कहानी "मेरी लाल साइकल" एक छात्र की है, जो अपनी दसवीं कक्षा के बोर्ड परीक्षा के परिणाम का इंतजार कर रहा है। वह और उसके मित्र सुबह-सुबह स्कूल पहुँचते हैं और परिणाम की घोषणा का उत्साह और चिंता दोनों महसूस करते हैं। जब परिणाम की सूची लगती है, तो वह खुश होकर पहले श्रेणी में पास होता है। उसके पिता उसकी सफलता पर गर्व करते हैं और उसे बर्फी का इनाम देते हैं। पिता उसे माँ दुर्गा का आशीर्वाद लेने की सलाह देते हैं। उसके सभी मित्र भी अच्छे अंकों से पास होते हैं, और दिन खुशी-खुशी बीतता है। शाम को, पिता एक लाल रंग की साइकल लेकर आते हैं, जो उसे उसकी सफलता का इनाम है। अगले दिन, वह और उसके मित्र अपनी नई साइकलों के साथ घूमने निकलते हैं, झील के किनारे जाकर नौका विहार करते हैं और आनंद मनाते हैं। यह कहानी खुशी, सफलता और दोस्ती की है। मेरी लाल साइकल Ved Prakash Tyagi द्वारा हिंदी पत्रिका 59.6k 3.4k Downloads 12.4k Views Writen by Ved Prakash Tyagi Category पत्रिका पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण पुलिस और अपराधी गठजोड़ के सामने एक आम आदमी कुछ नहीं कर पाता जबकि चोर और चोरी हुआ सामान पुलिस के सामने होता है और पुलिस चोर को बचाने के सभी प्रयत्न करती है और उसमे सफल भी होती है। More Likes This आवारा आतंक - 1 द्वारा Virendra Dewangan साइबर क्राइम - 1 द्वारा Virendra Dewangan रेशमाई शहजादों - अग्नि परी - 1 द्वारा kanta Rajkumar - 2 द्वारा Ram Make Hero - 8 द्वारा Ram Make Star Sentinals - 1 द्वारा Ravi Bhanushali Vulture - 1 द्वारा Ravi Bhanushali अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी