जिन्न का बदला - 1 Neeta Sengar द्वारा लघुकथा में हिंदी पीडीएफ

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जिन्न का बदला - 1

एक शहर मे एक मुस्लिम परिवार रहता था उस परिवार के मुखिया थे असलम खान | उनके दो बेटे थे मकबूल वा उस्मान |असलम खान के दो पोते भी थे अकरम और अयान |असलम को कभी कभी अपने खेत का काम देखने गांव जाना पड़ता था अयान विदेश मे रहकर डॉक्टर की पढ़ाई पढ़ रहा था एक दिन अचानक असलम के छोटे पोते अकरम की तवियत अचानक खराब हो गयी कई बैध हकीमो को दिखाया उसकी तबियत मे जरा भी सुधार नजर न आता था दिन पर दिन उसकी हालत बुरी होती जा रही थी बह रातो मे डर से चिल्लाता की उसे कोई दिख रहा है फिर एक दिन अकरम की माँ को उसकी सहेली न किसी बड़े पीर के बारे मे बताया की अगर कोई बुरा साया है तो पीर बाबा उसे सही कर देंगे बहुत जाने माने पीर है अकरम की माँ शाम को ही उनसे मिलने को गयी उन्होंने बताया की अकरम पर किसी जिन्न के साया है कुछ पुड़िया दी और ताबीज कहा की पुड़िया पानी मे घोलकर पिलाते रहना और ताबीज गले मे बांध दो.. दो दिन बाद अकरम की माँ फिर पीर के पास गयी और बताया की कुछ असर नहीं हो रहा उसकी हालत दिन ब दिन बदतर होती जा रही है | पीर न तब उनको कुछ और उपाय करने को कहा लेकिन वह उपाये बहुत ही महंगे और खतरनाक है पीर न उसको 100 ऊंट लाने को कहा जिससे उस जिन्न को इनकी बली देकर शांत किया जा सके अकरम की माँ बोली की मै कहा जाउंगी ये सब लेने मै एक दो दिन मे पैसे लाकर तुमको देती हु आप खुद सब इंतजाम कर ले |वहाँ अकरम की तबियत बहुत नाजुक हो चुकी थी एक रात वह जोर से चीखा और खामोश हो गया हमेसा के लिए |अयान बहुत विदेश से वापस आया सबका घर मे रो रोकर बुरा हाल था कुछ दिन मे हालत सभले और सब अपनी अपनी जगह चले गए. दादा असलम भी गांव चले गए खेतो को देखने |अयान भी वापस विदेश चला गया.जिंदगी फिर पटरी पर आ चुकी थी की सर्दी के मौसम था तभी असलम न शहर से अपने बड़े बेटे मकबूल को अपने पास गांव बुलाया. वह समय को निकला जिससे देर रात पहुँच जायेगा रात भर आराम करके फिर कुछ खेतो के काम देख लेगा. वह खुद की गाड़ी चलाकर जा ही रहा था की उसे रास्ते मे कोई खड़ा दिखाई दिया वह उतरा और उसके पास जाके बोला भाई रास्ते से हटो. जैसे ही उस आदमी न चेहरा मकबूल की तरफ किया उसकी धड़कन डर के मारे बंद हो गयी. सुबह ज़ब एक दूध बाला निकला तब उसने सडक पर लाश देखी तो तुरंत पुलिस को फ़ोन करके बुलाया. डॉक्टरों ने बताया की इनको हार्ट अटैक आया है.. फिर एक बार असलम दादा के परिवार मे मातम के माहौल छा गया. अयान भी वापस आ गया.अपने पिता की मौत से वह बहुत टूट चूका था असलम दादा को जवान पोते और जवान बेटे की मौत न तोड़ कर रख दिया था.. हमेसा दुखी रहने लगे थे घर से रौनके चली सी गयी थी... आगे की कहानी अगले भाग मे....