काश! आसमान के भी पंख होते । - 1 book and story is written by sangeet Kumar in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. काश! आसमान के भी पंख होते । - 1 is also popular in Children Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. काश! आसमान के भी पंख होते । - 1 Sangeet kumar द्वारा हिंदी बाल कथाएँ 1 54 Downloads 177 Views Writen by Sangeet kumar Category बाल कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण एक तारा जो अंतरिक्ष में कहीं दूर खो गया था ।रात का समय था । चारों तरफ काली घटा पसरी हुई थी । मानो यह सब कुछ अपने अंदर समाने को आतुर हो और कोई इसे ऐसा करने से नहीं रोक सकता । सब जगह बस सन्नाटा ही सन्नाटा था । सभी घरो की बत्तियां बुझी हुई थी । सड़क पर एक लाइट चालू थी पर वो भी झप-झप(बंद- चालू) कर रही थी मानो वह भी काली घटा के आगे बेबस थी । यह पूरे गाँव में एकमात्र लाइट थी जो रात के समय काम करती थी । More Likes This काश! आसमान के भी पंख होते । - 1 द्वारा Sangeet kumar राहें - 4 द्वारा shiromani mathur नक्षत्र यात्री - 1 द्वारा mamta The Great Gorila - 1 द्वारा Ravi Bhanushali अमित की अनोखी दुनिया - 1 द्वारा Chhaya Dubey अमृत की खोज द्वारा ANOKHI JHA तेरी मेरी यारी - 1 द्वारा Ashish Kumar Trivedi अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी