यह कहानी "बदलते रिश्ते" के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसमें समय के साथ रिश्तों में बदलाव, आत्म- पहचान की खोज, और प्यार की जटिलताओं का वर्णन है। कविता में वक्त की रुकावट की इच्छा व्यक्त की गई है, जिससे जीवन की कठिनाइयों से बचा जा सके। वक्त के बदलते रिश्ते और जीवन की अजीब दास्तान का सामना करने की मजबूरी का जिक्र है। व्यक्ति अपनी पहचान और रिश्तों में उलझन महसूस करता है, अपने ही अंश को पराया बना देता है। किस्मत के खेल और उसके अनिश्चित परिणामों पर भी चर्चा की गई है। प्रेम की एक मुस्कान की चाहत और तन्हाई का दर्द बयां किया गया है। अंत में, दिल की दास्तान में प्रेम और उम्मीद की बातें हैं, जिसमें अपने मुकद्दर के लिए लड़ने का साहस है। कुल मिलाकर, यह कहानी रिश्तों की नाजुकता, आत्म-चिंतन, और प्रेम की गहराई को दर्शाती है। मुकद्दर Dr. Pruthvi Gohel द्वारा हिंदी कविता 3.3k 2.5k Downloads 12k Views Writen by Dr. Pruthvi Gohel Category कविता पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण This book is about poems. It includes 12 different poems on various topics. More Likes This सादगी के स्वर : लेखिका गीता कुमारी - 1 द्वारा Geeta Kumari जिंदगी संघर्ष से सुकून तक कविताएं - 1 द्वारा Kuldeep Singh पर्यावरण पर गीत – हरा-भरा रखो ये जग सारा द्वारा Poonam Kumari My Shayari Book - 2 द्वारा Roshan baiplawat मेरे शब्द ( संग्रह ) द्वारा Apurv Adarsh स्याही के शब्द - 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik अदृश्य त्याग अर्धांगिनी - 1 द्वारा archana अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी