HELMET - 2 Vismay द्वारा लघुकथा में हिंदी पीडीएफ

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HELMET - 2

उस बच्चे का रोना भी बडा अजीब सा था .मानो जैसे कोई बहुत ददँ में हो और रो रहा हो,इस बात ने कबीर को अंदर तक हिला के रख दिया.
कबीर को पता हीं नहीं चल रहा था की आवाज़ कहा से आ रही हैं, कयुं की आवाज़ चारो तरफ से आ रहीं थी. कबीर पसीना-पसीना हो जाता हैं पर बच्चे का कोई पता नहीं चलता. तब वो पुलिस को फोन करके पुरी accident की घटना का जिक्र करना जरूरी समझता हैं. और जेब से अपना फोन निकालता हैं. जैसे हीं कोल लगाता हैं तब उसे पता चलता है कि इस जगह पर network नहीं आ रहा, कबीर चलते चलते थोडा आगे निकल जाता हैं, और थोड़ी दुर उसे network मिल जाता हैं. वो कोल लगाता हैं और पुलिस वाले को accident की पुरी घटना और बच्चे के ऱोने की आवाज़ वाली बात बताता हैं. पुलिस उसे उस जगह का address और बाइक का नंबर बताने को कहती हैं...
कबीर address बताकर जैसे हीं बाइक का नंबर देखने के लिए मुडता हैं ,वहां पर कुछ नहीं होता, कुछ भी नहीं.. कबीर की हालत बहुत खराब हो जाती हैं ये सब देखकर. वो भागता भागता उस जगह पहुंचता हैं और पागलो की तरह सोचता हैं की अभी हुआ कयां थोडी देर मैं.
वो आसपास हर जगह भागता हुआ देखता हैं पर कहीं भी कुछ भी नहीं मिलता. कबीर का डर कइ गुना बढ जाता हैं. उसे कुछ अनहोनी होने की आशंका होने लगती हैं. वो भागता हुआ अपनी बाइक के पास पहुंचता हैं और बाइक start करता हैं. वो धीमी गति से आगे बढ़ने लगता हैं. वो अभी 100या200 मीटर हीं दूर गया होगा की देखता हैं की ऱोड के बिचोबीच oil गिरा होता हैं. अगर कोई 100की speed से बाइक चलाते हुए इस oil से गुज़रता तो फिसलन और फिर मौत पक्की हैं..
कबीर सोच में पड जाता हैं की ये accident वाली जो घटना हुइ अभी अभी, वो कयां सिफँ मुझे रोक कर रखने के लिये थी जिससे में 100speed से बाइक चलाता हुआ इस ओइल से ना गुजरु, कयां कोई ताकत ने मुझे बचाने के लिए ये सब किया था. कबीर को कुछ समज नहीं आ रहा होता हैं उसका दिमाग सुन्न हो जाता हैं.
सोचना छोड़ कर कबीर सबसे पहले सड़क के किनारे से मिट्टी उठाता हैं और ओइल वाली जगह पर डाल देता हैं जिससे कोइ दूसरा ना फिसले. कबीर आगे बढ़ने लगता हैं. थोडी दूर हीं टोलनाका होता हैं, उसके किनारे एक बंदा हेलमेट बेच रहां होता हैं. कबीर उसके पास जाता हैं और उससे हेलमेट ख़रीदता हैं (जिंदगी में कभी भी हेलमेट नहीं पहनने वाला कबीर आज के वाकये के बाद हेलमेट पहनता हैं) उससे हेलमेट खरीदकर कबीर खुशी और गवँ से उसे गले लगा लेता हैं ये सोच कर की -इससे हेलमेट खरीदकर न जाने कितने लोगों की जान बच जाती होगी. ददँनाक accident से बच जाने के बाद लोग इसे कितनी दुआ देते होगे. कबीरअपने दिमाग मेतय करलेता है की वो शादी केalbumकी पहली फोटो priti के साथ हेलमेट और शादीकेजोडेमेंखिंचवायेगा,
-To be continued