कहानी "ये क्या मज़ाक़ है?" में कॉलेज के दो दोस्त एक दिन कैंपस में घूमते हुए एक खूबसूरत लड़की ध्रुति को देखते हैं। ध्रुति का आकर्षण देखकर वे अपने गाने बदल देते हैं और उसकी ओर देखने लगते हैं। ध्रुति जब सीढ़ियों पर बैठती है, तब उसके पास एक कागज़ का टुकड़ा गिरता है, जिसमें कोई अनजान उसका ध्यान आकर्षित करने की कोशिश करता है। ध्रुति उस कागज़ को पढ़ती है जिसमें लिखा होता है कि वह अभी सामने नहीं आएगा। ध्रुति को यह मज़ेदार लगता है और वह आँख बंद करके कहती है, "आ जाओ।" जब वह आँखें खोलती है, तो सामने वही लड़का खड़ा होता है। वह उसे बताता है कि आज उसका कॉलेज में आखिरी दिन है और ध्रुति उसका पहला दिन है। उनकी पहली मुलाकात अच्छी होती है, और ध्रुति अगले दिन उसकी वापसी का इंतज़ार करती है। जब वह उसे फिर से देखती है, तो दोनों मुस्कुराते हैं और बातचीत शुरू करते हैं। कहानी में युवा प्रेम और कॉलेज के दिनों की मस्ती को दर्शाया गया है। ये क्या मज़ाक़ है Qais Jaunpuri द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 3.8k 2k Downloads 10.8k Views Writen by Qais Jaunpuri Category प्रेम कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण वो ध्रुति के घुटनों पे अपनी कुहनी रखके और अपना हाथ अपने गाल पे रखके उसकी आँखों में देखता है. - “फिर ” - “फिर के बच्चे…!!! आँखों में मत देखो. और इतना पास आने की ज़रूरत नहीं है.” ध्रुति उसका हाथ अपने घुटने से हटा के उसके हाथ में रख देती है. - “फिर कहाँ देखूँ ” - “बस, आँखों में मत देखो.” - “ठीक है.” - “और एक ही दिन में तुम सपने में भी आ गए.” अब वो ध्रुति की आँखों को छोड़, बाकी सब हिस्सों को घूर के देखता है. उसकी नाक, उसके होंठ, उसकी गर्दन, उसका सीना. ध्रुति के सीने पे आके उसकी नज़र रुक जाती है. वो एक गहरी साँस लेता है. - “फिर क्या हुआ ” - “फिर कुछ नहीं हुआ. अब तुम जाओ.” - “बहुत बड़े हैं!” - “स्टूपिड हो तुम. एक शरीफ लड़की को इस तरह देखते हैं ” ध्रुति जाने के लिए खड़ी हो जाती है. - “फिर किस तरह.... ” वो भी खड़ा हो जाता है. ध्रुति उसके चेहरे के पास आ जाती है और उसके होंठों पे एक प्यारा सा और देर तक चलने वाला ‘किस्स’ करती है. More Likes This बेजुबान इश्क - (सीजन 2) द्वारा soni कशिश - ए अहसास वह प्यार का - 1 द्वारा sumit kushwah खामोशी की धुन - 1 द्वारा Anime Toons समर्पण से आंगे - 1 द्वारा vikram kori पहली नजर का पहला प्यार द्वारा PAYAL PARDHI कुछ पल अनजाने से - भाग 1 द्वारा Gunjan Banshiwal मैं तेरे प्यार में पागल - 1 द्वारा Bharti 007 अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी