खोए हुए हम - 20 (अंतिम भाग) Mehul Pasaya द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

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खोए हुए हम - 20 (अंतिम भाग)

खोए हुए हम – एपिसोड 20 (फ़ाइनल एपिसोड)

नई सुबह, नया जीवन

उत्तराखंड की पहाड़ियों में बिताए कुछ हफ्तों ने निशा और अयान के जीवन को पूरी तरह से बदल दिया था। निशा अब पहले जैसी नहीं रही थी। उसकी आँखों में आत्मविश्वास था, और दिल में सुकून। ऋत्विक की दी हुई सारी तकलीफ़ें अब अतीत बन चुकी थीं, और उसके सामने एक नया भविष्य खड़ा था—अयान के साथ।

एक दिन सुबह, जब सूरज की किरणें पहाड़ियों को सोने की तरह चमका रही थीं, अयान और निशा पहाड़ी के किनारे बैठे थे।

"क्या तुम्हें कभी डर नहीं लगता कि जो हुआ वो फिर से हो सकता है?" निशा ने अयान से पूछा।

अयान ने हल्की मुस्कान के साथ जवाब दिया, "डर तब लगता है जब हमें खुद पर भरोसा नहीं होता। लेकिन अब तुम पहले जैसी नहीं हो। अब तुम एक नई निशा हो, जो अपनी ज़िंदगी खुद तय कर सकती है।"

निशा ने उसकी ओर देखा, उसकी आँखों में सच्चाई झलक रही थी।

"तुम सही कह रहे हो, अयान। मैं अब अपनी ज़िंदगी को खुद अपने तरीके से जीना चाहती हूँ। और... मैं चाहती हूँ कि तुम हमेशा मेरे साथ रहो।"

शादी का प्रस्ताव

अयान ने जेब से एक छोटी सी अंगूठी निकाली।

"निशा, मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरी ज़िंदगी में कोई ऐसा आएगा, जिसे मैं इस हद तक चाहूँगा। मैंने तुम्हें उस समय टूटे हुए देखा था, लेकिन आज तुम्हें इस तरह मज़बूत देखकर मुझे गर्व होता है। क्या तुम ज़िंदगी भर मेरे साथ रहोगी?"

निशा की आँखों में आँसू थे, लेकिन ये आँसू खुशी के थे।

"हाँ, अयान, हज़ार बार हाँ!"

अयान ने उसके हाथ में अंगूठी पहना दी, और उन दोनों ने एक-दूसरे को गले लगा लिया।

नई शुरुआत

शादी की तैयारियाँ शुरू हो गईं। अयान और निशा ने तय किया कि वे किसी बड़ी धूमधाम की जगह, एक छोटे से मंदिर में शादी करेंगे।

शादी वाले दिन, निशा लाल साड़ी में बेहद खूबसूरत लग रही थी, और अयान उसे देखकर मंत्रमुग्ध रह गया।

"तुम्हें पता है, जब मैंने तुम्हें पहली बार देखा था, तब भी तुम इतनी ही खूबसूरत लगी थीं," अयान ने कहा।

निशा मुस्कुराई, "और मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरी ज़िंदगी का सबसे बड़ा सहारा तुम बनोगे।"

फेरे लेते समय, निशा ने अपने अतीत को पूरी तरह से पीछे छोड़ दिया। ऋत्विक की दी हुई तकलीफ़ें अब सिर्फ एक धुंधली याद बन चुकी थीं। अब वह सिर्फ अपने वर्तमान और भविष्य के बारे में सोच रही थी—जो कि अयान के साथ था।

एपिलॉग (समाप्ति के बाद की कहानी)

शादी के कुछ महीने बाद, निशा और अयान मुंबई लौट आए और एक नया जीवन शुरू किया। निशा ने अपनी पढ़ाई पूरी करके एक काउंसलर बनने का फैसला किया, ताकि वह उन महिलाओं की मदद कर सके, जो उसकी तरह किसी बुरे रिश्ते में फँसी थीं।

एक दिन, जब अयान ऑफिस से घर लौटा, निशा ने उसे एक गुड न्यूज़ दी।

"अयान, हम अब सिर्फ दो नहीं रहे... जल्द ही हमारे परिवार में एक नया सदस्य आने वाला है।"

अयान की आँखें खुशी से चमक उठीं। उसने निशा को गले लगाते हुए कहा, "ये हमारी ज़िंदगी की सबसे खूबसूरत शुरुआत है।"

और इस तरह, निशा और अयान ने अपने बीते हुए अंधेरे को पीछे छोड़कर, एक नए उजाले की ओर कदम बढ़ा दिए।

(समाप्त)