"सोने के पंख" नामक इस जातक कथा में एक दयालु पुजारी का जीवन वर्णित है। वह अपने मंदिर में गरीबों की सेवा करता था और कभी भी दक्षिणा नहीं लेता था। पुजारी की पत्नी और बच्चों के साथ खुशहाल जीवन था, लेकिन एक दिन दिल का दौरा पड़ने से उसकी मृत्यु हो गई। उसकी मृत्यु के बाद, पुजारी के परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई, और गांव वालों ने भी उनकी मदद करना बंद कर दिया। धीरे-धीरे घर में गरीबी छा गई। पुजारी ने अगले जन्म में सुनहरे हंस के रूप में जन्म लिया, लेकिन उसे अपने पिछले जन्म की सारी बातें याद थीं। वह हमेशा अपने परिवार को याद करता था और उनकी चिंता करता था। एक दिन, हंसों के राजा ने उससे उसके दुःख का कारण पूछा, और उन्होंने उसे सलाह दी कि यदि वह अपने पिछले जन्म के परिवार की चिंता कर रहा है, तो उसे उन्हें मिलने का प्रयास करना चाहिए। इस कथा में दया, सेवा और पुनर्जन्म के विषयों की गहराई से चर्चा की गई है। भाग-१ जातक कथाएं MB (Official) द्वारा हिंदी लघुकथा 3.5k 3.3k Downloads 13.4k Views Writen by MB (Official) Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण Part 01-Jatak Kathein More Likes This प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (1) द्वारा Ramesh Desai अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी