थ्री बेस्ट फॉरेवर - 28 Kaju द्वारा हास्य कथाएं में हिंदी पीडीएफ

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थ्री बेस्ट फॉरेवर - 28

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( >💜💜💜Next ep लेकर हाजिर है स्टोरी का चौकीदार और आपका प्यारा आशिक बंकू चलिए पढ़िए आगे,,,,,

राहुल बोला "चल स्टार्ट करते हैं" 

मनीष मुंडी बस हा में हिला दिया क्या ही बोलता टास्क उसका थोड़ी ना था पर अहम भूमिका वही निभा रहा था। क्या हुआ?  समझ में नहीं आया ना कोई न समझने के लिए आगे पढ़ो,,,

"मनीष तू पूरा गधा है खाली दिमाग का डब्बा है तुझमें अक्ल गाय भेस जैसी भरी है। दुनिया का पहला और आखिरी बेवकूफ गधा तू ही है " सभी आखें फाड़े उसे देख रहे थे किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा सभी अपने दिमाग में अलग अलग कहानी इमेजिन कर रहे थे की आख़िर ये कैसा टास्क हो सकता हैं।


वही रियू मनीष को नोर्मल देख मन में "इस झल्ली ने टास्क के नाम पर जो भी रायता फैलाया है एक बात पक्की है ये घनचक्कर बेवकूफ राहुल मनीष के हाथो फिर पिटेगा" 

राहुल मनीष को गालियां सुनाए जा रहा था पर उसपर कोई असर न होता देख अब राहुल खीज उठा और मस्ती को बुरा भला बोलने लगा जिसे सुन सबकी सासे रुक सी गई। वही मस्तानी डेविल स्माइल कर रही थी मानो बहुत बड़ी जंग जीत ली हो और राहुल की जान उसकी मुठ्ठी में कैद हो जिसे वो जब चाहे मसल सकती हैं।

वही पहले मनीष की बुराई और अब मस्ती की ये रियू को सहन नहीं हो रहा था वो गुस्से से लाल अपनी हाथो की मुट्ठी कसते जा रही थी। 
उसने मस्ती को देखा मस्ती भी उसे ही देख रही थी वो उसकी मुठ्ठी बनी हाथ पर अपने हाथ रख शांत रहने का इशारा कर रही थी।

रियू मुंह फूला ली तो मस्ती हल्की हंस पड़ी।

तभी चटाक चटाक चटाक,,, की आवाज तीन बार आई।

मस्ती को छोड़ सभी चिहुंक उठे रियू भी चिहुंक कर सामने देखी मनीष गुस्से में लाल गुब्बारा बना हुआ हाफ रहा था तो वही राहुल का एक गाल लाल टमाटर बना हुआ था। रियू हैरानी से मस्ती को देखी तो मस्ती उसे देख शातिर स्माइल कर उसके कान में धीरे से बोली  "my task complete" 

ये सुन रियू हैरानी से उसे देखी फिर वो भी मुस्कुरा दी और धीरे से बोली "good job" 

वही बाकि सब अभी भी सदमे में थे की अचानक से क्या हो गया।
सभी लड़के राहुल को घुरे जा रहे थे। वही राहुल  कन्फ्यूज शक्ल बनाए गाल सहलाते हुए खड़ा था ।

स्ट्रॉन्ग गुस्से में "अबे साले तू ये क्या बक बक किए जा रहा था तमीज है की नही" 

उत्साह आग की तरह भड़कते हुए "मनीष को बोला ये बात छोड़ो पर इसमें मस्तानी दीदी को बिच में काहे घसीटा?" 

समजीत कान पर हाथ रख "इतनी बुरी बाते वो भी एक लड़की को शिव शिव शिव,, नरक जाएगा तू नासपीटे" 

सभी राहुल पर गुस्से में भड़के जा रहे थे तो वही मनीष जलती नजरो से राहुल को घुर रहा था आखिर उसकी हिम्मत कैसे हुई उसके सामने उसकी besti की बुराई करने की वो उसका बेस्ट फ्रेंड था तो क्या कुछ भी बकवास करेगा।

राहुल रोनी सूरत बनाए झल्लाया "अरे यार बस करो,,, मस्ती बोली थी ये,,यही टास्क है" 

रियू और मनीष को छोड़ सभी उत्साह , स्ट्रॉन्ग, समजित , भौहें सिकोड़ कर "ये कैसा टास्क है बे?" 

मनीष उसे खा जाने वाली नजरों से देख "झूठ बोल रहा ना अपनी गलती छुपाने के लिए " 

"अरे यार मनु झूठ नहीं बोल रहा,,, झूठ बोलूं तो अभी गूंगा हो जाऊ दरसल हुआ यू की,,," राहुल बताने लगा की मस्ती और उसके बीच क्या 
बाते हुई थी,,,,,

फ्लैश बैक 

मस्तानी बोली थी "देख बे ज्यादा चू चपड नही चुप चाप सुन " राहुल चुप चाप बैल की तरह मुंडी हां में हिला दिया। 

मस्तानी बोली "तुझे कुछ ऐसा करना है की मनी को एक मिनट में गुस्सा आ जाए" 

राहुल हैरानी से "गुस्सा और मनीष को,,इंपोसिबल"

मस्ती उसे डपटते हुए "चुप कर,, इंपोसिबल जैसा कुछ नहीं है इसमें" 

राहुल मुंह बनाते हुए " हा पर मुस्कील तो है ना" 

मस्तानी कमर पर हाथ रख आखें चढ़ा कर "तो तुझे क्या लॉलीपॉप खाने का टास्क दू,,वो आसान होगा है ना,," 

राहुल हाथ जोड़ खी खी खी करते हुए "प्लीज दूसरा दे दो ना" 

मस्तानी मुट्ठी कस दात पिस्ते हुए "तेरा टास्क यही है चुप चाप कर" 

मस्ती की बात सुन राहुल मनीष को गुस्सा दिलाने का आईडिया सोचते हुए सर खुजलाने लगा क्यूंकि उसे पता था अगर वो उसे थप्पड़ भी मारेगा तो मनीष रो देगा लेकीन गुस्सा नही करेगा इसलिए उसके लिए ये इंपोसिबल टास्क था।

और मस्ती उसकी उलझन भी अच्छे से समझ रही थी आख़िर उसका सोचा टास्क धीरे धीरे अपने चरम पर पहुंच रहा था। 
मौका मिलते ही उसने अपना पासा फेका बड़े नर्म मीठे स्वर में बोली "सुन मेरे पास एक आईडिया है आजमा कर देख लेना अगर तेरा आईडिया अगर काम न आया तो" 

उसका ऐसा लहजा सुन राहुल के मन में लड्डू फूटने लगे उसके पर निकल आए उसे लगने लगा धीरे धीरे मस्ती उसे घुल मिल रही है उसे लग रहा था जो वो चाहता है जल्दी उसे मिलेगा उसके विचार नेक बिल्कुल नही थे जो उसकी शक्ल पर मस्ती और रियू देख लेती थी। एक no का अय्याशी और धोकेबाज़ और मतलबी टाइप का है उसे तो अपनी सगी बहन से भी कोई मतलब नहीं और ना ही उसकी बहन धनेशी को उससे कोई लेना देना है दोनो भाई  एक से बढ़कर एक नीच और वाहियात इंसान है। 

राहुल मस्ती को नीच नज़र से देख मुसकुराते हुए "हा हा बताओ बताओ?" 

"अपना फुदकना बंद कर और ध्यान से सुन,,अगर मनीष के सामने तू मेरी इंशल्ट करेगा तो उसे एक सेकेंड में गुस्सा आ जाएगा" मस्ती अपना गुस्सा कंट्रोल करते हुए बोली। 

क्युकी वो ध्यान से सुनने के बहाने उसके करीब खिसक रहा था उसे बहुत गुस्सा आता उसे करीबी से और उसकी घूरती नज़र से वो मन में बोली "मन करता आखें फोड़ ही दू" पर वो बनावटी हसी लिए थी।

ताकि उस कलमुहे राहुल से अपनी बात मनवा सके
इसलिए वो मीठी आवाज मे बोली "तो अब तू जा और मनीष को भेज मैं उसे मना लूंगी की थोडा सा गुस्सा कर गेम खत्म कर देना,, वैसे भी मुझे बहुत निंद आ रही" वो जम्हाई लेने लगी। 

राहुल उसे फिर एक टक घूरने लगा मस्तानी आखों के कोनो से उसे घुरी और बोली "अब जाएगा या मुहूर्त निकलवाऊं" 

"ही ही ही,,,जा रहा जा रहा" वो ही ही हस्ते हुए बोला और सबके बिच आकर खड़ा हो गया और मनीष को मस्ती ओर जानें का इशारा किया। 


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( >💜💜💜दोस्तो ep पढ़ कर मजा आया हो तो अपनी छोटी सी khusi जरूर जाहिर करे ताकि मै भी खुश हो सकू,,, बड़ा दुख होता रोज पार्ट डालने के बाद भी  छोटी सी भी खुशी न मिलना। 🥺💜💜💜 खैर मिलते हैं जल्द ही next ep में ढेर सारे इंटरटेनमेंट के साथ।