कहानी में नंदिनी को अचानक "मुबारक हो" सुनकर आश्चर्य होता है, जब वह अपने परिवार के सदस्यों को देखती है। उसकी माँ उसे बताती है कि उसने अपनी मेहनत का फल पाया है और उसे सरकारी पुरस्कार मिलने की चिट्ठी दी जाती है। इस खुशी के पल में नंदिनी की आँखों से खुशी के आँसू बहने लगते हैं, और वह अपने दर्द को भूल जाती है। वह अपने परिवार के साथ इस सुखद क्षण को साझा करते हुए सहजता से अपनी उपलब्धि पर विश्वास नहीं कर पा रही होती है। उसके पिता महावीर चौधरी दूर से उसे निहारते हैं और अपनी भावनाओं को छुपाने की कोशिश कर रहे होते हैं। यह कहानी नंदिनी की खुशी और सफलता के पल को दर्शाती है। आइना सच नहीं बोलता भाग ३१ Neelima Sharma द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 46.4k 3.4k Downloads 14.3k Views Writen by Neelima Sharma Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण साड़ी पहन कर पल्ला संवारते नंदिनी ने खुद को आईने में देखा। आत्मविश्वास से लबरेज जीवन से संतुष्ट सफल नंदिनी जो आज सैंकड़ों महिलाओं के जीवन को दिशा दे सकने में समर्थ है। रमा चाची सुनीता साक्षी के अक्स आईने में उभर आये जिन्होंने अपने जीवन को अपने दम पर सार्थक कर लिया। एक दिन इसी आइने में खुद को देख उसने नयी जिन्दगी के सपने बुने थे और फिर एक बार इसी आईने के सामने हताश हो गई थी वह। एक दिन इसी ने उसका उपहास उडाया था और आज यही आइना देखो कैसे भौंचक सा उसे देख रहा है। आज लालरंग की लिपस्टिक बिंदी चूड़ियाँ एक अलग ही अर्थ लिए हुए थी लाल लिपस्टिक लगा कर लट संवारते मुस्कुराते हुए नंदिनी ने कहा “आइने तुम सच नहीं बोलते। देखो मैने तुम्हें झूठा साबित कर दिया मैंने दिखा दिया कि जो तुम दिखाते हो वह सब सही नहींहोता होता वह है जो इंसान चाहता है।“ आइना शर्मिंदा था गोया उसे असली जिन्दगी के झूठे सपने दिखाकर कि विवाह के बाद लाल जैसा चटक रंग हमेशा खुशियाँ ही लाता हैं आज वही आइना उसे कह रहा था आईने के सामने देखे सपनो को पूरा करने के लिए जीवटता की जरुरत होती है कोरी कल्पनाओं की नही ............... . Novels आइना सच नहीं बोलता “रिश्ते सीमेंट और ईंटों की मज़बूत दीवारों में क़ैद हो कर नहीं पनपते... उन्हें जीने के लिये खुली बाहों का आकाश चाहिये। क्या विवाह हो जाना ही एक स्त्री... More Likes This चिट्ठी का इंतजार - भाग 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik उजाले की राह द्वारा Mayank Bhatnagar Operation Mirror - 3 द्वारा bhagwat singh naruka DARK RVENGE OF BODYGARD - 1 द्वारा Anipayadav वाह साहब ! - 1 द्वारा Yogesh patil मेनका - भाग 1 द्वारा Raj Phulware बेवफाई की सजा - 1 द्वारा S Sinha अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी