ख्वाबों कि क़ीमत - 2 Khushi Saifi द्वारा उपन्यास प्रकरण में हिंदी पीडीएफ

ख्वाबों कि क़ीमत - 2

Khushi Saifi Verified icon द्वारा हिंदी उपन्यास प्रकरण

“मेरा सामान.. मेरा कमरा” ये लफ्ज़ बार बार अवनि के दिल पर घूंसा बन कर लग रहे थे, क्या उसका कुछ भी नही.. उसे यूँ महसूस हुआ कि सौरभ भी उसका नही, अचानक सब पराया सा लगने लगा.. ये ...और पढ़े