हिंदी मनोविज्ञान किताबें और कहानियां मुफ्त पीडीएफ

    सोंचना एक अच्छी आदत - 1
    by Alok Sharma
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    हम हमेशा क्यों सोंचते हैं क्योंकि सोंचना एक अच्छी आदत है ।  जरूरी नही की आप क्या सोंचते रहते है हर समय बल्कि जरूरी ये है कि आप जो ...

    कठिन पथ पर कैसे बढ़ें
    by Rajesh Kumar
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    उड़ने लगे धूल कण जब, पैर पथ पर बढ़ चले।हो बिछे कंट पथ पर, कठिनाइयां चाहे मिले।ध्येय ज्वाला जला हृदय में, नित्य आगे बढ़ चले।सफल परिश्रम हो हमारा,नित्य पथ अवलोकन करें।साथियों,    ...

    मन का पंछी
    by Dr. Vandana Gupta
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       सर्दियों की गुनगुनी धूप मुझे हमेशा ही आकर्षित करती रही है। आज भी इस महानगर की बालकनी में बैठी मैं मटर छील रही हूँ, मैथी पहले ही तोड़ ...

    उज्जड्
    by Alok Sharma
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    वह व्यक्ति जो बिना सोंचे समझे बगैर जाने बूझे किसी कार्य को करने के लिए तैयार हो जाता है ,और मना करने पर क्रोधित हो जाता है उजड्डता की ...

    अकेलापन
    by shekhar kharadi Idariya
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    आप सभी ने अवश्य कही न कही इस सायकाॅलोजी डिसआॅडॅर के विषय में आर्टिकल्स पढ़ें होगे । कुछ इसी तरह डिसोएक्टिव आइडेंटिटी डिसआॅडॅर के बारे , जिसे आमतौर पर ...

    काटो नहीं, फुफकारो
    by Ajay Amitabh Suman
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    काटो नहीं,फुफकारो गौतम बुद्ध अपने शिष्यों के साथ एक गांव के पास से गुजरे। गांव के बच्चों को एक खेल के मैदान में सहम कर खड़े हुए देखा। गौतम ...

    प्रकृति मैम - 2
    by Prabodh Kumar Govil
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                        प्रकृति मैम [ कहानी ]                              ...

    वो लडकी
    by Amit Katara
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    यह मेरे जीवन की वो घटना है जीस कभी भी नहीं भुले सकते तब मेरी उम्र 17 साल हो गई आप सोच रहे हो कि मैं बुढा हो गया ...

    पशुओं में मृगराज सिंह हूँ और मछलियों में घड़ियाल
    by Ajay Amitabh Suman
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    पशुओं मैं कृष्ण का मृगराज सिंह और मछलियों में घड़ियाल को चुनना कई सारे सवाल पैदा करता है , कृष्ण मृगराज सिंह को हीं चुनते है, अपनी विभूति को ...