यह कहानी 1947 में भारत की स्वतंत्रता के बाद की परिस्थितियों को दर्शाती है। 200 वर्ष की औपनिवेशिक गुलामी ने भारतीय कृषि और संस्कृति को कमजोर किया, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्व-शासन व्यवस्था प्रभावित हुई। औपनिवेशिक शासकों ने खेती, हथकरघा और पारंपरिक उद्योगों को नष्ट किया, जिसके परिणामस्वरूप मजदूर वर्ग का उदय हुआ और शहरीकरण के साथ गरीबी और गंदगी बढ़ी। किसान, जो पहले अपनी भूमि पर श्रम करते थे, अब श्रमिक गुलाम बन गए हैं। पाश्चात्य जीवन पद्धति ने श्रम को निम्न श्रेणी का बना दिया, जिससे वर्ग भेद और सामाजिक समस्याएं बढ़ीं। कहानी यह सवाल उठाती है कि आज हमारे गाँवों और शहरों में स्वच्छता की कमी क्यों है और यह क्यों मान लिया गया है कि स्वच्छता और सुरक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी है। भारतीय नागरिकों की स्वच्छता के प्रति उदासीनता और उपभोक्तावाद की प्रवृत्ति ने हालात को और बिगाड़ दिया है। नागरिक केवल मतदान करके अपने कर्तव्यों से मुक्त हो जाते हैं, जबकि गांधीजी के अनुसार, अधिकारों की उत्पत्ति कर्तव्यों के पालन से होती है। यदि सभी लोग अपने कर्तव्यों का पालन करें, तो समस्याओं का समाधान संभव है। श्रमदान से स्वराज्य तक MANAN BHATT द्वारा हिंदी प्रेरक कथा 2.8k 2.2k Downloads 11.1k Views Writen by MANAN BHATT Category प्रेरक कथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण गांधीजी के बताये श्रमदान, स्वच्छता एवं सहभागिता के आदर्श मार्ग पर चलकर सच्चे स्वराज्य की प्राप्ति के आशय से यह पुस्तक को भारत की जनता के सामने अर्पण करता हूँ. More Likes This आजादी - 1 द्वारा Kuldeep singh सादगी के स्वर : लेखिका गीता कुमारी - 2 द्वारा Geeta Kumari ट्रिपलेट्स भाग 2 द्वारा Raj Phulware जहाँ से खुद को पाया - 1 द्वारा vikram kori 8:30 pm शांति एक्सप्रेस - 1 द्वारा Bhumika Gadhvi स्वयं पर नज़र: जीवन को समझने का असली मार्ग - 1 द्वारा Sweta Pandey बलवीर की बल्ली - भाग 1 द्वारा Raj Phulware अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी