एक ब्राह्मण ने एक रात स्वप्न में देखा कि उसने अपने मित्र से सौ रुपये उधार लिए हैं। जब वह सुबह उठा, तो उसे इस स्वप्न का अच्छा या बुरा फल जानने की इच्छा हुई और उसने अपने मित्रों से इस बारे में चर्चा की। धीरे-धीरे यह बात उसके मित्र तक पहुँच गई, जिसने सोचा कि वह ब्राह्मण से पैसे मांग ले। वह मित्र ब्राह्मण के पास गया और कहने लगा कि उसे सौ रुपये चाहिए, जो उसने उधार लिए थे। ब्राह्मण ने पहले तो इसे मजाक समझा, लेकिन मित्र की धमकी सुनकर वह डर गया। ब्राह्मण गरीब था और उसके पास पैसे नहीं थे। मित्र ने गवाही देने के लिए अन्य लोगों को बुलाने की धमकी दी। ब्राह्मण ने न्यायालय में इस मामले की शिकायत की। न्यायाधीशों ने दोनों पक्षों की बातें सुनीं, लेकिन कोई फैसला नहीं कर सके। मामला बादशाह के पास गया, जिसने देखा कि मित्र धोखा दे रहा है। बादशाह ने बीरबल को बुलाया ताकि वह इस मामले का न्याय कर सके। भाग-२ अकबर-बीरबल के लतीफे MB (Official) द्वारा हिंदी हास्य कथाएं 8.8k 5.7k Downloads 23.1k Views Writen by MB (Official) Category हास्य कथाएं पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण Part-2 Akbar-Birbal ke Latife More Likes This मोहल्ले की भव्य शादी - 1 द्वारा manoj मजनू की मोहब्बत पार्ट-1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik मजनू की मोहब्बत द्वारा Deepak Bundela Arymoulik सैयारा का तैयारा द्वारा dilip kumar झग्गू पत्रकार (व्यंग सीरीज) द्वारा Deepak Bundela Arymoulik देसी WWE - गांव के पहलवान बनाम विलायती दंगल ! - 1 द्वारा sachim yadav कॉमेडी का तड़का - 1 द्वारा Kaju अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी