कहानी में उर्मिला और श्रीकांत की दैनिक जीवन की चुनौतियों को दर्शाया गया है। उर्मिला डॉ तनेजा की दवा से असंतुष्ट है और श्रीकांत से अस्पताल ले जाने की गुहार लगाती है। वह श्रीकांत पर गुस्सा निकालती है और बच्चों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी को लेकर चिंता व्यक्त करती है। बच्चे डर के मारे चुपचाप एक कमरे में बैठ जाते हैं। श्रीकांत अगले दिन उर्मिला को डॉ अजय के पास ले जाता है, जो एक अच्छे चिकित्सक हैं। अस्पताल में उर्मिला की जांच की जाती है, जबकि श्रीकांत उसके लिए खाने-पीने का इंतजाम करता है। वह डॉ अजय के एसी की मरम्मत का भी ध्यान रखता है, क्योंकि वह अस्पताल में एक मैकेनिक है। कहानी में परिवार की जिम्मेदारियों, संघर्षों और एक-दूसरे के प्रति प्रेम को दर्शाया गया है। काम की धुन Ved Prakash Tyagi द्वारा हिंदी लघुकथा 56.7k 1.5k Downloads 5.3k Views Writen by Ved Prakash Tyagi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण कैसे एक व्यक्ति अपने काम मे इतना मशगूल हो गया कि यह भी भूल गया कि उसकी पत्नी अस्पताल केन प्रांगण मे उसका शाम तक इंतज़ार करती रही और वह उसको वहीं भूल कर घर पहुँच गया। More Likes This मेरी जिंदगी का सफर 1 द्वारा Ankit Khatri अहमदाबाद के चर्चे द्वारा Devendra Kumar एक पुरुष—सबके बीच अकेला - 1 द्वारा Aloka Patel Anime - 2 द्वारा shifa आखिरी कोशिश - 1 द्वारा Subhan Khan कहाँ खो गया वह होशियार अजय - 1 द्वारा Anamika ठुकराईन नयना देवी - 3 द्वारा Vandna Sharma अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी