ख्वाबो के पैरहन - 1 Santosh Srivastav द्वारा उपन्यास प्रकरण में हिंदी पीडीएफ

ख्वाबो के पैरहन - 1

Santosh Srivastav मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी उपन्यास प्रकरण

चूल्हे के सामने बैठी ताहिरा धीमे-धीमे रोती हुई नाक सुड़कती जाती और दुपट्टे के छोर से आँसू पोंछती जाती अंगारों पर रोटी करारी हो रही थी खटिया पर फूफी अल्यूमीनियम की रक़ाबी में रखी लहसुन की चटनी ...और पढ़े

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