दादा जी ने घर में शांति की कामना की, लेकिन बच्चों के बीच झगड़ा हुआ। निक्की और मणिका, जो पहले लड़ाई कर रहे थे, अचानक चुप हो गए और सोने चले गए। दादा जी ने उनकी शांति को देखकर राहत महसूस की और सो गए। कुछ घंटों बाद जब दादा जी जागे, तो उन्होंने देखा कि दोनों बच्चे अलग-अलग बैठे हैं। निक्की ने मणिका से कहा कि उसने दादा जी के पास जाकर उनके डर से नहीं लेटा, जबकि मणिका ने कहा कि उसने निक्की की वजह से शांति बनाए रखी। दोनों एक-दूसरे पर अपनी बात को सही साबित करने की कोशिश कर रहे थे। दादा जी ने उनकी बातें सुनीं और समझ गए कि अगर उन्होंने थोड़ी देर और की, तो झगड़ा फिर से शुरू हो जाएगा। उन्होंने बच्चों को चुप रहने के लिए कहा और उन्हें बताया कि अब वो दोनों बराबर पिटाई के लिए जिम्मेदार हैं। दादा जी ने उनकी लड़ाई का अंत करने का फैसला लिया। देवों की घाटी - 9 BALRAM AGARWAL द्वारा हिंदी बाल कथाएँ 3.8k Downloads 10.5k Views Writen by BALRAM AGARWAL Category बाल कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण जो व्यक्ति जितना ज्यादा घूमता है, वह उतना ही ज्यादा अनुभवी भी होता है। इसलिए बालकों में बचपन से ही यात्राओं में रुचि लेने की आदत डालनी चाहिए। यात्राएँ उनको अनुभवी और जिज्ञासु दोनों बनाती हैं। इस पुस्तक में निक्की और मणिका नाम के दो बच्चे अपने दादाजी जैसे अनुभवी व्यक्ति के साथ उत्तराखण्ड के जिला कोटद्वार के रास्ते भारत के आखिरी गाँव ‘माणा’ तक की यात्रा करते हैं। इस बीच अनेक रोचक घटनाएँ घटित होती हैं, जिनसे बालक बहुत-कुछ सीखते और समझते हैं। तो आइए चलते हैं—नैसर्गिक सुन्दरता के धनी, देवों की घाटी कहे जाने वाले उत्तराखण्ड के सुदूर गढ़वाल क्षेत्र में यात्रा की कहानी यानी बाल उपन्यास देवों की घाटी का नौवाँ हिस्सा… Novels देवों की घाटी उत्तराखंड जो व्यक्ति जितना ज्यादा घूमता है, वह उतना ही ज्यादा अनुभवी भी होता है। इसलिए बालकों में बचपन से ही यात्राओं में रुचि लेने की आदत डालनी चाहिए। यात्रा... More Likes This आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) छात्रों की स्वाभाविक इंटेलिजेंस ख़त्म कर रही है द्वारा Anugya Mishra चोर मचाए शोर - 1 द्वारा Virendra Dewangan घमंडी राजा और उसकी दयाल प्रजा - भाग 1 द्वारा Kahaniyon Ki lahar सिया का सपना द्वारा Vandna Sharma હું રમતી હતી ઓટલે - પ્રકરણ 1 द्वारा yogina patel काश! आसमान के भी पंख होते । - 1 द्वारा Sangeet kumar राहें - 4 द्वारा shiromani mathur अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी