यह कहानी एक अधूरी चिट्ठी के बारे में है जो 4 सितंबर 16 को एक घर के दराज में मिली। चिट्ठी प्यार के भावों को व्यक्त करने के लिए लिखी गई थी, लेकिन यह कभी भेजी नहीं गई। इसमें कुछ पंक्तियाँ लिखी गई हैं, लेकिन खत्म नहीं हुई हैं। लेखक चिट्ठी की अधूरी जगहों को भरने के बारे में सोचता है और संभावित नामों का सुझाव देता है। कहानी में एक छोटी बच्ची, अपराजिता, के साथ संवाद भी है, जिसमें लेखक उसे विभिन्न कहानियाँ सुनाता है और जिंदगी के तत्वों को समझाता है। अपराजिता के साथ एक पहाड़ी नदी का अनुभव साझा किया गया है, जहाँ लेखक उसे पानी के महत्व और उसकी सुंदरता के बारे में बताता है। कहानी में प्रेम, स्नेह, और जीवन के अन्य पहलुओं की खोज की गई है, और यह दर्शाती है कि कैसे भावनाएँ और अनुभव एक दूसरे से जुड़े होते हैं। चिट्ठी महेश रौतेला द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 1.4k 2.2k Downloads 7.5k Views Writen by महेश रौतेला Category प्रेम कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण चिट्ठी बीते समय की।4 सितंबर 16 को एक चिट्ठी घर के दराज में मिली जो सालों पहले लिखी गयी है पर अधूरी है।अब तो चिट्ठी का समय खत्म सा हो गया है। चिट्ठी लिखी गयी है पर भेजी नहीं गयी । More Likes This इस घर में प्यार मना है - 4 द्वारा Sonam Brijwasi अनोखी प्रेम कहानी - 1 द्वारा kuldeep Singh घर से वापिसी - 1 द्वारा swati दीवाने की दिवानियत - एपिसोड 1 द्वारा kajal jha अनचाही शादी - किस्मत का सौदा - भाग 1 द्वारा Annu Kumari अधुरी डायरी द्वारा kajal jha अदृश्य पीया - 1 द्वारा Sonam Brijwasi अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी