पहला घूंट S Kumar द्वारा हास्य कथाएं में हिंदी पीडीएफ

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पहला घूंट

फेसबुक पर हुई दोस्ती के काफी दिन messanger chat के बाद जब उस दोस्त ने मेरी मिलने की इच्छा पर जब अपना इजहार जताया तो मिलने पहुंचते ही जैसे उसको देखा तो देखता ही रह गया इतनी खुबसुरत !! जैसी प्रोफाइल picture में देखता था उससे भी ज्यादा .. जब shake hand के बहाने मेरे हाथ ने उसके मखमली नर्म हाथो को छुआ तो कुछ ऐसा हुआ जैसे सीधे चाँद को ही छू लिया .. खुद एकदम निशब्द . मौन , सहमा सहमा सा उसके बाद उसके नर्म कोमल हाथों से बनी चाय का वो पहला घूंट पिया तो दिल को दिमाग ने समझाया

कहाँ तो फुर्सत से तराशा ये हुस्न कहाँ मैं अनसुलझी पहेली

कहाँ ये राजा भोज . और कहाँ मैं गंगू तेली

कहाँ तो वो wow पर wow Reaction वाली लाजवाब शायरी सी क्या बात

कहाँ मेरी बिना like बिना seen घिसे पिटे जोक वाली post सी औकात

ज़िन्दगी के सबसे खुबसुरत दिन के सबसे बेहतरीन लम्हों की उस हसीन मुलाकात के बाद वापसी के सफर पर दिलो दिमाग में आये ये कविता के कुछ अंश

तुम संजीव कपूर कोई नयी डिश जैसी

मैं ढाबे की बिन तड़कि दाल प्रिये

तुम होली की सुबह जैसी रंग बिरंगी

मैंनें होली की शाम सा बुरा हाल प्रिये

तुम 'मेमसाब' की मीठी डांट

में किसी गरीब की 'हाय' प्रिये

मैं बिन फ़िल्टर खारे पानी सा

तुम सुबह की पहली चाय प्रिये

तुम रौनक़ मुग़लगार्डन की

मैं मलबे का ढेर प्रिये,

तुम सुगंध खींचती सबको

मैं ठेलता दूर प्रिये

तुम किसी फंक्शन की लयबद ताली

मैं किसी रैली की हूट प्रिये

तुम सत्यम शिवम सुन्दरम सी

मैं सारे जहाँ का झूठ प्रिय

कैसे करूँ तुम्हे मैं सूट प्रिये
तुम चाय का पहला घूँट प्रिय ...

तुम Salery Day का यौवन हो,

मैं Month End का मलाल प्रिये

तुम ठण्डी सुहाती भोर सी निर्मल

मैं तपती दोपहरी सा कंटाल प्रिये

तुम मोदी जैसी शब्द बाण

में राहुल सी बिन पूछी राय प्रिये

तुम स्टारबक्स की कॉफ़ी हो

मैं कुल्हड़ वाली चाय प्रिये

तूँ राफेल सी स्वच्छ डील

मैं इल्ज़ाम लगाने वाला हूँ,

तुम हरिश्चन्द्र की वंशज हो

मैं वँश वाद घोटाला हूँ

तुम GST सी एक सहज सरल

मैं क़ई टैक्सों की लूट प्रिये

मैं नम्बर दो का धंधा हूँ

तू पाँच लाख तक इन्कम टैक्स छूट प्रिये

कैसे करूँ तुम्हे मैं सूट प्रिये
तुम चाय का पहला घूँट प्रिय ...

मैं लड़ता झगड़ता वर्कर हु

तुम voter एक रॉयल हो

मैं राजनीति की post पेलता

तुम musical group की कोयल हो

तुम हो कपोल ऐश्वर्या के,

मैं केजरीवाल का गाल प्रिये

तुम डेरी मिल्क की चोकलेट सी

मैं दाल में निकला बाल प्रिये

तुम विन डीजल की जैकेट हो

मैं आदित्य नाथ की शाल प्रिये

तुम मधुबाला सी मस्त मस्त

में राखी सावंत सा जंजाल प्रिये

मैं ऑटोग्राफ का भूखा फैन

तुम सेलिब्रटी सा क्रेज प्रिये

मैं रफ कापी सा घुचड़ मुचड़

तुम फेमिना का पहला पेज प्रिये

मैं रात की बासी रोटी सा

तुम नाश्ते का फ्रेश फ्रूट प्रिये

मैं उतरती दारू सा सरदर्द

तुम चाय का तरो ताज़ा घूँट प्रिये

कैसे करूँ तुम्हे मैं सूट प्रिये
तुम चाय का पहला घूँट प्रिय ... तुम चाय का पहला घूँट प्रिय