युद्ध - 1 Manish Sidana द्वारा लघुकथा में हिंदी पीडीएफ

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युद्ध - 1

"सुनो जी,दिल्ली जाने के लिए टैक्सी बुक करा दी,बस तीन ही दिन रह गए है।तीन दिन बाद अपना राहुल डॉक्टर बनकर यूक्रेन से लौट रहा है"..वीना ने उत्साह के साथ मनोज से कहा।
"हां ,मैने टैक्सी बुक कर दी है।तुम बस चलने की तैयारी करो",मनोज ने जवाब दिया।
"मैं आज ही राहुल के मनपसंद बेसन के लड्डू बनाऊंगी"वीना ने कहा

"पूरे मोहल्ले में राहुल पहला लड़का है,जिसने डॉक्टर की डिग्री हासिल की है।मेरे दोस्त मुझ से पार्टी मांग रही है।" मनोज ने गर्व से कहा
"मैं समझती ही आपकी पार्टी,कोई पार्टी नही होगी।राहुल आ जाए,फिर माता की चौकी रखेंगे।उसने अपने दोस्तो को बुला लेना।राहुल की शादी तय करेंगे तब दोस्तों को जी भर के पार्टी देना",वीना ने अपना फैसला सुनाया।

"अभी तो उसकी शादी में बहुत समय है।राहुल की पढ़ाई के लिए तुम्हारे सारे ज़ेवर बेच दिए। मकान गिरवी रखा हुआ है।बैंक से भी बहुत लोन ले रखा है।ये सब कर्जा उतरेगा तभी तो उसकी शादी करेंगे",मनोज ने नम आंखों से कहा।
"अब क्यों चिंता करते हो।अपने बुरे दिन बीत गए।राहुल डॉक्टर बन गया है।अब वो पैसे कमाएगा और सब कर्जा उतार देगा।अब अपने अच्छे दिन आने वाले है",वीना ने मनोज का हाथ पकड़ कर कहा।
"हां,सही कह रही हो,तुम लड्डू बनाओ,मैं टीवी देखता हूं",
मनोज ने टीवी ऑन किया।
"रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया है।रूस लगातार यूक्रेन पर मिसाइल से अटैक कर रहा है।कई शहरों में उसने बम गिराए है।हमारे भारतीय नागरिक भी यूक्रेन में फंसे हुए है।उनको वहां से निकालने के लिए भारत सरकार प्रयास कर रही है।जल्दी ही भारतीय छात्रों के लेने के लिए भारत से विमान भेजे जायेंगे।तब तक भारतीय छात्रों को अपनी सुरक्षा खुद करनी होगी।"...न्यूज एंकर तेज़ी से बोले जा रही थी।मनोज के हाथ से रिमोट छूट कर गिर गया।
वीना ने भी रसोई में टीवी की खबरें सुन ली थी।वो दौड़ती हुई आई और मनोज को हिलाकर बोली,"ऐसे क्या बैठे हो,जल्दी से राहुल को फोन मिलाओ,मेरा दिल बहुत घबरा रहा है।"
"हां, हां,करता हूं",मनोज की चेतना वापिस लौटी।उसने टेबल से मोबाइल उठाया और राहुल का नंबर मिलाया।घंटी बज रही थी पर फोन नही उठा।
मनोज कई बार नंबर मिला चुका था पर राहुल के फोन की घंटी तो बज रही थी,पर फोन नही उठ रहा था।
दोनो की चिंता बढ़ती जा रही थी।सर्द मौसम में भी मनोज के माथे पर पसीने की बूंदे थी।
दोनो सुबह से टीवी के आगे बैठे थे। न खाना बनाया न खाया।
"अभी अभी बड़ी खबर मिली है, रुस की गोलाबारी में एक भारतीय छात्र की मृत्यु हुई है। उस छात्र ने हाल में ही अपनी M. B. B. S. पूरी की थी और दो दिन बाद वो भारत वापिस आने वाला था।"न्यूज एंकर पूरा गला फाड़ कर चिल्ला रही थी।
वीना चक्कर खा कर सोफे पर ही गिर गई।
"वीना ...वीना...घबराओ मत हमारा राहुल बिलकुल ठीक होगा।उसने भला रूस या यूक्रेन का क्या बिगाड़ा है।वो तो केवल वहां पढ़ने गया था।युद्ध से उसका क्या लेना देना है?ऐसे कैसे उसको कुछ हो जायेगा?लड़े कोई भरे कोई।युद्ध से केवल विनाश होता है,जैसे हमारे परिवार का हो गया",मनोज बड़बड़ाए जा रहा था।
तभी मनोज के मोबाइल की घंटी बजी।स्क्रीन पर यूक्रेन का एक नंबर फ्लैश हो रहा था।

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