गिरते तो सबने देखा पर किसने दिया सहारा - 4 S Sinha द्वारा फिक्शन कहानी में हिंदी पीडीएफ

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गिरते तो सबने देखा पर किसने दिया सहारा - 4

भाग - 4


पिछले अंक में आपने पढ़ा राहुल कोलकाता से जब सिंगापुर लौटा तब तक उसकी पत्नी मधु की डिलीवरी हो चुकी थी , अब आगे पढ़ें …


कहानी - गिरते तो सबने देखा पर किसने दिया सहारा


फिर राहुल बेड के पास कुर्सी खींच कर बैठ गया और मधु का हाथ अपने हाथ में लेकर बोला “ सॉरी डिअर , मैं डिलीवरी के मौके पर तुम्हारे साथ न था . मुझे अचानक जाना पड़ा और वहां भी ठीक मीटिंग में जाने से पहले शशि का फोन आया . उस समय मैं चाह कर भी न आ सकता था .तुम्हें दिक़्क़त हुई होगी , मैं समझ सकता हूँ .”


“ मैं तो घबरा गयी थी पर शशि ने सिचुएशन को अच्छे से हैंडल किया .दिक्कत तो नहीं पर जब तक डिलीवरी नहीं हुई थी मैं डरी हुई थी . “


तभी दरवाजे पर दस्तक दे शशि अंदर आया . राहुल को देख कर वह बहुत खुश हुआ और बोला “ बेटा मुबारक हो भाई .”


“ तुम्हें भी भतीजा मुबारक हो . तुम्हारा शुक्रिया अदा शब्दों में नहीं किया जा सकता है .तुमने मधु और बेटे दोनों की जान बचाई है .”


“ सिर्फ बातों से काम नहीं चलेगा , मुंह मीठा कब कराएँगे .”


राहुल ने तुरंत बैग खोल कर दो डब्बे निकाले और कहा “ लो जितना जी चाहे खाओ , कोलकाता के रसगुल्ले और दिल्ली का सोहन हलवा दोनों हैं .”


शशि ने सोहन हलवा के तीन पीस निकाले . एक खुद खा कर बाकी राहुल को देते हुए कहा “ एक तुम्हारे लिए और एक मधु के लिए .”


राहुल ने पहले मधु को खिलाया फिर खुद भी खाते हुए बोला “ डॉक्टर ने डिस्चार्ज के बारे में क्या कहा है ? “


शशि ही बोल पड़ा “ अभी मैं उसी से मिल कर आ रहा हूँ . डॉक्टर ने कहा है कि वैसे तो सब कुछ नार्मल है पर अभी 24 घंटे और रुकना बेहतर होगा , ख़ास कर बच्चे के लिए . “


“ तुम थके होगे , घर जा कर आराम करो .शशि को भी लेते जाओ , यह भी तीन दिनों से भाग दौड़ करता रहा है . यहाँ नर्स और डॉक्टर 24 घंटे पेशेंट का पूरा ख्याल रखते हैं .मुझे तो बाहर का खाना खाने भी नहीं देते हैं , यहाँ आज पहली बार मिठाई खाई हूँ .” मधु बोली


“ आराम कहाँ ? अभी थोड़ी देर में मीटिंग का स्टेटस रिपोर्ट बना कर बॉस को मेल करना है . ठीक है , मैं चलता हूँ .कल सुबह आऊंगा .”


“ सॉरी , मैं पूछना भूल गयी .तुम्हारा मिशन सफल रहा ? “


“ हाँ , बहुत अच्छा रिजल्ट रहा है . पर एक सरप्राईज़ हुआ . मेरा फोन एयरपोर्ट पर एक लड़की से बदल गया था पर मुझे वापस भी मिल गया है . ”


“ घर से बाहर निकलते ही फ्लर्टिंग शुरू कर दी तुमने ? “ मधु ने मुस्कुराते हुए व्यंग किया


“ तुम मुझे बखूबी जानती हो . वैसे भी वह लड़की नहीं थी एक शादीशुदा औरत थी . वह भी कम्पनी के काम से सिंगापुर आयी थी . उसे दिल्ली जाना था . एयरपोर्ट पर चार्जिंग स्टेशन पर फोन बदल गए . दोनों के फोन एक समान थे . “


“ इतना एक्सप्लेन करने की जरूरत नहीं थी . इस मामले में तुम्हारी क्या हैसियत है ,मैं जानती हूँ . “


शशि ने बीच में टोकते हुए हुए “ वाह भाभी , भाई की शराफत को उसकी कमजोरी नहीं समझो . मैं तो भाई के ऑफिस भी गया था . कितनी खूसूरत इसकी सेक्रेटरी है . मैंने उससे बात भी की , वह अनमैरेड है . मैंने उससे कहा भी कहीं तुम मेरे भाई से फ़्लर्ट तो नहीं कर रही हो ? तो उसने कहा तेरा भाई खड़ूस है , मैं अपना समय उस में क्यों बर्बाद करूँ जहाँ कोई चांस ही नहीं हो . “


“ अच्छा तुम्हारा बकवास खत्म हुआ तो अब घर चलें ? “ राहुल बोला


राहुल और शशि दोनों घर लौट आये .दूसरे दिन सुबह राहुल अस्पताल जाने के लिए तैयार हो रहा था तभी मधु का फोन आया “ अभी अभी डॉक्टर देख कर गयी है .बोली कि शाम तक डिस्चार्ज कर देगी . तुम चाहो तो एक बार शाम को आ सकते हो .सुबह में रोज तुम्हारी चीफ के साथ मीटिंग होती है , मैं जानती हूँ . मुझसे फोर्मल्टी की कोई जरूरत नहीं है .”


राहुल सीधे ऑफिस चला गया . राहुल को चार बजे मधु का मेसेज आया “ डॉक्टर ने मुझे और बच्चे दोनों को डिस्चार्ज कर दिया है पर पेपर वर्क में करीब एक घंटा और लगेगा . तुम अपनी सुविधा से आ जाना . “


“ ठीक है , मैंने शशि को बेबी सीट खरीद कर दे दिया है .वह पहुँच रहा होगा , तब तक मैं भी वहां पहुँच जाऊँगा . “


उस दिन शाम तक मधु बच्चे के साथ घर आ गयी . घर पहुँच कर फ्रेश होने के बाद सबसे पहले मधु ने अपनी बेटी को गोद में ले कर उसे प्यार किया और कहा “ अब ख़ुशी का छोटा भाई आ गया है , उसे खेलने के लिये एक साथी मिल गया है . “


राहुल बोला “ अब हमें नए मेहमान के लिए एक अच्छा सा नाम रखना चाहिए . तुम भी सजेस्ट करो शशि . “


राहुल , मधु और शशि तीनों ने मिलकर बच्चे का नाम अद्विक रखा . शशि को तीन दिन बाद इंडिया लौटना था .

राहुल को फोन आया “ हाय , राहुलजी . मैं मोना बोल रही हूँ . आपको याद है या भूल गए ? “


“ नहीं , भूलूँगा कैसे ? तुम्हारा नंबर और नाम दोनों सेव किया हुआ है . कैसी हो मोना ? रिया की कजन हो इसलिए अब मैं तुम्हें भी तुम कहूंगा . ठीक रहेगा ? अगर हाँ तो तुम भी तुम कह सकती हो , ज्यादा फॉर्मल बनने की जरूरत नहीं है . “


“ नो प्रॉब्लम , रिया के बारे में एक न्यूज़ है . “


“ हाँ , कहो . “


“ रिया अभी सिंगापुर में है . जिसके साथ वह वहां गयी थी उसे अचानक टोक्यो जाना पड़ा . रिया के पास जापान का वीजा नहीं था . इसलिए आज भर वह सिंगापुर में है . कल शाम की फ्लाइट से लौट रही है . “


“ कहाँ ठहरी है , तुम्हें पता है ? “


“ हाँ , वह शंग्रीला होटल में रुकी है . हो सके तो उससे मिलने की कोशिश करें . आजकल डिस्टर्ब लग रही है , वह शायद अब इस काम से तंग आ गयी है . आपने कहा था कि आप उसकी मदद करना चाहते हैं , इसीलिए मैंने आपको फोन किया . “


“ बहुत अच्छा किया है तुमने , मैं देखता हूँ क्या कर सकता हूँ . “ बोल कर उसने फोन काट दिया और फिर शशि से बोला “ चल थोड़ा घूम के आते हैं . “


मधु के पूछने पर राहुल ने संक्षेप में रिया वाली बात उसे बता दी . शशि ठीक से कुछ समझ न सका था . शंग्रीला होटल जाते समय रास्ते में कार में उसने शशि को रिया की स्कूल से ले कर अभी तक की कहानी सुनाई .


राहुल ने शशि को रिसेप्शन पर रिया के बारे में पता करने को कहा . रिसेप्शन ने रिया के रूम में फोन किया तो वहां से कोई जवाब नहीं मिला . रिसेप्शन ने उसे कहा “ हो सकता है डाइनिंग हॉल में हो . आप चाहें तो वहां मिल सकते हैं . “


शशि और राहुल दोनों डाइनिंग हॉल में गए . राहुल ने रिया को पहचान लिया और दोनों उसके टेबल पर गए . राहुल ने कॉलेज के दिनों से ही दाढ़ी रखना शुरू कर दिया था और आँखों पर चश्मा भी चढ़ गया था . शशि ने पूछा “ क्या हम यहाँ बैठ सकते हैं ? “


“ इस टेबल को मैंने रिज़र्व किया है . और भी टेबल खाली हैं आप वहां जा सकते हैं . “


“ डिअर रिया , हमें आपकी कम्पनी चाहिए . “ राहुल ने कहा


“ हेलो , आप मुझे कैसे जानते हैं ? “


“ स्कूल के दिनों से रिया मैम . तुम शायद भूल गयी हो , भला राहुल तुम्हें कैसे भूल सकता है . कभी तुम गिरते गिरते मेरी बाहों में आ गयी थी . “ राहुल इतना बोल कर हँस पड़ा

क्रमशः


नोट - कहानी पूर्णतः काल्पनिक है .