वेदिका. क्या भाई आप भी अभी तक तैयार नहीं हुए जल्दी करिए वरना हम लेट हो जाएंगे.

 

वेदिका. भाई हम तो भूल ही गए दी का रिश्ता पक्का होने की बात हो रही है, और अभी तक हमने नील भाई को तो बताया नहीं जब उन्हें पता चलेगा. के दी का रिश्ता पक्का हो रहा है और हमने अब तक उसे नहीं बताया तो वो बहुत नाराज हो जाएगा.

 

ईसान. अरे हां मैं तो भूल ही गया लेकिन क्या पता पापा ने बात कर ली हो तभी वो अपनी मां लता जी को आवाज लगते हैं मां क्या आपने ये बात नील भाई को बताई है.

 

वेदिका की बात सुनकर उनकी मां उनके पास आकर कहती है हां कल रात को तुम्हारे पापा ने उससे बात की थी वो भी कल सुबह तक आ जाएगा.

 

तुम जानते हो उसकी मेडिकल की पढाई का दूसरा साल है तो अभी वो छुट्टी ले सकता है वो सुबह तक आ जाएगा.

 

वेदिका. मां हम सब बाजार जा रहे हैं शाम को जल्दी आ जाएंगे लता जी ठीक है जल्दी आ जाना क्या तुम्हारे साथ नंदिनी नहीं जा रही वेदिका नहीं मा दीदी ने मना कर दिया है.

 

उनको कोई असाइनमेंट पूरा करना है, वेदिका. भाई आप अभी तक तैयार नहीं हुई अभीअभी भी यही खडे हो.

 

ईशान. ओ शैतान की पुडिया, अपनी दोस्त को समझा ले मुझसे सवाल जवाब पूछ रही है क्यों निशा.

 

निशा. हडबडाते हुए मैंने क्या पूछा आपसे. लेट हो जाएगा मुझे वापस घर भी जाना है फिर वो अवनी की तरफ देख कर कहती है.

 

अवनी चल हम जब तक बाहर गाडी में बैठते हैं अवनी भी हा में सिर हिला कर निशा के साथ बाहर चली जाती है वेदिका भी उनके साथ बाहर जाती है और अपने भाई से कहती है भाई पाँच मिनट है आपके पास जल्दी बाहर आइए.